फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) भारत में निवेश करने के लिए सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है। ये दोनों ही उनके लिए सबसे अच्छा ऑप्शन हो सकते हैं, जो निवेश करते समय खतरा नहीं लेना चाहते हैं। फिर भी कई लोगों के मन में दोनों के बीच चुनाव करते समय यह सवाल जरूर आता है कि दोनों में से कौन सा ज्यादा बेहतर हो सकता है? आइए जानते हैं कि आपके लिए कौन-सा ज्यादा बेहतर हो सकता है और इसके फायदे क्या होते हैं।
क्या होता है एफडी?
एफडी उसे कहा जाता है जब आप एक साथ बहुत सारा पैसा निवेश करते हैं और इसे सालों के लिए डबल होने के लिए फिक्स कर देते हैं। इसके बाद जब हम इसे निकालते हैं तो हमें दो गुना पैसा वापस मिलता है। इसके लिए आपको बैंक में अपना FD अकाउंट खोलकर उसमें एक राशि तय अवधि के लिए रखनी होती है। इस दौरान आपको ब्याज मिलता है। FD पर मिलने वाला ब्याज सेविंग अकाउंट से ज्यादा होता है। बता दें कि एफडी अकाउंट में जमा राशि और ब्याज दर पूरी अवधि के लिए एक जैसी रहती है। FD की सुविधा नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों के साथ-साथ सभी बैंकों, कमर्शियल और छोटे फाइनेंस बैंकों में भी मौजूद होती है।
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PPF या पब्लिक प्रोविडेंट फंड क्या है?
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) भी लगभग पीएफ की तरह ही होता है। PPF में जो भी राशि आप फिक्स कराते हैं, उस पर आपको ब्याज मिलता है। यह भारत सरकार द्वारा समर्थित एक निवेश योजना है और साथ ही टैक्स बचाने का एक ऑप्शन भी है। बता दें कि यह योजना सरकार द्वारा 50 साल से भी पहले शुरू की गई थी। पीएफ की तरह ही यह निवेशकों को खतरे से दूर रखता है। खास बात यह है कि भारत में कुछ ही प्रमुख बैंकों में PPF अकाउंट खोले जा सकते हैं और आप इसे सभी बैंकों में जाकर नहीं खुलवा सकते हैं। PPF की गारंटी सरकार देती है, इसलिए इसे 100 प्रतिशत सुरक्षित माना जाता है। बैंकों में PPF के लिए ब्याज दर अलग-अलग हो सकती है। वैसे आमतौर पर भारतीय डाक द्वारा ऑफर किए गए PPF ब्याज दर से बैंकों का ब्याज दर ज्यादा होता है।
दोनों में से कौन सा बेहतर
FD या PPF, दोनों में ही निवेश करने से पैसा डूबने का खतरा कम रहता है। FD और PPF के बीच चयन करना आपकी जरूरतों पर निर्भर करता है। इस तरह इन दोनों के बीच फैसला लेते समय, दोनों के फायदे और नुकसान के बारे में ठीक से सोच लें। PPF सरकार की गारंटी के साथ पूरी तरह से सुरक्षित ऑप्शन है। इसमें निवेश करने के बाद 6 साल तक आप पैसा नहीं निकाल सकते हैं और 7वें साल से मौजूद राशि का कुछ हिस्सा निकालने का ही ऑप्शन आपके पास होता है। वहीं, FD की बात करें तो उसमें ऐसा कोई नियम नहीं है। बैंक FD पर जमा पैसे पर 5 लाख रुपये का बीमा भी मिलता है और इसे आप समय से पहले भी निकाल सकते हैं, लेकिन आपके ब्याज दर में कटौती की जाएगी।
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