कैंसर एक गंभीर बीमारी होती है। इसके मामले दुनियाभर में पाए जाते हैं। कैंसर कई प्रकार के होते हैं, जिनमें से एक बोन यानी हड्डियों वाला कैंसर भी है। बोन कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि है जो हड्डी में शुरू होती है। बोन कैंसर किसी भी हड्डी में शुरू हो सकता है। मगर अधिकांश मामलों में जांघ की हड्डी को प्रभावित करता है। यह कैंसर शरीर के किसी अन्य अंग से भी शुरू हो सकता है जैसे कि फेफड़ों से शुरू होकर हड्डियों तक फैलना। हड्डी वाला कैंसर मुख्यत: बच्चों को होता है। आम हड्डी कैंसर के उपचार में सर्जरी, रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी शामिल हैं। आइए जानते हैं हड्डियों वाले कैंसर के लक्षणों व बचाव के उपायों के बारे में।
हड्डियों में कैंसर की शुरुआत कैसे होती है?
सबसे पहले जान लीजिए हड्डियों में कैंसर दो प्रकार के हो सकते हैं।
1. प्राथमिक हड्डी कैंसर Primary Bone Cancer)- यह कैंसर सीधे हड्डियों की कोशिकाओं से शुरू होता है। इसमें ओस्टियोसारकोमा, यूइंग्स सारकोमा, कॉन्ड्रोसारकोमा जैसे कैंसर शामिल होते हैं।
2. मेटास्टेटिक हड्डी कैंसर (Secondary Bone Cancer)- यह कैंसर शरीर के किसी अन्य भाग (जैसे ब्रेस्ट, फेफड़े या प्रोस्टेट) से हड्डियों में फैलता है। इस कैंसर की शुरुआत तब होती है, जब हड्डियों की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से विभाजित होने लगती हैं और गांठ या ट्यूमर बना लेती हैं। यह ट्यूमर आसपास की स्वस्थ सेल्स को नष्ट कर सकता है और शरीर के अन्य भागों में भी फैल सकता है।
ये भी पढ़ें- मेनोपॉज के बाद शराब महिलाओं के लिए कितनी खतरनाक? जानें सेहत पर क्या असर
हड्डी के कैंसर के संकेत
1. दर्द- लगातार और तेज दर्द खासकर रात के समय हड्डियों में होने वाला कैंसर।
2. कमजोरी- हड्डियों में कमजोरी महसूस करना भी बोन कैंसर का संकेत हो सकता है।
3. हड्डियों का जल्दी टूटना- अगर किसी को हल्की चोट में भी फ्रैक्चर जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, तो वह बोन कैंसर का संकेत है।
4. थकान और कमजोरी- अगर बिना मेहनत के भी आपका शरीर पूरा दिन थका हुआ महसूस करता है, तो यह आम संकेत नहीं है।
5. वजन कम होना- बिना डाइटिंग के अचानक वजन घटने की समस्या हो रही है, तो आपको इस संकेत को इग्नोर नहीं करना चाहिए। यह कैंसर का साइन हो सकता है।
बचाव के लिए क्या किया जा सकता है?
डॉक्टर विवेक वर्मा, हड्डी रोग ऑन्कोसर्जन, सीनियर कंस्लटेंट, मैक्स अस्पताल बताते हैं कि हड्डी के कैंसर के कई कारण अभी भी स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन कुछ सामान्य सावधानियां और उपाय अपनाकर हम इसके जोखिम को कम कर सकते हैं।
रेडिएशन एक्सपोजर से बचाव- जरूरी न हो तो, एक्स-रे या रेडिएशन थेरेपी लेने से बचें।
हेल्दी डाइट- अपने खाने में कैल्शियम, विटामिन-D और प्रोटीन से भरपूर आहार का सेवन करें।
नियमित जांच- अगर फैमिली हिस्ट्री है, तो समय-समय पर मेडिकल चेकअप जरूर करवाएं।
व्यायाम करें- हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम करें।
इसके अलावा, डॉक्टर बताते हैं कि शरीर या हड्डियों में आपको कोई भी नया बदलाव दिखाई दे रहा है, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह बोन कैंसर का साइन होता है।
जरूरी सलाह
हड्डी का कैंसर एक गंभीर बीमारी होती है, लेकिन यदि इसे शुरुआती चरणों में पहचान लिया जाए तो इसका इलाज भी संभव है। शरीर में आने वाले छोटे-छोटे बदलावों को नजरअंदाज न करें और समय रहते मेडिकल हेल्प लें।
ये भी पढ़ें- हार्ट अटैक को दावत देती हैं युवाओं की ये 3 आदतें, डॉक्टर ने किया खुलासा
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।
संबंधित खबरें
आखिर मासूम बच्चों को क्यों होता है कैंसर? माता-पिता जरूर जानें ये जरूरी बात
8 hrs agoबार-बार लगती रहती है भूख? ब्लड शुगर से हो सकता है कनेक्शन
10 hrs agoरोजाना 6 घंटे से कम सोते हैं तो जान लें सेहत पर पड़ने वाले ये प्रभाव
13 hrs agoसोने के वक्त क्यों याद आते हैं बॉस के ताने और अधूरे काम? ऐसे मिलेगी राहत
13 hrs agoव्रत रख रहे हैं तो कभी ना करें ये 5 गलतियां, हो सकता है नुकसान
17 hrs agoछोटी बात पर रोने या डरने लगता है बच्चा? कहीं एंग्जायटी का शिकार तो नहीं
1 day agoडायबिटीज के मरीज नवरात्रि में भूखे रहें या नहीं? जानिए व्रत रखते वक्त क्या
1 day agoसर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं? अक्सर महिलाएं कर देती हैं इग्नोर
1 day agoकैसे पता चलेगा आप या आपका कोई अपना हो गया है डिप्रेशन का शिकार?
1 day agoआखिर ट्रीटमेंट के बाद भी क्यों लौट आता है कैंसर? एक्सपर्ट जानिए वजह
2 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines