हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

क्या लकड़ी के बिस्तर पर सोना अच्छा है? आचार्य मनीष जी ने बताया अच्छे पॉश्चर के लिए चारपाई पर सोना क्यों है बेस्ट

Charpai Par Sone Ki Fayde: अगर आपके कमर में दर्द या घुटनों में दर्द हो रहा है तो यह लेख आपके लिए मददगार साबित हो सकता है, क्योंकि कमर में दर्द होने की वजह बेड भी हो सकता है. आचार्य मनीष जी का कहना है कि लकड़ी के बेड पर सोने से अच्छा है कि आप चारपाई पर सोना शुरू कर दें

विज्ञापन
लकड़ी के बिस्तर पर सोने के नुकसान- Image Credit- Shutterstock

Wooden Bed Sleeping Side Effects: आजकल ज्यादातर लोग फोम या स्प्रिंग वाले गद्दों पर सोते हैं, लेकिन पारंपरिक तौर पर लोग चारपाई पर सोया करते थे और आंगन में लोग चारपाई भी रखा करते थे. हालांकि, वक्त के साथ-साथ लोग लकड़ी के बेड पर शिफ्ट हो गए हैं जो दिखने में आरामदायक लगता है, लेकिन धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहा है. इसको लेकर आचार्य मनीष जी का कहना है कि सोने का शरीर पर सीधा असर पड़ता है. इसी विषय पर आचार्य मनीष जी ने बताया कि सही पॉश्चर और रीढ़ की सेहत के लिए चारपाई कई मायनों में फायदेमंद हो सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं लकड़ी के बिस्तर या चारपाई पर सोने के फायदे और किन लोगों को इसे अपनाना चाहिए. 

इसे भी पढ़ें- हार्ट ब्लॉकेज से पाना चाहते हैं राहत? अपनाएं बाबा रामदेव के बताए ये असरदार उपाय, जल्द दिखेगा फर्क

लकड़ी के बिस्तर पर सोने के नुकसान

लकड़ी का बिस्तर कई लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन हर व्यक्ति के लिए यह सही हो ऐसा जरूरी नहीं है. इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं. इसपर आप सभी को ध्यान देने की जरूरत है. 

विज्ञापन
  • ज्यादा सख्त होने की वजह से दर्द बढ़ना 
  • बुजुर्गों के लिए खतरनाक 
  • पतले शरीर वाले लोगों को परेशानी होना 
  • सर्दियों में ठंड का अहसास
  • लकड़ी का बिस्तर शरीर गर्म करना

चारपाई पर सोने के फायदे

आचार्य मनीष जी का कहना है कि लकड़ी के बेड पर सोने से अच्छा है कि आप चारपाई पर सोना शुरू कर दें, क्योंकि इस पर सोना काफी अच्छा माना जाता है. 

  • रीढ़ की हड्डी सीधी रहना 
  • बेहतर पॉश्चर बनना 
  • शरीर का तापमान संतुलित रहना 
  • पीठ दर्द में राहत मिलना 
  • एलर्जी का खतरा कम करना 

चारपाई पर सोना क्यों माना जाता है बेस्ट? 

आचार्य मनीष जी के अनुसार चारपाई प्राकृतिक और संतुलित नींद के लिए बेहतर मानी जाती है. इसमें शरीर का दबाव समान रूप से बंटता है और हवा का प्रवाह बना रहता है. साथ ही, शरीर ज्यादा रिलैक्स रहता है और अत्यधिक नरमी से होने वाले पॉश्चर दोष से बचाव होता है. उन्होंने यह भी बताया कि बहुत मोटे और नरम गद्दे धीरे-धीरे शरीर की संरचना पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं. इसलिए इससे बचना चाहिए, जो आजकल काफी मुश्किल हो गया है. 

विज्ञापन

इन टिप्स को करें फॉलो 

  • अचानक बहुत सख्त बिस्तर पर ना जाएं और धीरे-धीरे बदलाव करें. 
  • हमेशा पतली दरी या चादर का इस्तेमाल करें. 
    सही तकिया चुनें, क्योंकि बहुत ऊंचा या बहुत पतला तकिया अच्छा नहीं होता. 
    सोने की पोजीशन पर ध्यान दें, क्योंकि सोते वक्त ही पॉश्चर खराब होता है.

इसे भी पढ़ें- 1 महीना रोज सुबह ग्रीन टी पीने से क्या होगा? फायदे जान आज ही करेंगे डाइट में शामिल

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola