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जोड़ों के दर्द से परेशान हैं तो इस तरह मिलेगा छुटकारा, बाबा रामदेव ने बताया आर्थराइटिस का रामबाण इलाज

Arthritis Home Remedies: आर्थराइटिस से परेशान हैं तो योगगुरु बाबा रामदेव का नुस्खा आपके काम आ सकता है. बाबा रामदेव ने कुछ ऐसे खानपान, आयुर्वेदिक औषधियों और योग का जिक्र किया है जो गठिया में राहत दिलाने का काम करते हैं.

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गठिया का रामबाण इलाज क्या है, जानिए यहां.

Arthritis Remedies: गठिया को आर्थराइटिस कहते हैं. यह ऐसी बीमारी है जिसमें जोड़ों में दर्द (Joint Pain) रहने लगता है. गठिया के मरीज को अक्सर चलने, उठने या बैठने में तकलीफ होने लगती है. ऐसे में जोड़ों की अकड़न, दर्द और सूजन को किस तरह कम करें यह बता रहे हैं योगगुरु बाबा रामदेव (Baba Ramdev). योगगुरु ऐसे खानपान, आयुर्वेदिक औषधियों और योग का जिक्र कर रहे हैं जो आपकी तकलीफ को दूर करने में असरदार होंगे. साथ ही, घुटनों को मजबूती मिलेगी सो अलग.

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आर्थराइटिस से कैसे मिलेगा छुटकारा

  • बाबा रामदेव बताते हैं कि आर्थराइटिस का दर्द दूर करने के अपने खानपान पर कंट्रोल करना जरूरी है. खजूर, अश्वगंधा और शतावर खाने से शरीर को शक्ति मिलती है. एलोवेरा, गिलोय, पारिजात, निर्गुंडी और सहजन का पानी पीने पर भी राहत मिलती है. एलोवेरा, मेथी और हल्दी की सब्जी बनाकर खाएं, आराम मिलता है. कोशिश करें कि आप उपवास ज्यादा करें. इससे आर्थराइटिस में तेजी से फायदा मिलता है.
  • रेहमटॉइड आर्थराइटिस के लिए गिलोय का काढ़ा पीना भी फायदेमंद होता है. रात के समय गिलोय, एलोवेरा, पारिजात और पीड़ान्तक क्वाथ का काढ़ा बनाकर पीने पर तकलीफ से निजात मिलता है.
  • बाबा रामदेव सलाह देते हैं कि अगर आपको आर्थराइटिस है तो आपको खट्टी चीजों का सेवन बंद कर देना चाहिए. इससे तकलीफ बढ़ सकती है.
  • मेथी के दाने अंकुरित करके खाने पर आर्थराइटिस में लाभ मिलता है. मेथी दानों के गुण दर्द को खींचने का काम करते हैं.

करें ये योग

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कपालभाति और अनुलोम विलोम रोजाना करने पर भी आर्थराइटिस दूर हो जाता है. बाबा रामदेव का कहना है कि जो लोग रोजाना आधे घंटे कपालभाति और अनुलोम-विलोम करते हैं उन्हें कभी आर्थराइटिस नहीं सताता है.

आर्थराइटिस कितने प्रकार का होता है

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आर्थराइिस मुख्यतौर पर 2 प्रकार का होता है, पहला ऑस्टियोआर्थराइटिस जो उम्र बढ़ने के कारण होता है. इसमें जोड़ो के बीच मौजूद कार्टिलेज घिस जाता है जिससे हड्डियां आपस में रगड़ने लगती हैं. दूसरा है रुमेटाइड आर्थराइटिस जोकि ओटोइम्यून बीमारी है जिसमें इम्यून सिस्टम गलती से जोड़ों के टिशूज पर हमला करने लगता है.

गठिया के मुख्य लक्षण क्या हैं

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  • गठिया होने पर जोड़ों में दर्द और सूजन रहने लगती है.
  • सुबह उठने पर जोड़ों में अकड़न महसूस होती है.
  • घुटने लाल नजर आने लगते हैं और छूने पर गर्म महसूस होते हैं.
  • चलने फिरने में कठिनाई होती है क्योंकि लचीलापन कम होने लगता है.

किन लोगों को हो सकता है गठिया

जिनकी उम्र ज्यादा है उन्हें गठिया की बीमारी हो सकती है. परिवार में किसी को गठिया रहा हो तो व्यक्ति को भी हो सकता है. किसी तरह की चोट लगने पर और मोटापे से गठिया होने का रिस्क बढ़ जाता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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