Second Phase Voting Lok Sabha Election 2024 : देश में लोकतंत्र का सबसे बड़ा महापर्व लोकसभा चुनाव चल रहा है। दूसरे चरण में आज वोट डाले जा रहे हैं। इसके तहत बिहार की 5 लोकसभा सीटों पूर्णिया, भागलपुर, बांका, किशनगंज और कटिहार पर मतदान होगा, जिसमें सबसे चर्चित सीट पूर्णिया है। आइए जानते हैं कि आज किन-किन उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी।
पूर्णिया में त्रिकोणीय मुकाबला
बिहार में पूर्णिया लोकसभा सीट काफी चर्चा में है, क्योंकि पप्पू यादव ने यहां से निर्दलीय ताल ठोंक दिया। पप्पू यादव के चुनावी मैदान में उतरने से चुनावी मुकाबला त्रिकोणीय और दिलचस्प हो गया। एनडीए के तहत जेडीयू प्रत्याशी संतोष कुमार कुशवाहा और इंडिया गठबंधन के तहत आरजेडी उम्मीदवार बीमा भारती चुनावी मैदान में हैं। तेजस्वी यादव ने पप्पू यादव को हराने के लिए कहा था कि लोग सिर्फ दो दलों के उम्मीदवारों को ही वोट दें। चाहे महागठबंधन को वोट दें या फिर एनडीए को। संतोष कुमार कुशवाहा वर्तमान में इस सीट से सांसद भी हैं।
किशनगंज में तीन मुस्लिम उम्मीदवार
किशनगंज लोकसभा सीट पर कांग्रेस, जेडीयू और एआईएमआईएम के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। कांग्रेस से मोहम्मद जावेद, जेडीयू से मुजाहिद आलम और एआईएमआईएम से अख्तरुल ईमान चुनावी मैदान में हैं। पिछले चुनाव 2019 में कांग्रेस के मोहम्मद जावेद ने इस सीट पर जीत हासिल की थी।
भागलपुर लोकसभा सीट पर एनडीए बनाम इंडिया के बीच मुकाबला है। एनडीए के तहत जेडीयू से अजय मंडल और महागठबंधन के तहत कांग्रेस से अजीत शर्मा को टिकट मिला है। मौजूदा समय में अजय मंडल इस सीट से सांसद हैं।
बांका लोकसभा सीट पर आरजेडी बनाम जेडीयू के प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा। आरजेडी ने जय प्रकाश यादव और जेडीयू ने गिरधारी यादव को चुनावी मैदान में उतारा है। जय प्रकाश यादव साल 2009 से लगातार इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ 2014 में जीत हासिल हुई थी। पिछले चुनाव 2019 में गिरधारी यादव ने जयप्रकाश यादव को हराया था। एक बार फिर दोनों प्रत्याशी आमने-सामने हैं।
कटिहार में JDU Vs Congress
अगर कटिहार लोकसभा सीट की बात करें तो जेडीयू से दुलाल चंद गोस्वामी और कांग्रेस से तारिक अनवर के बीच मुकाबला होगा। दुलाल चंद गोस्वामी वर्तमान में कटिहार से सांसद हैं, लेकिन तारिक अनवर की क्षेत्र में अच्छी पकड़ हैं। तारिक अनवर इसी सीट से पांच बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। पिछले चुनाव 2019 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।