कार्डियक अरेस्ट से 1 घंटा पहले शरीर दे सकता है यह 9 संकेत, Nana Patekar की इसी Cardiac Arrest से गई जान

Nana Patekar Death Reason: कार्डियक अरेस्ट तुरंत आता है और कुछ ही मिनटों में व्यक्ति की जान जा सकती है. यूएस के नेशनल हार्ट, लंग एंड ब्लड इंस्टिट्यूट ने बताया है कार्डियक अरेस्ट आने से एक घंटे पहले शरीर क्या लक्षण दे सकता है.

Cardiac Arrest Warning Signs

कार्डियक अरेस्ट से पहले क्या होता है, जानिए यहां. AI Generated Image

Nana Patekar Death: एक्टर नाना पाटेकर का गोआ में कार्डियक अरेस्ट आने के कारण निधन हो गया है. नाना पाटेकर को कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest) के बाद अस्पताल लेकर जाया गया था और 45 मिनट तक सीपीआर दिया गया था जिसके बाद उन्होंने दम तोड़ दिया. कार्डियक अरेस्ट तुरंत आता है जिसमें दिल काम करना बंद कर देता है और दिमाग समेत शरीर के किसी अंग तक खून नहीं पहुंच पाता है और व्यक्ति की जान चली जाती है. यूएस के नेशनल हार्ट, लंग एंड ब्लड इंस्टिट्यूट ने बताया है कि कार्डियक अरेस्ट आने से 1 घंटे पहले शरीर क्या चेतावनी संकेत (Cardiac Arrest Warning Signs) दे सकता है.

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कार्डियक अरेस्ट आने के चेतावनी संकेत

कार्डियक अरेस्ट आने से 1 घंटे पहले व्यक्ति को इनमें से एक या ज्यादा लक्षण (Cardiac Arrest Lakshan) दिख सकते हैं. इनमें से कुछ लक्षण ऐसे हैं जो कई हफ्तों पहले से दिखना भी शुरू हो सकते हैं. यहां हार्ट अटैक के कुछ चेतावनी संकेत दिए गए हैं जोकि कार्डियक अरेस्ट की वजह बन सकते हैं –

  • सांस फूलना जोकि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ज्यादा होता है
  • बहुत ज्यादा थकान महसूस होना
  • कमर में दर्द होना
  • पेट में दर्द होना
  • जी मिचलाना और उल्टी आना
  • छाती में दर्द होना
  • बार-बार चक्कर आना या बेहोशी छाना
  • बुखार जैसे लक्षण नजर आना
  • दिल की धड़कनों की गति का बदल जाना, कभी दिल तेज-तेज धड़कना, कभी फड़कना और कभी धड़कन का स्किप होना यानी छूट जाना.

तुरंत डॉक्टर से जांच करवाना है जरूरी

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कार्डियक अरेस्ट या हार्ट अटैक (Heart Attack) आने के एक या उससे ज्यादा लक्षण दिखें तो डॉक्टर से मिलने में देरी नहीं करनी चाहिए. जितनी जल्दी एक्शन लिया जाए उतना बेहतर होता है.

क्या कार्डियक अरेस्ट हार्ट अटैक से अलग होता है

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हां, कार्डियक अरेस्ट हार्ट अटैक से अलग होता है. हार्ट अटैक तब आता है जब दिल तक ब्लड फ्लो बाधित होने लगता है जिसकी वजह हार्ट मसल्स और रक्त वाहिनियों का अवरुद्ध होना यानी ब्लॉक होना होता है. कार्डियक अरेस्ट तुरंत आता है इसीलिए इसे सडन कार्डियक अरेस्ट (Sudden Cardiac Arrest) कहते हैं. कार्डियक अरेस्ट तब आता है जब दिल अचानक शरीर में इलेक्ट्रिक प्रॉब्लम के चलते काम करना छोड़ देता है और रुक जाता है. लेकिन, हार्ट अटैक आने पर भी कार्डियक अरेस्ट आ सकता है.

ECG से कार्डियक अरेस्ट का रिस्क किया जाता है चेक

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अगर डॉक्टर को लगता है कि आपको व्यक्ति में कार्डियक अरेस्ट के संकेत दिख रहे हैं तो डॉक्टर उसे ECG या EKG टेस्ट के लिए बुलाते हैं. इन टेस्ट्स में दिल की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी की जांच होती है. दिल का अल्ट्रासाउंड करके भी दिल की दिक्कतों को देखा जाता है. एक्सरसाइज स्ट्रेस टेस्ट, हॉल्टर मॉनीटर, जेनेटिक टेस्टिंग, कार्डियक MRI या इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी स्टडी भी की जा सकती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

Source - NIH

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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