इस मूड में नहीं खाया खाना तो पचाना हो जाएगा मुश्किल, Acharya Manish Ji ने किया एक्सप्लेन

Unhealthy Habits: ऐसे बहुत से लोग हैं जो सही तरह से खाना नहीं खाते हैं. इससे होता यह है कि खाना पेट में पचता ही नहीं है. यहां जानिए आचार्य मनीष जी का इसपर क्या कहना है.

Digestive health

Does Mood Affect Food: खाना खाने का तरीका अगर सही ना हो तो सेहत बिगड़ते देर नहीं लगती है. Image Credit- Pexels

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Digestive Health: खाना खाने को लेकर अक्सर कहा जाता है कि खाना हमेशा अच्छे मन से और अच्छे मूड से खाना चाहिए. मुंह फुलाकर या रोते हुए खाना खाया जाए तो इससे खाना पचता नहीं है. लेकिन, क्या सचमुच ऐसा ही होता है? आयुर्वेद एंड नेचुरोपैथी कंसल्टेंट और एक्सपर्ट आचार्य मनीष जी का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है जिसमें वे बता रहे हैं कि किस तरह आपका मूड आपके पाचन को प्रभावित करता है. चलिए आचार्य मनीष जी से ही जानते हैं कि वो कौनसा मूड है जिसमें खाना खाया जाए तो खाना ठीक तरह से नहीं पचता है.

किस मूड में खाना खाने पर नहीं पचता

आचार्य मनीष जी का कहना है कि अगर व्यक्ति स्ट्रेस में खाना खाता है तो उसके शरीर में पाचक रस नहीं बनते हैं. टेंशन होना, मूड खराब होना, लड़ाई हो या फिर गुस्सा आए तो इस तरह खाना खाने पर खाना नहीं पचता है. इसके लिए आचार्य मनीष जी (Acharya Manish Ji) ने बिल्ली का उदाहरण भी दिया. आचार्य जी ने बताया कि एक बिल्ली पर टेस्ट किया गया था. उसे दोपहर 2 बजे खाना खाने के लिए दिया गया और उसके आस-पास एक्सरे और एमआरआई मशीनों से उसकी जांच की गई. पाया गया कि ढाई घंटे में बिल्ली का खाना पूरी तरह पच गया है.

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अगले दिन दोपहर 2 बजे फिर से बिल्ली को खाना खाने के लिए दिया गया लेकिन इस बार बिल्ली के सामने से खाना खाने के दौरान ही एक कुत्ता गुजरा. बिल्ली को कुत्ते ने देखकर ना भौंका और ना ही काटा मगर फिर भी कुत्ते को देखकर बिल्ली ने भय में खाना खाया. जांच के बाद पता चला कि बिल्ली का खाना ढाई घंटे में भी नहीं पचा जिसकी वजह थी कि बिल्ली का स्ट्रेस हार्मोन बढ़ा हुआ था और उसके शरीर में पाचक रस नहीं बन रहे थे.

किस मूड में खाना चाहिए खाना

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जब मूड खराब (Bad Mood) होता है तो खाना सही तरह से हजम नहीं हो पाता है. इसीलिए खाना हमेशा अच्छे मन से खाने की सलाह दी जाती है. अच्छे मन से, खुशी से और रिलैक्स्ड होकर आराम-आराम से एन्जॉय करके खाना खाया जाए तो वह पचता भी है और शरीर को लगता भी है. इससे खाने के पूरे फायदे शरीर को मिलते हैं.

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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