Autism Spectrum Disorder: ऑटिज्म एक ऐसी बीमारी है, जिसमें पीड़ित को बातचीत करने में, पढ़ने-लिखने और समाज में मेलजोल बनाने में समस्याएं आती हैं। इसे मेडिकल भाषा में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (Autism Spectrum Disorder) बोलते हैं। यह एक ऐसी कंडीशन है जिससे पीड़ित का दिमाग अन्य के मुकाबले अलग तरीके से काम करता है।
वहीं, ऑटिज्म से पीड़ित भी एक-दूसरे से काफी अलग होते हैं। यानी कि अलग-अलग मरीजों में अलग-अलग लक्षण दिखते हैं। वैसे तो इस बीमारी से पीड़ित जॉब करने, फैमिली और फ्रेंड्स के साथ मेल-जोल करने में योग्य होते हैं, लेकिन कई बार उन्हें इसके लिए दूसरों की हेल्प लेनी पड़ती है।
कई स्टडीज में ऐसा देखा गया है कि डायग्नोसिस और ट्रीटमेंट की मदद से लोगों को सामाजिक व्यवहार और नई स्किल्स सीखने में मदद मिलती है जिससे वे अपनी लाइफ बेहतर तरीके से जी पाएं।
ऑटिज्म के लक्षण
- बार-बार बोलना या बड़बड़ाना
- किसी चीज की तरफ इशारा करना
- किसी और की हेल्प से चलकर दूसरों के पास जाना
- आंखों में आंखें मिलाकर न देखना
ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों में लक्षण
- दूसरे बच्चों से घुलने-मिलने से बचना
- अकेले रहना
- खेल-कूद में हिस्सा न लेना
- चुपचाप बैठना
- दूसरों से कांटेक्ट न करना
- बातचीत के दौरान दूसरे के हर शब्द को दोहराना
- सनकी व्यवहार करना
- खुद को चोट लगाना या नुकसान पहुंचाना
- गुस्सैल, बेचैन, अशांत और तोड़फोड़ मचाने जैसा व्यवहार करना
- किसी काम को लगातार करते रहना
- एक ही शब्द को लगातार दोहराना
- दूसरे की फीलिंग्स को न समझना
- दूसरों की पसंद-नापसंद को न समझ पाना
- पुरानी स्किल्स को भूल जाना
ऑटिज्म के लिए कुछ घरेलू उपाय या नुस्खे हैं, जो इस समस्या को संभालने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इसे मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह लेने के बाद ही आजमाएं।
डाइट में बदलाव
ऑटिज्म के लक्षणों को कम करने में डाइट में बदलाव मददगार हो सकता है। कुछ लोगों के लिए ग्लूटेन या डेयरी प्रोडक्ट को खाने से लक्षण बढ़ सकते हैं, तो उन्हें इन्हें छोड़ने की कोशिश करें।
योग और प्राणायाम
ध्यान और प्राणायाम के अभ्यास से चिंता और तनाव को कम किया जा सकता है, जो ऑटिज्म के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है।
सेंसिटिविटी ट्रेनिंग
ऑटिज्म एक्सपर्ट के साथ काम करना और अपने बच्चे को सेंसिटिविटी का ट्रेनिंग देना सही रहता है।
एक्सरसाइज
रेगुलर एक्सरसाइज करना और शारीरिक क्रियाओं में सक्रिय रहना भी ऑटिज्म के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। यह सभी उपाय मददगार हो सकते हैं, लेकिन इसे शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
ये भी पढ़ें- वर्चुअल ऑटिज्म क्यों और कैसे बच्चों के लिए खतरनाक
संबंधित खबरें
आखिर ट्रीटमेंट के बाद भी क्यों लौट आता है कैंसर? एक्सपर्ट जानिए वजह
2 hrs agoनवरात्रि से पहले 15,000 की IV ड्रिप लगवा रहे हैं अहमदाबाद के Gen Z
6 hrs agoवैज्ञानिकों ने ढूंढ निकाला गांव जहां असाधारण लंबी उम्र जीती हैं महिलाएं
8 hrs agoक्या पोहा खाने से शुगर बढ़ सकती है? डॉक्टर ने बताया सुबह क्या न खाएं
11 hrs agoWorld Sight Day 2026: आंखों की रोशनी जाने के संकेतों को पहचानना है जरूरी
11 hrs agoथायराइड बढ़ने पर क्या खाएं? डाइट में शामिल करें ये चीजें, एक्सपर्ट से जानें
1 day agoबवासीर में देसी इलाज कराना पड़ सकता है भारी, जानिए ट्रीटमेंट कैसे होता है
1 day agoकार्डियक अरेस्ट से 1 घंटा पहले शरीर दे सकता है यह 9 संकेत
1 day agoमलेरिया होने पर क्या-क्या तकलीफ होती है? यहां जानिए मलेरिया के लक्षण
1 day agoNana Patekar Death Reason: नाना पाटेकर का कार्डियाक अरेस्ट से निधन
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines