Breast Cancer: ब्रेस्ट कैंसर का पता चलने के बाद 10 में से 6 महिलाएं मरीज ही 5 साल तक जिंदा रहती हैं। हालांकि, यह स्थिति पूरे देश में एक जैसी बिलकुल भी नहीं है। हर राज्य में कैंसर पीड़ित महिलाओं के जिंदा रहने की औसत अलग-अलग है, जिसे लेकर एक्सपर्ट्स ने कैंसर स्वास्थ्य देखभाल को लेकर चिंता भी जताई है। साल 2012 से लेकर 2015 के बीच रजिस्टर्ड इन मरीजों पर जून 2021 तक एनालिसिस किया गया, जिसमें पता चला कि देश में स्तन कैंसर की बीमारी का पता चलने के 5 साल तक महिलाओं के जीवित रहने की एवरेज रेट 66.40 % है, जो अलग-अलग राज्य में एक-दूसरे से अलग-अलग है।
अरुणाचल प्रदेश में सबसे कम जीवन
मेडिकल जर्नल अमेरिकन कैंसर सोसायटी में प्रकाशित स्टडी के मुताबिक, मिजोरम में 5 साल तक जीवित रहने की दर 74.9 %, अहमदाबाद में 72.7 %, कोल्लम 71.5 % और तिरुवनंतपुरम में 69.1 % हैं, जो नेशनल एवरेज से ज्यादा हैं। अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में केवल 41.9 % महिलाएं ही 5 साल तक जिंदा रह पाती है, जो देश में सबसे कम है।
ब्रेस्ट कैंसर के उपचार काफी आसान है, लेकिन अच्छे परिणाम तभी आते हैं, जब जल्द से जल्द जांच होती है।
Breast Cancer क्या है, जानें इसके कारण लक्षण और उपाय इस Video में-
Stage 1 ब्रेस्ट कैंसर में गांठ 2 cm से कम होती है, जिसका पता Mammography या Sonography से पता चलता है। इसके उपचार के लिए सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन और हार्मोनल थेरेपी दी जाती है। पहली स्टेज में 1 ब्रेस्ट कैंसर में सर्जरी(Surgery) और कीमोथेरेपी(Chemotherapy) 95% महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर को दूबारा होने से रोकने में मदद करती है।
Stage 2 ब्रेस्ट कैंसर में गांठ 2 cm से बड़ी होती है और वह बगल तक हो जाती है। 80% मरीजों में इसका इलाज किया जा सकता है। इसमें दवा या कीमो के द्वारा गांठ को छोटा करके सर्जरी, रेडिएशन दी जाती है।
Stage 3 ब्रेस्ट कैंसर में गांठ 5 cm से बड़ा होती है, इसमें बगल या गले के यहां गांठ हो सकती है और 60% मरीजों में इसका उपचार किया जा सकता है। इसमें भी सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन, हार्मोनल थेरेपी और टार्गेटेड थेरेपी से इलाज किया जाता है।
स्तन कैंसर के बाद बेहतर जीवन कैसे जिएं देखें Video में-
Stage 4 ब्रेस्ट कैंसर में गांठ हड्डियों, फेफड़ों, लिवर और दिमाग में फैलता है। इसके लिए आज कल एडवांस ट्रीटमेंट से कंट्रोल में रख सकते हैं, लेकिन इसके लिए पहले डॉक्टर से बात करें।
कब गंभीर हो सकता है Breast Cancer
AIIMS की Senior Dr. Neerja Bhatla ने बताया कि कई बार मरीज को कैंसर का पता काफी देर से चलता है या फिर पता लगने के बाद उपचार में देरी एक गंभीर परेशानी है। इसी तरह कई ऐसे मामले भी हैं, जिनमें इलाज के बाद भी कैंसर दूसरे अंगों को प्रभावित करने लगता है।
जरूरी है जागरूकता
Dr. Prashant Mathur, Director (NCDIR Delhi) का कहना है कि ब्रेस्ट कैंसर से बचने के लिए कैंसर को कंट्रोल करने के लिए कई नीतियों पर काम करना जरूरी है। इसके साथ ही समय पर जांच और उपचार को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
Disclaimer: इसमें दी गई जानकारी पाठक खुद पर अमल करने से पहले डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह जरूर कर लें। News24 की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।