Chandigarh Violence: चंडीगढ़-मोहाली बाॅर्डर पर पुलिस शुक्रवार को पूरे दल-बल के साथ डटी हुई है। पुलिस दोनों ओर से प्रदर्शनकारियों पर नजर रख रही हैं। वहीं दूसरी तरफ कौमी इंसाफ मोर्चा के सदस्य चंडीगढ़ स्थित पंजाब के सरकारी आवास की तरफ कूच करने के प्रयास में है।

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पुलिस की मानें तो बुधवार को हुए प्रदर्शन में 12 खालिस्तानी संगठन भी शामिल थे। उन्होंने चंडीगढ़ मोहाली बाॅर्डर, सेक्टर 52-53 के बैरियर पर हिंसा कर चंडीगढ़ के 13 से अधिक पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया। सूत्रों की मानें तो पुलिस को पहले दिन लाठीचार्ज का आदेश नहीं मिला था। इसलिए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के वाटर कैन भी लूट लिए।

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ट्रैक्टरों पर सवार होकर आए थे हमलावर

चंडीगढ़ पुलिस ने हिंसा में शामिल कई नामजद आरोपियों व अन्यों के खिलाफ हत्या के प्रयास की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने शुक्रवार को कंटीली तारें लगाकर बैरिकेडिंग की है। लेकिन ट्रैक्टरों पर सवार होकर आए प्रदर्शनकारियों ने तलवार, डंडों और राॅड समेत अन्य हथियारों से पुलिसकर्मियों पर हमला किया, बैरिकेड्स समेत टियर गैस गन और अन्य सामान भी लूट ले गए थे।

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हार्डकोर अपराधियों की मांग रहे रिहाई

पक्का मोर्चा के तहत जिन सिख कैदियों की रिहाई की मांग की जा रही है उनमें पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह का हत्यादोषी और बब्बर खालसा इंटरनेशनल का आतंकी जगतार सिंह हवारा भी है। उसकी फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलते हुए कोर्ट ने उसे आजीवन जेल में ही रखने का फैसला दिया था।

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वहीं बेअंत सिंह हत्याकांड में फांसी की सजा पाने वाला बलवंत सिंह राजोआणा और दिल्ली के 1993 बम ब्लास्ट का दोषी दविंदर पाल सिंह भुल्लर अहम है।

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लेख समाप्त
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