Window AC Vs Split AC: दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती गर्मी और लगातार 45 डिग्री के पार पहुंचते तापमान ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. ऐसे मौसम में घर को ठंडा रखने के लिए लोग तेजी से एयर कंडीशनर खरीद रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि Window AC बेहतर रहेगा या Split AC? दोनों ही एयर कंडीशनर कमरे को ठंडा करने का काम करते हैं, लेकिन इनके फीचर्स, बिजली खर्च, कूलिंग क्षमता और इंस्टॉलेशन में काफी अंतर होता है. कई लोग कम बजट की वजह से Window AC चुनते हैं, जबकि कुछ लोग बेहतर कूलिंग के नाम पर Split AC को पसंद करते हैं. अगर आप भी इस गर्मी नया AC खरीदने की सोच रहे हैं, तो पहले दोनों के फायदे और नुकसान समझ लेना बेहद जरूरी है ताकि बाद में पछताना न पड़े.

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कूलिंग, बिजली बिल और आवाज के मामले में कौन है ज्यादा बेहतर?

Window AC छोटे कमरों के लिए अच्छा माना जाता है और इसकी कीमत भी Split AC के मुकाबले कम होती है. इसे लगाना आसान होता है और मेंटेनेंस खर्च भी कम आता है. हालांकि, Window AC चलने के दौरान ज्यादा आवाज करता है क्योंकि उसका पूरा सिस्टम एक ही यूनिट में होता है. वहीं, दूसरी तरफ Split AC दो हिस्सों में आता है, जिसमें एक यूनिट कमरे के अंदर और दूसरी बाहर लगाया जाता है. यही वजह है कि Split AC कम आवाज करता है और कमरे को ज्यादा तेजी से ठंडा करता है.

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बिजली की बचत के मामले में भी नए इन्वर्टर Split AC काफी बेहतर माने जाते हैं. बड़े कमरे, ड्रॉइंग रूम या ज्यादा गर्म इलाकों में Split AC बेहतर प्रदर्शन देता है, जबकि छोटे कमरे और कम बजट वालों के लिए Window AC आज भी सबसे बेस्ट है.

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इन 3 पॉइंट से समझें आपके घर के लिए कौन सा रहेगा परफेक्ट

  • दिल्ली के मौसम और अपने कमरे की बनावट के हिसाब से एक सही एयर कंडीशनर चुनने के लिए आपको नीचे दिए गए इन 3 बड़े और महत्वपूर्ण अंतरों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए:
  • कमरे का आकार और वेंटिलेशन: अगर आपका कमरा 100 से 120 वर्ग फुट तक छोटा है और उसमें खिड़की की जगह है तो विंडो एसी सबसे सही है, लेकिन बड़े कमरों या बिना खिड़की वाले बंद कमरों के लिए सिर्फ स्प्लिट एसी ही सही है.
  • बिजली की बचत और इनवर्टर तकनीक: स्प्लिट एसी में आधुनिक इनवर्टर तकनीक (Inverter Technology) बहुत आसानी से मिल जाती है जो कमरे के तापमान के हिसाब से कंप्रेसर को कंट्रोल करके बिजली का बिल 30% तक बचाती है, जबकि विंडो मॉडल्स में इनवर्टर तकनीक के विकल्प थोड़े कम और महंगे होते हैं.
  • मेंटेनेंस और री-लोकेशन का खर्च: विंडो एसी की सर्विसिंग और एक घर से दूसरे घर में शिफ्टिंग का खर्च बेहद कम और आसान होता है, वहीं स्प्लिट एसी को बार-बार निकालने और दोबारा गैस रीफिलिंग के साथ नए घर में इंस्टॉल कराने में हजारों रुपए का भारी-भरकम अतिरिक्त खर्चा आ जाता है.
  • अब फैसला आपका है कि आपकी जरूरत के हिसाब से कौन सा AC सही बैठ रहा है.

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