चेहरे की एक फोटो बताएगी कैंसर का मरीज बच सकेगा या नहीं, रिसर्च में 40,000,000 से ज्यादा लोगों की Photo से ट्रेन हुआ AI

द लांसेट डिजिटल हेल्थ में छपी रिसर्च के मुताबिक वैज्ञानिकों ने AI को 4 करोड़ से ज्यादा लोगों की फोटो और 30 हजार से ज्यादा कैंसर मरीजों की फोटो से ट्रेन किया है जिससे AI यह बता सकता है कि कैंसर के मरीज के बचने की कितनी संभावना है.

Cancer Research

कैंसर इलाज के क्षेत्र में AI से ली जा सकेगी मदद. Image Credits - AI

Cancer And AI: कैंसर के इलाज में रिपोर्ट्स देखकर और लंबी मॉनिटरिंग के बाद डॉक्टर इस निष्कर्ष पर आते हैं कि मरीज के बचने की संभावना है या नहीं. लेकिन, द लांसेट डिजिटल हेल्थ में छपी स्टडी रिसर्च के मुताबिक अब AI कैंसर के मरीज की फोटो देखकर यह बता सकेगा कि मरीज के बचने की संभावना कितनी है. अपनी रिसर्च में वैज्ञानिकों ने AI के इस मॉडल को 4 करोड़ से ज्यादा लोगों के चेहरों की फोटोज और 30 हजार से ज्यादा कैंसर के मरीजों की फोटोज से ट्रेन किया है. ट्रेनिंग के बाद एआई ने कैंसर सर्वाइवल के बारे में बताया है.

विज्ञापन
विज्ञापन

90 दिनों में मौत का जोखिम बताएगा AI

वैज्ञानिकों ने इस रिसर्च के लिए AI को ट्रेन किया है. इस रिसर्च के लिए AI ने मरीजों को जोखिम के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा. इसमें देखा गया कि किन मरीजों का स्कोर कितना है. जिन मरीजों का जोखिम स्तर सबसे ज्यादा था उनमें आने वाले 90 दिनों में मौत की आशंका भी ज्यादा देखी गई.

चेहरे के इस हिस्से को देखता है AI

विज्ञापन

AI के इस मॉडल ने लोगों के चेहरे की फोटोज को देखकर उनकी उम्र का अनुमान भी लगाया है जिसमें औसत त्रुटि करीब 5 साल रही. रिसर्चर्स ने बताया कि एआई चेहरे पर नाक के ऊपरी हिस्से और आंखों के नीचे के हिस्से पर खासतौर से ध्यान देकर आकलन करता है.

क्या अभी इस्तेमाल में लाई जा रही है यह तकनीक

विज्ञापन

AI से मरीज के जीने-मरने की संभावना बताने वाली यह तकनीक अभी चिकित्सीय इस्तेमाल के लिए तैयार नहीं है. इसके अलावा, अभी यह साबित होना भी बाकी है कि इससे डॉक्टरों के मौजूदा आकलन के अलावा कोई और अतिरिक्त जरूरी जानकारी मिलती है या नहीं. ऐसे में फिलहाल इस तकनीक को डॉक्टरों के निर्णय में मदद करने वाले एक्स्ट्रा साइन या संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

चेहरे से कैसे पता चलता है शरीर के अंदर का हाल

विज्ञापन

व्यक्ति जब बीमार होता है तो बीमारी के संकेत चेहरे पर भी नजर आने लगते हैं. ऐसा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर और अंगों की विफलता के कारण भी होता है. इससे चेहरे के आकार में फर्क आने लगता है, त्वचा की रंगत बदल जाती है, सूजन आ सकती है और कुछ स्पेसिफक दिक्कतें हो सकती हैं. ऐसे में बीमारी लंबी है या छोटी और किस स्टेज पर पहुंच चुकी है इसका अंदाजा कुछ हद तक चेहरे से भी लग जाता है.

विज्ञापन

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ