Blood Test Myth: ब्लड टेस्ट आधुनिक ट्रीटमेंट का एक आधार है, जिससे इलाज करने में सफलता मिलती है। खून की जांच से इंसान की सेहत और शरीर से संबंधित जरूरी जानकारियां मिलती हैं। हालांकि, ब्लड टेस्ट मेडिकल वर्ल्ड का सबसे चमत्कारी आविष्कार माना जाता है। खून की जांच किफायती दामों में हो जाती है और कई गंभीर बीमारियों के होने या न होने के बारे में जानकारी प्रदान करती है। मगर इसके बावजूद भी ब्लड टेस्ट को लेकर लोगों के बीच कुछ मिथक चर्चित हैं। आइए आपको बताते हैं इन मिथकों के बारे में क्या कहते हैं डॉक्टर।
डॉक्टर की राय
न्यूज 9 में पब्लिश एक रिपोर्ट के अनुसार डॉक्टर समीर भाटी, जिन्होंने अपनी टीम से बातचीत में बताया कि कुछ मिथक हैं, जिन पर लोगों को भरोसा है और हेल्थ सेक्टर का यह फर्ज बनता है कि लोगों को इन मिथकों के बारे में जरूरी जानकारी दें और यह भी बताएं कि किस पर विश्वास किया जा सकता है।
ये हैं 5 मिथक
1. ब्लड टेस्ट सिर्फ बीमारी में- खून की जांच सिर्फ तब ही की जाती है, जब आप बीमार हैं। यह एक गलत धारणा है। ब्लड टेस्ट आप बेहतर स्वास्थ्य, मेटाबॉलिक डिसऑर्डर से लेकर सीबीसी (CBC), डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल की जानकारी प्राप्त करने के लिए भी किया जा सकता है। किसी रोग का जल्दी पता लगाने के लिए नियमित रूप से ब्लड टेस्ट करवाना आपको बीमारी की गंभीर स्थिति से बचा सकता है।
ये भी पढ़ें: 21 दिन तक रोज पिएं इस पत्ते का जूस
2. ब्लड टेस्ट से पहले खाने-पीने से बचना- यह भी एक मिथक है कि ब्लड टेस्ट से पहले आप कुछ भी खा सकते हैं या कुछ भी नहीं खा सकते हैं। दरअसल, कुछ ब्लड टेस्ट ऐसे होते हैं जैसे कोलेस्ट्रॉल और शुगर टेस्ट के लिए आपको उपवास करना पड़ता है। खाने-पीने से टेस्ट के परिणाम प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए डॉक्टर की अडवाइस के अनुसार ही अपना ब्लड टेस्ट करवाएं।
3. ब्लड टेस्ट पूरी तरह सत्य होते हैं- लोग हमेशा मान लेते हैं कि ब्लड टेस्ट के परिणाम हमेशा सही होते हैं, बल्कि ब्लड टेस्ट सटीक होते हैं, लेकिन कभी-कभी तकनीकी कारणों के चलते परिणाम गलत भी हो सकते हैं, जैसे लैब की गलती, सैंपल की खराबी या मशीन का खराब होना। इसलिए, हमेशा ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट को किसी डॉक्टर से ही चेक करवाएं।
photo credit-freepik
4. ब्लड टेस्ट दर्द या जोखिम भरा हो सकता है- लोगों के बीच यह भी एक कॉमन मिथक है कि ब्लड टेस्ट से आपको कोई दर्द हो सकता है या इससे आपकी सेहत पर कोई असर पड़ सकता है। कुछ लोगों को गेज सुइयों के संपर्क में आने से डर लगता है। इसलिए, हल्की चुभन से भी इंसानों को घबराहट या खौफ होता है, जबकि ऐसा नहीं होता है। यह सिर्फ उनके मन में चल रही बातें होती हैं।
5. ब्लड टेस्ट से भविष्य में होने वाली बीमारियों का अनुमान लगाया जा सकता है- कई लोग सोचते हैं कि ब्लड टेस्ट से फ्यूचर में होने वाली बीमारियां जैसे कैंसर या हृदय रोगों के बारे में पहले से पता लगाया जा सकता है। जबकि इसके विपरीत ब्लड टेस्ट कुछ जोखिमों जैसे कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर, हार्मोनल इंबैलेंस का पता लगाने में मदद कर सकता है। यह कॉमन बीमारियां आगे चलकर गंभीर बीमार का कारण बन सकती हैं, लेकिन यह भविष्य में होने वाली सभी बीमारियों का सटीक रिजल्ट नहीं दे सकता है।
ये भी पढ़ें: आपको तो नहीं है विटामिन बी12 की कमी?
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।
संबंधित खबरें
अंडाशय के कैंसर में महिलाओं को पेट के आस-पास होती हैं ये 3 दिक्कतें
2 hrs agoमुंह के अंदर छाला और गांठ… ओरल कैंसर के क्या-क्या लक्षण हो सकते हैं
16 hrs agoबार-बार घेरती है मायूसी और बेचैनी? बाबा रामदेव के बताए 5 योगासन
20 hrs agoखाना खाने के बाद बढ़ जाती है शुगर तो 10 मिनट करें यह काम, AIIMS ने बताया
22 hrs agoहाथ सुन्न हो जाना या हाथों में झुनझुनी महसूस होना किस बीमारी का लक्षण है?
1 day agoब्रेस्ट में गांठ के बिना भी हो सकता है कैंसर, दिखें ये लक्षण तो रहें सतर्क
1 day agoचेहरा टेढ़ा होना, हाथ-पैर में अचानक कमजोरी या सुन्नपन… AIIMS ने बताया
1 day agoनेफ्थलीन बॉल्स का करते हैं इस्तेमाल? कई देशों में बैन है यह कीटनाशनक दवा
2 days agoHIV होने पर जीभ पर दिखते हैं ऐसे निशान, जानिए पुरुषों में एचआईवी के लक्षण
2 days agoबिना भूखे रहे और जल्दबाजी किए ऐसे घटाएं वजन, यहां जानें सीक्रेट
2 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines