हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Piles Disease: बवासीर किसकी कमी से होती है? यहां जानिए जड़ से खत्म करने के लिए क्या खाना चाहिए

Bawaseer Kyu Hoti Hai: इस बीमारी में Anal Canal की नसें सूज जाती हैं और मल त्यागते समय खून भी आने लगता है. इसलिए बवासीर का सही वक्त पर इलाज करवाना और गंभीर स्थिति से बचना जरूरी है. अगर एक बार मस्से हो गए तो इसे छुटकारा पाना मुश्किल हो जाता है.

विज्ञापन
की वजह से होती है। कुछ मामलों में बवासीर अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन कई बार इलाज की जरूरत पड़ती है-Image Credit- News24

Bawaseer Treatment: बवासीर (Haemorrhoids) जिसे पाइल्स के नाम से भी जाना जाता है. इस बीमारी में इंसान का बैठना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि इसमें मल त्यागने वाले स्थान पर मस्से हो जाते हैं. एक्सपर्ट आचार्य मनीष जी का कहना है कि इस दौरान गुदा नलिका (anal canal) की नसें सूज जाती हैं और दर्द, खुजली, जलन या खून आने जैसी समस्याएं सामने आने लगती हैं. यह बीमारी ज्यादातर उन लोगों को होती है जो लंबे समय तक बैठे रहते हैं या जिनके शरीर में किसी चीज की कमी हो जाती है. कुछ मामलों में बवासीर अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन कई बार इलाज की जरूरत पड़ती है. ऐसे में इससे बचने के लिए इन चीजों पर ध्यान देने की जरूरत है.

इसे भी पढ़ें- नीली हल्दी खाती हैं प्रियंका गांधी, चाय पार्टी में PM मोदी ने पूछे थे फायदे, आपको भी चौंका देगी Blue Turmeric

बवासीर किसकी कमी से होती है | Bawaseer Kiski Kami Se Hoti hai

बवासीर होती क्या है? 

बवासीर में मस्से गुदे (anus) के अंदर या बाहर हो जाते हैं. ये मस्से छोटे दानों जैसे दिखते हैं, जिनमें खुजली, दर्द, सूजन और खून आने की समस्या हो सकती है और ये अंदर-बाहर करते हैं तो और दर्द महसूस होता है. 

विज्ञापन

बवासीर होने की वजह 

बवासीर (haemorrhoids) होने की वजह फाइबर और पानी की कमी है. इनकी कमी से कब्ज और मल त्याग के दौरान जोर लगाना पड़ता है जिससे नसों पर दबाव पड़ता है और ये नसें सूज जाती हैं. इसके अलावा बवासीर को कई चीजें बढ़ावा देती हैं, आइए जानते हैं वो चीजें क्या हैं.

बवासीर होने के कारण 

  • कब्ज रहने या कठोर मल होने की वजह से नसें फूल जाती हैं और बवासीर की बीमारी हो जाती है. 
  • फाइबर की कमी से भी बवासीर हो सकती है, क्योंकि फाइबर कम होने से कब्ज रहता है. 
  • लंबे समय तक बैठे रहने और मल त्यागने वाले हिस्से पर ज्यादा जोर देने से भी बवासीर हो जाती है. 
  • मसालेदार चीजें खाने से भी ये बीमारी हो जाती है. 

बवासीर होने के लक्षण

  • मल त्यागने वाले हिस्से के आसपास खुजली होना 
  • बहुत जलन और दर्द रहना 
  • मल त्यागते समय या बाद में खून आना
  • गुदा के पास गांठ या सूजन महसूस होना
  • मल त्यागने में परेशानी होना 
  • बैठने में दिक्कत महसूस होना

बवासीर होने पर क्या खाएं?

फल खाएं- बवासीर होने पर उन फलों को खाएं जिनका सेवन करना पेट के लिए फायदेमंद हो सकता है. आप सेब, केला, पपीता, संतरा, तरबूज, अमरूद या अंजीर को खा सकते हैं. 
हरी सब्जियां खाएं- आप फाइबर युक्त सब्जी अपनी डाइट में शामिल करें जैसे पालक, मेथी, गाजर, टमाटर, लौकी, तोरई, बीन्स और अन्य पत्तेदार सब्जियों को शामिल करें. 
साबुत अनाज खाएं- पेट को भरने और हल्का रखने के लिए आप ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस, मल्टीग्रेन ब्रेड.दालें और फलियां आदि अपनी प्लेट का हिस्सा बनाएं. 

विज्ञापन

डॉक्टर के पास कब जाएं? 

आपको परहेज करना होगा और मसालेदार चीजें त्याग करनी होंगी. अगर इसके बाद भी आपको लगातार खून आने या जरूरत से ज्यादा दर्द महसूस हो रहा है तो आपको डॉक्टर के पास भी जाना चाहिए. उनसे बात करें और इलाज शुरू करें. 

इसे भी पढ़ें- Health Tips: आंखों में भी दिखते हैं Diabetes के संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

विज्ञापन

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

संबंधित खबरें

Tags:

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola