Bone Heal Spinal Fractures: आजकल कब, क्या और कैसे चमत्कार हो जाए, पता ही नहीं चलता. जो चीजें कभी असंभव लगती थीं, वही चीजें आज शोध और तकनीक के जरिए संभव हो रही हैं. जी हां, हम सही कह रहे हैं. हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक ऐसी खोज की है जो रीढ़ की हड्डी की चोटों के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है. इस नए शोध के मुताबिक, इंसान की चर्बी में कुछ कोशिकाएं ऐसी होती हैं, जो रीढ़ की हड्डी को ठीक करने का काम करती हैं. वो कैसे आइए इस लेख में जानने की कोशिश करते हैं.
ओसाका मेट्रोपॉलिटन विश्वविद्यालय ने की रिसर्च
ओसाका मेट्रोपॉलिटन विश्वविद्यालय ने शोध में इंसान की चर्बी से निकाले गए स्टेम कोशिकाओं का इस्तेमाल रीढ़ की हड्डी के फ्रैक्चर की मरम्मत के लिए किया. यह रिसर्च चूहों पर की गई, जिसमें उनकी रीढ़ की हड्डी की चोटों को आसानी से ठीक किया.
स्पाइनल इंजरी में आएगी काम
शोधकर्ताओं का कहना है कि चर्बी से निकाली गई स्टेम सेल्स न सिर्फ नसों को दोबारा जीवन देते हैं, बल्कि सूजन और दर्द को भी करते हैं. रिसर्ज के अनुसार, इन कोशिकाओं की मदद से स्पाइनल इंजरी के बाद होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है. हालांकि, यह पशु पर की गई रिसर्च थी, जिसे अब वैज्ञानिक इंसानों पर आजमाने की तैयारी में हैं.
लाखों मरीजों को मिलेगी राहत
अगर यह परीक्षण सफल रहा, तो भविष्य में रीढ़ की हड्डी की गंभीर चोटों का इलाज बिना सर्जरी के आसानी से किया जा सकेगा. हेल्थ सेक्टर में इसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जो लाखों मरीजों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है.
रिसर्च भविष्य में होगी सफल
डॉ. ताकाहाशी और उनकी पूरी टीम इस पर काम कर करे हैं और आने वाले समय में इलाज करना थोड़ा आसान हो जाएगा. इस अध्ययन ने रीढ़ की हड्डी के फ्रैक्चर पर ज्यादा जोर दिया गया है.