Back Pain: कई लोगों को रोज चेयर पर लंबे समय तक बैठने, झुकने या रोजमर्रा के काम करने में काफी दिक्कत होती है, जिसमें एक बड़ा कारण कमर दर्द होता है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को परेशान होना पड़ता है. ज्यादातर लोग इसे आम दर्द समझ कर या तो नजरअंदाज कर देते हैं या फिर अपने मन मुताबिक, कोई भी पेन किलर खा कर काम चला लेते हैं. लेकिन अगर दर्द बार-बार लौट रहा है और पैर तक भी महसूस हो रहा है तो इसे सिर्फ आम दर्द समझ कर नजरअंदाज करना बड़ी परेशानी की ओर इशारा कर सकता है. नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) के हिसाब से कुछ खास दर्द और लक्षण रीढ़ और डिस्क से जुड़ी समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं. आइए जानते हैं कि आखिर वो कौन से ऐसे 7 संकेत हैं जो NHS के मुताबिक नजरअंदाज नहीं करने चाहिए.

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स्लिप डिस्क आखिर होती क्या है? Slip Disc

हमारी रीढ़ की हड्डी कई छोटी हड्डियों से मिलकर बनी होती है और इनके बीच ही मौजूद होती है एक डिस्क जो एक तरह से कुशन का काम करती है. इस डिस्क के बाहर का हिस्सा मजबूत और अंदर का हिस्सा नरम होता है. इसी डिस्क का जब अंदरूनी हिस्सा बाहरी परत से बाहर की ओर उभरने लगता है तो वो पास की नस पर दबाव डालता है जिसकी वजह से दर्द और दूसरी दिक्कतें महसूस होने लगती है. इसे आम बोलचाल में स्लिप डिस्क और मेडिकल भाषा में हर्निएटेड या प्रोलैप्सड डिस्क कहा जाता है.

स्लिप डिस्क के संकेत

स्लिप डिस्क की स्थिति में कुछ संकेत भी दिखाई देते हैं, जिन्हें समझकर सही इलाज कराना जरूरी है. NHS के अनुसार, संकेत कुछ इस प्रकार है;

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कमर का दर्द लगातार बना रहे

स्लिप डिस्क का सबसे आम संकेत यही होता है कि सामान्य थकान या मांसपेशियों के दर्द की तरह जल्दी ठीक होने की बजाय इसका दर्द लंबे समय तक बना रहता है. खासकर जब आप लंबे समय तक बैठे रहते हैं या फिर आगे झुकते हैं तो आपको परेशानी हो सकती है.

दर्द कमर से पैर तक पहुंचने लगे

अगर आपका दर्द कमर से शुरू होकर पैर की तरफ नीचे जाने लगे तो ये स्लिप डिस्क का संकेत हो सकता है. ऐसे में सिर्फ कमर से नीचे पैर तक सिर्फ दर्द ही नहीं होता है बल्कि जलन, चुभन या करंट जैसा भी महसूस होता है. इस तरह के नर्व से जुड़े पेन को मेडिकल भाषा में साइटिका कहा जाता है.

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पैर या हाथ में झनझनाहट और सुन्नपन

स्लिप डिस्क की वजह से नसों पर दबाव पड़ता है जिसकी वजह से दर्द से प्रभावित हिस्से में सुई चुभने जैसा महसूस हो सकता है. यह झनझनाहट और सुन्नपन पैर, पंजे, हाथ या बांह में महसूस हो सकता है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आखिर कौन सी नस प्रभावित हुई है.

मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होना

स्लिप डिस्क होने पर केवल दर्द ही महसूस नहीं होता बल्कि ऐसा भी लगता है जैसे मांसपेशियों में ताकत ही न बची हो. कई बार आपको पैर उठाने में परेशानी, चीजें पकड़ ने में कमजोरी या चलते समय संतुलन बिगड़ने जैसी परेशानियां देखने को मिल सकती हैं. अगर आपको भी दर्द के साथ मांसपेशियों में कमजोरी महसूस हो तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं.

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खांसने-छींकने या हिलने पर दर्द बढ़ना

आपकी कमर में हो रहा दर्द अगर आगे झुकने, वजन उठाने, खांसने या छींकते समय और ज्यादा बढ़ जाए तो ये स्लिप डिस्क का लक्षण हो सकता है. नस पर ज्यादा दबाव पड़ने पर ये दर्द अचानक से बढ़ जाता है.

लंबे समय तक बैठना मुश्किल हो जाए

अगर लंबे समय तक चेयर पर बैठे रहने से कमर और पैर का दर्द अचानक से बढ़ने लगे तो ये स्लिप डिस्क का लक्षण हो सकता है. हालांकि कुछ लोगों को लगातार बैठने की तुलना में खड़े होने या हल्का चलने पर ज्यादा दर्द महसूस होता है.

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कमर का लचीलापन कम होना

स्लिप डिस्क का ये भी एक संकेत होता है कि पहले की तरह आसानी से झुकने या पीठ मोड़ने में कई बार परेशानी हो सकती है. मांसपेशियों में टाइटनेस के कारण मूवमेंट में परेशानी आ सकती है.

कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

अगर आपका दर्द कई हफ्तों तक बना हुआ है, हाथों और पैरों में भी सुन्नपन और दर्द महसूस होने लगा है और मांसपेशियों में कमजोरी आ गई है तो आपको तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए. जरूरत पड़ने पर आप MRI या CT जैसे टेस्ट भी करवा सकते हैं.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

Source: NHS