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क्या आंखों का दर्द ग्लूकोमा का शुरुआती लक्षण हो सकता है? एक्सपर्ट ने बताया किन संकेतों को ना करें नजरअंदाज

Eye Diseases:आंखों में होने वाले दर्द को हमेशा नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कई बार यह ग्लूकोमा जैसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है. इसलिए इसकी सही वक्त पर पहचान करके कंट्रोल करना जरूरी है.

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क्या आंखों का दर्द ग्लूकोमा का लक्षण है? Image Credit- Freepik

Eye Diseases Glaucoma: आंखों में दर्द होना सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर ऐसा बार-बार हो रहा है तो आपको इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.  कई बार आंखों में दर्द किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है. इसको लेकर एक्सपर्ट पुरेंद्र भसीन (जो रतन ज्योति नेत्रालय के संस्थापक और निदेशक भी हैं)  का कहना है कि यह ग्लूकोमा भी हो सकता है, क्योंकि यह बीमारी धीरे-धीरे आँखों की नसों को नुकसान पहुंचाती है. यह एक स्थिति है ग्लूकोमा, जिसे आम भाषा में काला मोतिया कहा जाता है. अगर समय पर इलाज ना किया जाए तो स्थायी दृष्टि हानि का कारण बन सकती है. इसलिए यह समझना जरूरी है कि क्या आंखों का दर्द इसका शुरुआती लक्षण हो सकता है. 

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क्या आंखों का दर्द ग्लूकोमा का लक्षण है?

हर तरह का आंखों का दर्द ग्लूकोमा का संकेत नहीं होता, क्योंकि ग्लूकोमा के अधिकांश मामलों में शुरुआत में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते, खासकर ओपन-एंगल ग्लूकोमा में. इसमें दृष्टि धीरे-धीरे कम होती है और मरीज को इसका एहसास भी नहीं होता. हालांकि, कुछ प्रकार के ग्लूकोमा, जैसे एंगल-क्लोजर ग्लूकोमा, में आंखों में अचानक तेज दर्द हो सकता है.

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  • आंखों में दर्द होना
  • आंखें लाल होना
  • धुंधला दिखना
  • सिर दर्द होना
  • मतली या उल्टी होना  

आंखों का दर्द हमेशा ग्लूकोमा का संकेत नहीं

अगर आपको अचानक तेज आंखों में दर्द हो रहा है तो यह गंभीर संकेत हो सकता है, लेकिन हल्का या सामान्य आंखों का दर्द हमेशा ग्लूकोमा का संकेत नहीं होता. यह थकान, स्क्रीन का इस्तेमाल, सूखी आंखें या एलर्जी जैसी सामान्य वजहों से भी हो सकता है. हालांकि, अगर दर्द बार-बार हो या उसके साथ दृष्टि में बदलाव तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज ना करें.

ग्लूकोमा कब हो सकता है खतरनाक?

ग्लूकोमा का सबसे बड़ा खतरा यह है कि जब तक लक्षण स्पष्ट होते हैं, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है. इसलिए 40 साल के होने के बाद नियमित आंखों की जांच कराना बहुत जरूरी है. वहीं, अगर परिवार में किसी को यह बीमारी रही हो या आपको मधुमेह या उच्च रक्तचाप जैसी समस्या हो तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज ना करें. हालांकि, इसका दर्द कभी-कभी ग्लूकोमा का संकेत हो सकता है, लेकिन हर बार नहीं. इसलिए समय पर पहचान और इलाज से इस बीमारी के प्रभाव को काफी हद तक रोका जा सकता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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