आज की भागदौड़ भरी और खराब लाइफस्टाइल में एसिडिटी (Acidity) की समस्या बहुत आम हो चुकी है. देश की बड़ी संख्या इस समस्या से जूझ रही है. देर से खाना, कभी ज्यादा मसालेदार खाना, तो कभी खाली पेट चाय पीना आदि आदतें पेट में जलन और गैस को बढ़ा देती हैं. कई लोग इसे मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन क्या आपने सोचा है कि अगर यही परेशानी बार-बार होने लगे तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकती है? अगर आपको हफ्ते में कई बार एसिडिटी होती है, तो इसे हल्के में लेना सही नहीं है. आइए जानते हैं क्या बाकी खतरनाक बीमारियों की तरह यह भी जानलेवा होती है?
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कब साधारण एसिडिटी बन जाती है GERD?
लगातार एसिडिटी बने रहना गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज यानी GERD का संकेत हो सकता है. इस स्थिति में पेट का एसिड बार-बार भोजन-नली में पहुंचने लगता है, जिससे जलन और सूजन होती है. विशेषज्ञों के अनुसार, GERD तुरंत जानलेवा नहीं होता, लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर यह गंभीर दिक्कतों को जन्म दे सकता है.
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GERD के सामान्य लक्षण कैसे पहचानें?
अगर आपको बदबूदार सांस, छाती में दर्द, लगातार खांसी, निगलने में कठिनाई, खट्टी डकार, जी मिचलाना या गले में खराश जैसी समस्याएं हो रही हैं, तो यह GERD के संकेत हो सकते हैं. कई बार लोग इन लक्षणों को साधारण गैस समझ लेते हैं, जिससे बीमारी बढ़ने का खतरा रहता है. सही समय पर जांच और इलाज बहुत जरूरी है. वरना समय के साथ यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है, जिससे आपको हर वक्त परेशान होना पड़ेगा.
बार-बार एसिड बनने से भोजन-नली में सूजन हो सकती है, जिसे एसोफैगिटिस (Esophagitis) कहा जाता है. इस स्थिति में निगलने में दर्द और परेशानी हो सकती है. लंबे समय तक इलाज न कराने पर भोजन-नली में छाले, सिकुड़न और यहां तक कि कैंसर (Cancer) का खतरा भी बढ़ सकता है. इसलिए लगातार जलन और दर्द को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है और वक्त रहते डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है.
किन कारणों से बढ़ती है एसिडिटी?
अब सवाल उठता है कि आखिर यह समस्या होती क्यों है? बता दें कि, चिकना, तला-भुना और ज्यादा मसालेदार भोजन एसिडिटी को बढ़ाने वाले सबसे आम कारणों में से एक हैं. जब हम जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं या बहुत देर रात भारी भोजन करते हैं, तो पेट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे एसिड ऊपर की ओर भोजन-नली में जाने लगता है. वहीं, शराब और कैफीन का अधिक सेवन भी पेट में एसिड का स्तर बढ़ा देता है.
अगर आप ज्यादा धूम्रपान करते हैं, तो भी यह समस्या हो सकती है, क्योंकि धूम्रपान करने से भोजन-नली और पेट के बीच मौजूद वाल्व (Sphincter) कमजोर हो सकता है, जिससे एसिड का रिफ्लक्स (Acid Reflux) बढ़ता है. इसके अलावा, पेट और कमर के आसपास जमा अतिरिक्त चर्बी, जल्दी-जल्दी खाना, तनाव आदि भी पेट पर दबाव बनाती है, जिससे जलन और खट्टी डकार की समस्या बढ़ सकती है.
एसिडिटी से राहत पाने के आसान उपाय
अगर आप इस समस्या राहत पाना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको अपनी डेली रूटीन में बदलाव करना होगा और सही जीवनशैली को अपनाना होगा.
- मसालेदार, तला-भुना और ज्यादा अम्लीय भोजन से बचें.
- सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले खाना खा लें.
- छोटे-छोटे हिस्सों में भोजन करें और अच्छी तरह चबाएं.
- वजन नियंत्रित रखें और रोज हल्की एक्सरसाइज करें.
- शराब और कैफीन का सेवन कम करें, धूम्रपान छोड़ें.
- रात में सोते समय सिरहाने की तरफ बिस्तर थोड़ा ऊंचा रखें. इन आदतों को अपनाने से आप इस समस्या से राहत पा सकते हैं.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.