Geoffrey Hinton Worried about AI: क्या आपने Geoffrey Hinton का नाम सुना है? अगर नहीं तो आपको बता दें इन्हें AI की दुनिया में गॉडफादर कहा जाता है। ये वही हिंटन हैं जिन्होंने 75 साल की उम्र में Google से रिजाइन दे दिया था। दुनियाभर में आज AI तेजी से फैल रहा है। माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी कई बड़ी टेक दिग्गज कंपनियां अब तक कई नए AI फीचर्स और चैटबॉट पेश कर चुकी हैं लेकिन हाल ही में AI के Godfather ने AI से बढ़ते खतरे को लेकर एक चेतावनी दी है। साथ ही वे इसे लेकर काफी चिंतित भी हैं। चलिए इसके बारे में जानते हैं…
नौकरियां निगल रहा है AI
दरअसल जेफ्री हिंटन ने कहा है कि वह पिछले कुछ वक्त से बहुत चिंतित हैं क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी बहुत सारी नौकरियां निगल चुका है और यह भी कहा कि इसका असर सरकारों पर पड़ने वाला है। इनकम Inequality पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव से निपटने के लिए सरकार को भी जल्द से जल्द कुछ करना होगा।
…तो क्या समाज के लिए बुरा है AI?
पिछले साल तक Google में काम करने वाले हिंटन ने कहा कि AI प्रोडक्टिविटी और वेल्थ को बेहतर करेगा, लेकिन पैसा अमीरों के पास जाएगा न कि उन लोगों के पास जिनकी नौकरियां चली जाएंगी और यह समाज के लिए बहुत बुरा होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को एक यूनिवर्सल बेसिक इनकम तय करनी होगी, जिसका मतलब है कि सरकार को सभी व्यक्तियों को उनके साधनों की परवाह किए बिना एक फिक्स्ड बेसिक सैलरी देनी होगी।
सभी को मिले यूनिवर्सल बेसिक सैलरी
AI के खतरों के बारे में Google छोड़ने वाले हिंटन ने बीबीसी को बताया कि डाउनिंग स्ट्रीट में लोगों ने मुझसे सलाह ली और मैंने उन्हें सलाह दी कि यूनिवर्सल बेसिक सैलरी एक अच्छा आईडिया है। हिंटन ने AI के कारण नौकरी के नुकसान के बारे में चेतावनी भी दी है। हिंटन ने इससे पहले भी कहा था कि एआई चैटबॉट्स के कुछ खतरे काफी डरावने हैं। उनका कहना है कि चैटबॉट इंसानों से ज्यादा बुद्धिमान हो सकते हैं और इनका गलत ढंग से भी यूज किया जा सकता है।