बच्चों में ब्रेन ट्यूमर होने पर दिखते हैं ये 5 संकेत, भूलकर भी न करें इग्नोर

Brain Tumors In Children: बच्चों में होने वाले कैंसर भी कई तरह के होते हैं। इनमें एक है ब्रेन ट्यूमर, जो दूसरे नंबर का सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर पाया जाता है। बच्चों में ब्रेन ट्यूमर के जरूरी संकेतों के बारे में  हर माता-पिता को जानकारी होनी चाहिए। 

Brain Tumors In Children

बच्चों में ब्रेन ट्यूमर के संकेत Image Credit: Freepik

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Brain Tumors In Children: ब्रेन ट्यूमर आमतौर पर बड़ों को ही नहीं बच्चों में भी यह बीमारी पाई जाती है। आज कल के बच्चों की लाइफस्टाइल, ज्यादा गैजेट्स का इस्तेमाल करना भी ब्रेन ट्यूमर के मामले बढ़ा सकते हैं। जब किसी बच्चे में ब्रेन ट्यूमर का पता चलता है, तो समय पर उसके संकेतों की पहचान करना बहुत जरूरी है। क्योंकि बच्चों में ब्रेन ट्यूमर के संकेत कुछ ऐसे हैं, जिन्हें बिल्कुल भी इग्नोर नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा माता-पिता को अपने बच्चे की हेल्थ के मामले में काफी एक्टिव होने की जरूरत है।

ब्रेन ट्यूमर दिमाग में असामान्य सेल्स का बढ़ना पाया जाता है। ऐसे में टाइम पर बीमारी की पहचान न कर पाना कई मामलों में बच्चों की हालत को बिगाड़ सकते हैं। आइए जान लेते हैं कि कैसे दिखते हैं संकेत…

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बच्चों में ब्रेन ट्यूमर के संकेत

मतली और वोमिटिंग आना

जबकि ये लक्षण फ्लू जैसी सामान्य बीमारियों की नकल कर सकते हैं, इनका बने रहना, खासकर जब सिरदर्द के साथ, ब्रेन ट्यूमर से जुड़े बढ़े हुए इंट्राकोरोनल प्रेशर का संकेत हो सकता है।

लगातार सिरदर्द होना

ब्रेन ट्यूमर वाले बच्चों को अक्सर सिरदर्द महसूस हो सकता है, खासकर अगर यह सुबह के समय होता है। लगातार और बिगड़ते सिरदर्द के लिए तुरंत डॉक्टर से मिलें।

बोलने, देखने और सुनने में परेशानी

बच्चों में अलग-अलग संवेदी दोष, जैसे देखने या सुनने की हानि, साथ ही बोलने में परेशानी हो सकती है। माता-पिता को ऐसे किसी भी लक्षण को देखने पर तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।

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बैलेंस की समस्या होना और व्यवहार में बदलाव

ब्रेन स्टेम के पास ट्यूमर शरीर के बैलेंस में बाधा कर सकता है, जिससे प्रभावित बच्चों में इंबैलेंस की समस्या हो सकती है। बच्चे के व्यवहार में बदलाव, जिसमें मूड स्विंग, एक्टिविटी से दूर रहना, चिड़चिड़ापन शामिल है।

अटैक आना 

ब्रेन ट्यूमर, खासतौर से ब्रेन की लेयर पर मौजूद ट्यूमर, प्रभावित बच्चों में अटैक को ट्रिगर कर सकते हैं। इसलिए सही समय पर संकेत की पहचान करके इलाज लेना जरूरी है।

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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य ले लें। News24 की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।  

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