एक ही जगह का AQI दो मोबाइल में दिखा रहा अलग-अलग आंकड़ा? जानें क्यों होता है ऐसा और किस पर करें भरोसा

दिल्ली-NCR में प्रदूषण के बीच मोबाइल पर AQI चेक करते हैं, लेकिन एक ही जगह का एयर क्वालिटी इंडेक्स दो फोन में अलग-अलग दिख रहा है? जानिए इसकी 3 बड़ी वजहें और किस AQI पर करें भरोसा.

Delhi pollution

दिल्ली-NCR में प्रदूषण बढ़ रहा है. (Image Credit-AI)

दिल्ली-NCR में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ने लगी है. ऐसे में लोग घर से निकलने से पहले अपने मोबाइल पर AQI (Air Quality Index) चेक करते हैं, ताकि पता चल सके कि बाहर की हवा कितनी प्रदूषित है. इसके लिए कई लोग IQAir AirVisual जैसे ऐप का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि एक ही जगह का AQI दो अलग-अलग मोबाइल में चेक करने पर अलग-अलग दिखाई दे? मसलन, एक फोन में AQI 250 है, जबकि दूसरे में 280 दिख रहा है. ऐसी स्थिति में अक्सर समझ नहीं आता कि आखिर किस आंकड़े पर भरोसा किया जाए. दरअसल, इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं. डेटा अपडेट होने का समय, AQI मापने का तरीका और प्रदूषण की जानकारी देने वाला सेंसर, इन सभी का असर मोबाइल पर दिखने वाले आंकड़े पर पड़ता है.

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दो फोन में क्यों दिखाता है अंतर

IQAir AirVisual ऐप रियल टाइम एयर क्वालिटी डेटा दिखाता है. इसका मतलब है कि ऐप पर AQI की जानकारी लगातार अपडेट होती रहती है. ऐसे में संभव है कि एक मोबाइल पर डेटा कुछ मिनट पहले अपडेट हुआ हो, जबकि दूसरे फोन पर पुराना आंकड़ा दिखाई दे रहा हो. इसी वजह से दोनों मोबाइल में एक ही लोकेशन का AQI अलग-अलग हो सकता है.

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दिल्ली-NCR जैसे इलाकों में, जहां प्रदूषण का स्तर समय और जगह के हिसाब से बदलता रहता है, वहां डेटा अपडेट होने के समय का अंतर ज्यादा मायने रखता है. उदाहरण के लिए, अगर एक फोन पर सुबह 8 बजे का डेटा दिख रहा है और दूसरे पर 8:15 बजे का अपडेट आ चुका है, तो दोनों के AQI में अंतर नजर आ सकता है.

U.S. AQI और CN AQI चुनने से भी बदल जाता है आंकड़ा

दो मोबाइल में AQI अलग दिखने की एक बड़ी वजह ऐप की सेटिंग भी हो सकती है. IQAir AirVisual ऐप में यूजर्स को अलग-अलग AQI सिस्टम चुनने का विकल्प मिलता है. इनमें U.S. AQI और CN AQI शामिल हैं. अगर एक मोबाइल में U.S. AQI और दूसरे में CN AQI चुना गया है, तो एक ही जगह की हवा का AQI अलग दिखाई दे सकता है.

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बता दें, U.S. AQI और CN AQI दोनों भारत में इस्तेमाल किए जा सकते हैं. IQAir AirVisual जैसे ऐप में यूजर इन दोनों AQI सिस्टम को चुनकर भारत के किसी भी शहर, यहां तक कि दिल्ली-NCR की एयर क्वालिटी भी देख सकते हैं.

हालांकि, दोनों के बीच अंतर समझना जरूरी है.

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  • U.S. AQI- यह अमेरिकी मानकों के आधार पर हवा में मौजूद प्रदूषकों की मात्रा को AQI नंबर में बदलता है. इसमें प्रति घंटे के औसत डेटा का इस्तेमाल होता है.
  • CN AQI- यह चीन के राष्ट्रीय एयर क्वालिटी मानकों पर आधारित है. इसमें प्रदूषकों की सीमा और AQI कैलकुलेशन का तरीका अलग है.

भारत के लिए कौन-सा AQI सही है?

भारत में CPCB (Central Pollution Control Board) का अपना AQI सिस्टम है. इसलिए दिल्ली-NCR में सरकारी स्तर पर प्रदूषण की स्थिति समझने के लिए CPCB का AQI देखना बेहतर है.

ध्यान रखें, U.S. AQI, CN AQI और भारतीय CPCB AQI के नंबरों की सीधे तुलना नहीं करनी चाहिए. एक ही हवा के लिए तीनों सिस्टम अलग-अलग AQI वैल्यू दिखा सकते हैं.

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यही वजह है कि एक ही जगह की हवा के लिए दोनों सिस्टम अलग AQI नंबर दिखा सकते हैं. इसका मतलब यह नहीं है कि किसी एक मोबाइल का सेंसर या ऐप खराब है, बल्कि दोनों में आंकड़े दिखाने का तरीका अलग हो सकता है.

एक लोकेशन में अलग सेंसर से मिलता है डेटा

AQI के आंकड़ों में अंतर आने की तीसरी वजह डेटा का सोर्स हो सकता है. IQAir अलग-अलग जगहों से एयर क्वालिटी का डेटा जुटाता है. इसमें सरकारी रेफरेंस मॉनिटरिंग स्टेशन, कम कीमत वाले एयर क्वालिटी मॉनिटर और IQAir के अपने AirVisual मॉनिटर शामिल हैं.

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अगर एक फोन पर किसी सरकारी मॉनिटरिंग स्टेशन का डेटा दिख रहा है और दूसरे पर किसी प्राइवेट सेंसर का, तो दोनों के आंकड़े अलग हो सकते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों सेंसर अलग-अलग जगहों पर लगे हो सकते हैं और आसपास के प्रदूषण की स्थिति भी एक जैसी होना जरूरी नहीं है.

दिल्ली-NCR में यह अंतर समझना खास तौर पर जरूरी है. मसलन, किसी इलाके की मुख्य सड़क पर ट्रैफिक और धूल के कारण प्रदूषण ज्यादा हो सकता है, जबकि उसी इलाके के रिहायशी हिस्से में लगे मॉनिटर पर अलग रीडिंग मिल सकती है. इसलिए सिर्फ लोकेशन का नाम एक जैसा होने से यह जरूरी नहीं कि दोनों फोन एक ही मॉनिटर का डेटा दिखा रहे हों.

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दोनों मोबाइल में AQI एक जैसा कैसे चेक करें?

अगर आप चाहते हैं कि दो अलग-अलग मोबाइल में एक ही जगह का AQI लगभग एक जैसा दिखाई दे, तो कुछ सेटिंग्स चेक करना जरूरी है. सबसे पहले दोनों फोन में IQAir AirVisual ऐप खोलकर देखें कि AQI सिस्टम एक ही चुना गया है या नहीं. दोनों में U.S. AQI या दोनों में CN AQI होना चाहिए.

इसके बाद डेटा अपडेट होने का समय चेक करें. दोनों मोबाइल पर ऐप को रिफ्रेश करें और देखें कि जानकारी कितनी देर पहले अपडेट हुई है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि दोनों फोन पर एक ही मॉनिटरिंग स्टेशन या डेटा सोर्स चुना गया हो. इन बातों का ध्यान रखने से AQI के आंकड़ों में अंतर कम किया जा सकता है.

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दिल्ली-NCR में AQI चेक करते समय इन बातों का रखें ध्यान

प्रदूषण के मौसम में सिर्फ एक मोबाइल ऐप पर दिखने वाले AQI को देखकर हवा की स्थिति का अंदाजा लगाना सही नहीं है. आंकड़े चेक करते समय यह भी देखें कि डेटा किस स्टेशन से लिया गया है, आखिरी बार कब अपडेट हुआ है और किस AQI सिस्टम के आधार पर दिखाया जा रहा है.

इसके अलावा, दिल्ली-NCR में अपने घर या ऑफिस के आसपास के मॉनिटरिंग स्टेशन की रीडिंग देखना ज्यादा उपयोगी हो सकता है. एक ही शहर के अलग-अलग इलाकों में हवा की गुणवत्ता अलग हो सकती है. इसलिए घर से बाहर निकलने से पहले अपने आसपास की एयर क्वालिटी जरूर चेक करें. अगर AQI खराब या बहुत खराब श्रेणी में है, तो बाहर ज्यादा देर तक रहने से बचें और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करें. AQI के आंकड़ों की पुष्टि के लिए सरकारी मॉनिटरिंग डेटा से भी तुलना कर सकते हैं.

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Source- iqair

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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