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स्वस्थ शरीर के लिए कार्ब्स कितना जरूरी, कम और ज्यादा होने पर क्या हैं नुकसान

High And Low Carbs: कार्बोहाइड्रेट सारे तत्वों में से एक हैं जो शरीर को एनर्जी देते हैं। इसलिए आहार में इसकी मात्रा जरूरी है। शरीर में इसकी कम और ज्यादा मात्रा में सेवन से थकान नहीं होती है और कई चीजें कंट्रोल में रहती हैं।

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Image Credit: Freepik

High And Low Carbs: अकसर हम सोच में पड़ जाते हैं कि कार्ब्स से भरपूर कौन से ऐसे फूड हैं जो सेहत के लिए हेल्दी होते हैं और कौन से हानिकारक। ऐसा कहा जाता है कि डाइट में कार्बोहाइड्रेट की भी मात्रा बैलेंस होनी चाहिए। बहुत ज्यादा सेवन भी वजन बढ़ा सकते हैं। इनका सेवन शरीर में ताकत बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है। शरीर में इसकी कमी होने पर थकान और कमजोरी महसूस होती है। इसलिए जरूरी है इनके बारे में जानना। कार्बोहाइड्रेट को अच्छा और खराब कहने और बोलने की जगह इन्हें अच्छी तरह से डिफाइन कर सकते हैं। चलिए इस लेख के जरिए जान लेते हैं क्या है कार्ब्स-

कार्ब्स 

शरीर को ताकत देने का काम तीन प्रकार के भोजन के द्वारा किया जाता है, जिनमें कार्ब्स, प्रोटीन और फैट शामिल हैं। कई तरह के आहार में कार्ब्स (कार्बोहाइड्रेट) का सेवन करते हैं। शरीर भोजन में मौजूद उन कार्ब्स को ग्लूकोज में चेंज कर देता है, जो चीनी का एक रूप है। इसे आमतौर पर शरीर में हाई ब्लड शुगर लेवल के लिए मुख्य कारण माना जाता है। कार्ब्स के अलावा भोजन में मौजूद एनर्जी के अन्य दो प्रकार यानी फैट और प्रोटीन ग्लूकोज के लेवल पर असर नहीं करते हैं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि इनकी पाचन का पोसेस स्लो होता है, लेकिन ये सभी ऊर्जा देने का काम करते हैं।

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कॉम्प्लेक्स कार्ब्स (Complex Carbs)

खाने की ऐसी चीजें, जिनमें फाइबर और स्टार्च भरपूर होता है, उन्हें पचाने में ज्यादा टाइम लगता है। इनमें जरूरी विटमिंस, मिनरल्स, एंटी ऑक्सीडेंट्स और प्रोबायोटिक्स भी शामिल होते हैं, इनसे एनर्जी मिलती है और आपका ब्लड शुगर कंट्रोल में रहने के साथ-साथ पेट लंबे टाइम तक भरा महसूस होता है। साबुत अनाज, बीन्स, किनुआ, फलियां और ब्राउन राइस इसके बेहतरीन सोर्स हैं।

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सिंपल कार्बोहाइड्रेट (Simple Carbs)

नेचुरल या शुगर एडेड वाले फूड बहुत आसानी से पच जाते हैं, जैसे- फल, सब्जियां, दूध, चावल, आटा और सोडा। इनमें से कुछ न्यूट्रिशन से भरपूर होते हैं। फलों में विटामिंस भरपूर होता है, तो दूध प्रोटीन से भरपूर है। वहीं, अल्ट्रा प्रोसेस्ड सोडा जैसे खाने-पीने की चीज़ें सेहत को फायदा नहीं देती हैं। इसलिए इन्हें न खाने की सलाह दी जाती है।

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समझें लो कार्ब डाइट (Low Carbs Diet)

गुड कार्ब्स को रोजाना के कैलोरी सेवन में 30-40 % तक शामिल करना चाहिए। एक हेल्दी और बैलेंस डाइट में अच्छे कार्ब्स के साथ प्रोटीन और फैट्स भी जरूर होने चाहिए। इन दिनों कुछ लोग मोटापा कम करने के लिए लो कार्ब डाइट ले रहे हैं। जिसमें अनाज, स्टार्च वाली सब्जियां और फल, हाई प्रोटीन और फैट वाले खाने से ज्यादातर परहेज की सलाह देते हैं। लंबे समय तक लो कार्ब डाइट के सेवन से बॉडी में विटामिंस, मिनरल्स की कमी, हड्डियों में कमजोरी और पाचन की परेशानी भी बढ़ सकती है।

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इन्हें भी अपनाएं

खाने की चीजें जैसे- साबुत अनाज, छिलके के साथ साबुत फल, दालें और हरी सब्जियां सभी गुड कार्ब्स का सोर्स हैं, क्योंकि इनमें फाइबर, विटामिन और मिनरल भरपूर होते हैं। यह शुगर लेवल को ठीक रखने में मदद करते हैं और पोषण के साथ आपको काफी लंबे टाइम तक भरा महसूस करवाते हैं। वहीं, बिस्किट्स, सोडा ड्रिंक्स, मिठाई ये सभी बैड कार्ब्स हैं। इनमें पोषण और फाइबर कम पाया जाता है, ये कैलोरीज बढ़ाते हैं और साथ ही शुगर लेवल भी।

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Disclaimer: इस लेख में बताई गई जानकारी और सुझाव को पाठक अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। News24 की ओर से किसी जानकारी और सूचना को लेकर कोई दावा नहीं किया जा रहा है।

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