Nuh Violence: कोरोना काल के बाद पहली बार फीकी पड़ी गुरुग्राम की ईदगाहों की रंगत; जुम्मे की नमाज में दिखे इक्का-दुक्का लोग

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ईदगाह में नमाज पढ़ते मुस्लिम समुदाय के लोग।

गुरुग्राम: हरियाणा के नूंह में हुई हिंसा का शुक्रवार काे अच्छा-खासा असर देखने को मिला। गुरुग्राम और नूंह जिलों में आज कहीं भी सार्वजनिक तौर पर नमाज नहीं पढ़ी गई। मस्जिदों और ईदगाहों में भी इक्का-दुक्का लोग ही नजर आए। खास बात यह है कि कोरोना संक्रमण काल के बाद ऐसा पहली बार हुआ है। दूसरी ओर बीते कई दिन के तनाव के बीच इसे सकारात्मक नजरिये से देखा जा रहा है कि मुस्लिम समुदाय के प्रबुद्ध लोगों की तरफ से घरों में नमाज पढ़ने की अपील की जाती रही।

सोमवार से अब तक जा चुकी विवाद में 6 की जान, 200 से ज्यादा घायल

ध्यान रहे, सोमवार को बजरंग दल और हिंदू विश्व परिषद की ब्रजमंडल की शोभायात्रा के दौरान नूंह जिले के नल्हड़ में कथित रूप से मुस्लिम समुदाय की तरफ से पथराव की घटना सामने आई थी। इसमें दर्जनों कारों गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। इस विवाद में अब तक कुल 6 लोगों की जान जा चुकी है। 200 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं। हालांकि पहले दिन होम गार्ड के 2 जवानों समेत 3 की मौत हुई थी।

प्रदेश के 9 जिलों में लगी है धारा-144

नतीजा यह हुआ कि प्रशासन की तरफ से हरियाणा के 9 जिलों में धारा-144 की पाबंदी लागू की गई है। गुरुग्राम जिले में सभी मोबाइल सेवाएं बंद करनी पड़ी। सोहना, बादशाहपुर, सैक्टर-57, मानेसर, पटौदी सहित कई इलाकों में आगजनी से लेकर तोड़फोड़ की शिकायत सामने आ चुकी हैं। पाबंदी के आदेश के बाद हालांकि बहुत हद तक फर्क भी हालात सामान्य भी होने लगे हैं, लेकिन बावजूद इसके इलाके में तनाव भी बरकरार है। इसका असर शुक्रवार को ईदगाहों पर देखने को मिला।

जानें किस जगह कैसे रहे हालात?

इसी असमंजस भरी स्थिति के बीच आज जिले में कहीं भी सार्वजनिक तौर पर नमाज नहीं पढ़ी गई। सैक्टर-29 स्थित लेजर वैली में दो जगह काफी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज पढ़ते हैं, लेकिन आज यहां एक भी शख्स नमाज पढ़ने नहीं आया। उद्योग विहार, शंकर चौक, सैक्टर-43 में भी सार्वजनिक स्थान पर नमाज नहीं पढ़ी गई। सोहना चौक स्थित जामा मस्जिद, राजीव चौक स्थित ईदगाह, बादशाहपुर स्थित मस्जिद सहित सभी मस्जिदों और ईदगाहों में बहुत ही कम संख्या में लोग पहुंचे।

पुलिस प्रशासन और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने किया अपना-अपना काम

उधर, नमाज पढ़ने वालों को दूसरे समुदाय के लोग नुकसान न पहुंचाएं, इसके लिए चारों पुलिस तैनात रही। सभी मस्जिद और ईदगाहों के चारों तरफ पुलिस की सक्रियता रही। हर तरफ नाके लगाकर संदिग्धों पर नजर रखी गई, पूछताछ की गई। जिला प्रशासन की ओर से नियुक्त ड्यूटी मजिस्ट्रेट राउंड मारते रहे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जिले के निवासियों से हिंसा से दूर रहने की गुजारिश की, साथ ही गुरुग्राम इमाम संगठन के अध्यक्ष इमाम मोहम्मद अब्दुल हसीब कासमी, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संयोजक खुर्शीद राजाका, दिल्ली व हरियाणा प्रभारी डॉ. इमरान चौधरी के साथ ही हाफिज मोहम्मद साबरीन सहित समुदाय के कई प्रबुद्ध लोग शांति व सद्भाव बनाए रखने की अपील कर रहे। सभी इलाके में घूम-घूमकर जुमे की नमाज सभी घरों में ही पढ़ने की अपील करते रहे। इस बारे में इमाम मोहम्मद अब्दुल हसीब कासमी और खुर्शीद राजाका ने खुशी जताई कि मुश्किल घड़ी में लोगों ने समझदारी का परिचय देते हुए घरों में नमाज पढ़ी।

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