Real vs Fake Nuts: देशभर में धूमधाम से दिवाली की तैयारियां चल रही हैं। इस त्योहार में बाजार भी खूब सजते हैं, जहां लोग शॉपिंग करने जाते हैं। इन चीजों में खाने-पीने की चीजें भी शामिल हैं। आप भी जरूर उन चीजों को खरीदते होंगे। हालांकि, इस बारे में ज्यादातर लोग जानते हैं कि त्योहार के समय बाजार में मिलावटी और नकली खाने-पीने की चीजें मिलती हैं। हम आपको अपनी रिपोर्ट के जरिए ऐसे 5 सूखे मेवों के बारे में बता रहे हैं, जो लगभग सभी लोग खरीदते हैं। इन नट्स में मिलावट भी सबसे ज्यादा होती है। जानिए इनमें असली-नकली कैसे पता लगाएं।
इस बारे में हमें यूट्यूबर और डाइटिशियन प्रेरणा बता रही हैं, जो कि एक यूट्यूब चैनल चलाती हैं। प्रेरणा अक्सर अपने वीडियोज के जरिए लोगों के साथ हेल्थ टिप्स शेयर करती रहती हैं।
इन 5 नट्स की करें पहचान
1. बादाम
सबसे पहले तो डाइटिशियन बताती हैं कि हमें कोई भी नट्स या ड्राई फ्रूट्स खुला नहीं खरीदना चाहिए। पैकेट वाले नट्स खरीदना फायदेमंद रहेगा। बादाम की पहचान के लिए आपको इसे अपनी हथेली पर रगड़ना होगा, अगर इसमें से गेरुआ रंग निकले तो समझ जाइए कि बादाम नकली है। असली बादाम ना ही ज्यादा चमकता है और ना ही ज्यादा डार्क कलर का होता है। बादाम को भिगोने के बाद यदि पानी का रंग ब्राउन हो जाए तो भी संकेत है कि बादाम नकली और केमिकल से तैयार किया जाता है।
नकली काजू अक्सर वनस्पति ऑयल की मदद से बने होते हैं। इन काजुओं का रंग पीला और उनमें थोड़ा-थोड़ा तेल जैसा भी दिखेगा। नकली काजू को चबाकर देखें, अगर ये दांतों में चिपकते हैं तो काजू मिलावटी है। असली काजू सूखे-सफेद रंग के और उनमें सौंधी खुशबू आती है।
अखरोट के लिए डायटीशियन का कहना है कि कभी भी हमें इनकी गिरी नहीं खरीदनी चाहिए, मतलब छिलके निकले हुए अखरोट। अब असली अखरोट की पहचान के लिए आपको देखना होगा कि पूरे शेल वाले (छिलके वाले) अखरोट का रंग काला नहीं होना चाहिए, साइज में ज्यादा बड़ा नहीं होना चाहिए। अखरोट का रंग हल्का भूरा होना चाहिए।
यह नट बाकी मेवों के मुकाबले काफी महंगा होता है। इसमें मिलावट भी सबसे अधिक की जाती है। असल में, मूंगफली को हरा-बैंगनी रंग देकर, उसे पिस्ता बनाकर बेचा जाता है। कई बार पुराने और खराब पिस्ता को भी नया रंग देकर बेचा जाता है। पिस्ता चेक करने के लिए आपको इन्हें अपने हाथों पर घिसकर देखना होगा, नहीं तो आप इन्हें पानी में भिगोकर रख सकते हैं। हरा रंग निकले तो पिस्ता नकली है।
किशमिश में कई तरीकों से मिलावट की जाती है। जैसे- खराब और पुराने किशमिशों को रंग देकर नया बनाना। खराब और सड़े हुए अंगूरों को भी केमिकल और कलर देकर नया बनाया जाता है। किशमिश को ज्यादा मीठा बनाने के लिए इन्हें शुगर सिरप में डुबोकर रखा जाता है। किशमिश की पहचान करने के लिए आपको इनकी चिपचिपाहट देखनी होगी। अगर हाथों में ये चिपचिपे लगे तो नकली है। इसके अलावा किशमिश का ज्यादा मीठा होना भी मिलावटी होने का संकेत है। असली किशमिश खाने में थोड़े मीठे और थोड़े खट्टे होते हैं।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।