Acidity Medicine: एसिडिटी एक ऐसी समस्या है जो हर दूसरे-तीसरे व्यक्ति को हो जाती है, वहीं ऐसे भी बहुत से लोग हैं जो आयदिन एसिडिटी से परेशान रहते हैं. एसिडिटी के कारण पेट में गैस (Stomach Gas) बनने लगती है और सीने में जलन भी होती है. इससे बचने के लिए लोग अक्सर ही एसिडिटी की दवा लेते हैं और देखते ही देखते पूरी तरह से इन दवाओं पर निर्भर होने लगते हैं. इसपर हेल्थ एक्सपर्ट्स अक्सर बताते रहे हैं कि लगातार एसिडिटी की दवा लेना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. एसिडिटी की ये दवाएं प्रोटोन पंप इनहिबिटर्स (PIPs) कहलाती हैं जिनका लंबे समय तक इस्तेमाल करना पेट से लेकर शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित करता है. इस बारे में डॉक्टर का क्या कहना है आप भी जान लीजिए.
लंबे समय तक एसिडिटी की दवा लेना क्यों है खतरनाक
अपोलो अस्पतला, हैदराबाद के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने अपने एक्स अकाउंट से पोस्ट करके इस बारे में बताया है. डॉक्टर का कहना है कि एसिडिटी की दवाएं असल में साइलेंट हेल्थ क्राइसिस की तरह हैं. इन दवाओं से ना सिर्फ सीने में होने वाली एसिडिटी की जलन शांत होती है बल्कि इन दवाओं का लगातार इस्तेमाल करते रहे तो इसके लॉन्ग टर्म नुकसान भी हो सकते हैं.
किन अंगों पर पड़ता है सबसे ज्यादा असर
लंबे समय तक अगर एसिडिटी और गैस की दवाएं यानी प्रोटोन पंप इनहिबिटर्स लेने पर किडनी को डैमेज (Kidney Damage) हो सकता है. इन दवाओं का लगातार इस्तेमाल करना क्रोनिक किडनी डिजीज से जुड़ा हुआ है.
इन दवाओं से विटामिन बी12 की कमी हो सकती है जो दिमाग को सीधेतौर पर प्रभावित करती है. इससे गट माइक्रोबायोम पर भी असर पड़ता है और समय के साथ-साथ कोग्निटिव डिक्लाइन होने लगता है. ऐसे में अपने ब्रेन को हेल्थी रखने के लिए इन दवाओं का कम सेवन करना चाहिए.
शरीर में पोषक तत्वों की हो सकती है कमी
एसिडिटी की दवा पेट के एसिड को बनने से रोक देती है. इन दवाओं का लंबे समय तक इस्तेमाल किया जाए तो एसिड बनना रुकने के कारण शरीर कई पोषक तत्वों को सोख नहीं पाता है. इससे शरीर में मैग्नीशियम और कैल्शियम की कमी हो सकती है जिससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और टूट सकती हैं. इन दवाओं के कारण विटामिन बी12 की कमी हो सकती है जिससे नर्व हेल्थ और ब्रेन हेल्थ प्रभावित होती है. इसके साथ ही ये दवाएं आयरन की कमी का कारण बन सकती हैं जिससे हर समय शरीर में थकान रहती है और व्यक्ति अनीमिया का शिकार हो सकता है.
पाचन तंत्र खराब हो सकता है
ओवर द काउंटर दवाओं का लंबे समय तक इस्तेमाल करना आपके पाचन तंत्र के लिए खतरनाक हो सकता है. पेट में बनने वाले एसिड पाचन के लिए आवश्यक होते हैं और नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया का खात्मा करते हैं. लेकिन, एसिडिटी की दवाएं लगातार लेते रहने से पेट में एसिड कम बनता है और बैक्टीरिया मरने के बजाय बढ़ सकते हैं जिससे न्यूमोनिया, स्मॉल इंटेस्टाइन बैक्टीरियल ओवरग्रोथ और दर्द वाले दस्त हो सकते हैं.
एसिडिटी से नेचुरल तरीके से कैसे बचें
एसिडिटी की दवा ना लेनी पड़े इसके लिए एसिडिटी से नेचुरल तरीके से बचकर रहा जा सकता है –
- खाना खाने के तुरंत बाद लेटने से परहेज करें.
- जिन चीजों को खाते ही पेट खराब होता है या एसिडिटी बनती है उन्हें खाने से परहेज करें.
- वजन बहुत ज्यादा है तो वजन घटाने की कोशिश करें.
- एसिडिटी होने पर ठंडा दूध पीने पर राहत मिल सकती है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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