Asthma Causes: मेनोपोज के बाद महिलाओं की जिंदगी में कई बदलाव आते हैं। हालांकि, कहते हैं कि ज्यादा जल्दी मेनोपोज होना सही नहीं है क्योंकि, पीरियड्स के चलते फीमेल्स का शरीर हमेशा टॉक्सिन्स को रिलीज करता है। मगर मेनोपोज में ज्यादा देरी होना भी सही नहीं है। इस स्थिति में भी आप गंभीर परिणामों का सामना कर सकते हैं। एक नई रिसर्च में खुलासा हुआ है कि जिन महिलाओं का मेनोपोज बढ़ती उम्र यानी 45 के बाद होता है, उनमें अस्थमा होने का खतरा ज्यादा रहता है। इससे पहले एक रिसर्च में पाया गया था कि जल्दी मेनोपोज से महिलाओं में हृदय रोगों का जोखिम बढ़ता है, वहीं इस बार देरी से मेनोपोज को लेकर एक और खुलासा हो गया है। जानिए रिसर्च के बारे में सबकुछ।
कहां हुई है रिसर्च?
यह रिसर्च टोरंटो में यॉर्क विश्वविद्यालय से डर्मालोक केसिबी द्वारा की गई थी। इस टीम ने ही पिछले साल अर्ली मेनोपोज (Early Menopause) के गंभीर परिणामों की खोज की थी। इस नए शोध में उन्होंने लेट मेनोपोज से महिलाओं में अस्थमा के जोखिम की संभावना जताई है। रिसर्च में उन्होंने पाया कि 44 उम्र की तुलना में 55 वर्ष की महिलाओं को 66 % ज्यादा अस्थमा होने की आशंका है। इस रिसर्च के लिए उन्होंने लगभग 14,000 महिलाओं पर टेस्टिंग की थी। इसके अलावा, हार्मोन थेरेपी लेने वाली महिलाओं को भी 63% तक अस्थमा का जोखिम है।

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अस्थमा होने के कारण
मेनोपोज के बाद अस्थमा होने के कुछ प्रमुख कारण हैं-
- मोटापा
- हार्मोन इंबैलेंस
- तनाव
- नींद में कमी होना
- पहले से किसी बीमारी का होना, जैसे- डायबिटीज या बीपी
अस्थमा की रोकथाम कैसे करें?
मेनोपोज के बाद अस्थमा से बचने के लिए रिसर्चर्स ने कुछ तरीके बताए हैं, जिसमें वजन नियंत्रण, हार्मोन संतुलन, सांस से जुड़े कुछ व्यायाम करने, घर की वायु की गुणवत्ता को साफ रखना, स्ट्रेस से बचने के साथ-साथ पर्याप्त नींद लेने और हाइड्रेशन मेंटेन रखने की सलाह दी है। इसके अलावा, मेनोपोज होते ही महिलाओं को डॉक्टर से परामर्श करने को कहा गया है ताकि वे उनकी सेहत को लेकर जांच कर सकें और कोई समस्या हों तो उसका भी समय रहते इलाज शुरू कर सकें।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।