कैंसर एक खतरनाक बीमारी है जिसका इलाज बहुत ही मुश्किल है. हालांकि, अगर वक्त पर बीमारी का पता लगाया जाए तो कैंसर के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है. कैंसर के हर स्टेज की दवा और सर्जरी अलग-अलग होती है, जिसमें खून बहने या शरीर के अंगों को नुकसान भी पहुंच सकता है. कई बार सर्जरी के बाद भी मरीज को आराम नहीं मिलता और जरूरत से ज्यादा खून बहने की वजह से कमजोरी महसूस होने लगती है. इसलिए एम्स के डॉक्टरों ने कैंसर के ऑपरेशन के दौरान शरीर को ज्यादा नुकसान होने और खून बहने जैसे असर को कम करने के लिए एक नई तकनीक की खोज की है. यह तकनीक 255 सर्जरी के अध्ययन के बाद मिली है, जिससे ऑपरेशन को और सुरक्षित बनाया जा सकेगा.
कैंसर के ऑपरेशन में कम होगा खून बहना
कैंसर के ऑपरेशन में मरीज का खून जरूरत से ज्यादा बहने की वजह से कमजोरी हो जाती है. साथ ही, शरीर के कई हिस्सों को काफी नुकसान होता है. इस चीज को ध्यान में रखते हुए एम्स के डॉक्टर ने 255 सर्जरी के अध्ययन से जानकारी मिली है. इससे ऑपरेशन में आसानी होगी और खून कम बहेगा.
एम्स के डॉक्टरों ने की नई स्टडी
एम्स के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर एमडी रे और उनकी टीम ने महिलाओं में सर्वाइकल, एंडोमेट्रियल और ओवेरियन कैंसर की 225 सर्जरी का अध्ययन किया. इस दौरान 105 ऑपरेशन के तरीके में बदलाव किए गए हैं, जिसमें बच्चेदानी निकालने जैसी सर्जरी भी शामिल है. इस दौरान मरीज का ज्यादा खून बहने से रोका जाएगा और शरीर के दूसरे हिस्से को नुकसान भी कम होगा.
रेड अलर्ट जोन क्या है?
डॉक्टर रे और उनकी टीम ने बच्चेदानी की खून की नसों के बीच मौजूद हिस्से को रेज अलर्ट जोन का नाम दिया है. इस जगह खून पहुंचाने की नली से काफी पास होती है. ऐसे में ऑपरेशन के दौरान जरा सी गलती परेशानी पैदा कर सकती है. इस खतरे को कम करने के लिए रेड अलर्ट जोन तकनीक का पता लगाया गया है.
सर्वाइकल कैंसर शरीर में कैसे फैलता है?
कैंसर कहां तक फैला है, यह जानना बहुत जरूरी होता है क्योंकि इससे बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है. डॉक्टर का कहना है कि यह कैंसर बच्चेदानी, लिम्फ नोड्स और खून के जरिए दूसरे अंगों तक पहुंच सकता है.
सर्वाइकल कैंसर के कितने स्टेज होते हैं?
सर्वाइकल कैंसर को मुख्य रूप से चार स्टेज में बांटा जाता है. हर स्टेज यह बताता है कि कैंसर कितना बढ़ा है और शरीर के किन हिस्सों तक पहुंचा है. हालांकि, इसका पता टेस्ट के आधार पर ही लगाया जा सकता है.
रेज हेपेटोकैवल ट्रायंगल क्या है?
इस दौरान लिवर के पास की जाने वाली सर्जरी को आसान बनाया गया है. रेज हेपेटोकैवल ट्रायंगल लिवर के पास का हिस्सा है. इसकी पहचान से लिवर के कैंसर की सर्जरी में आसानी हो जाएगी. हालांकि, जरा सी लापरवाही से खून ज्यादा बहने का खतरा दोगुना बढ़ जाता है.
लिवर कैंसर क्यों होता है?
लिवर कैंसर होने की कोई एक वजह नहीं है. यह पलटाइटिस B और C इंफेक्शन, ज्यादा शराब का सेवन या फैटी लिवर की वजह से हो सकता है. लिवर सिरोसिस में कैंसर के खतरे ज्यादा हो सकते हैं.
लिवर कैंसर की आखिरी स्टेज क्या होती है?
लास्ट स्टेज में कैंसर लिवर से बाहर फैलकर फेफड़े, हड्डियों, दिमाग या लिम्फ नोड्स तक पहुंच सकता है. इस स्थिति में इलाज मुश्किल हो जाता है और मरीज को ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है.
अस्वीकरण– इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.