WhatsApp पर लंबे समय से जिस Username फीचर का इंतजार किया जा रहा था, वह अब लॉन्च के बेहद करीब है. Meta ने इसकी तैयारी शुरू करते हुए Username Reservation की सुविधा भी शुरू कर दी है, ताकि यूजर्स पहले से अपना पसंदीदा यूजरनेम सुरक्षित कर सकें. हालांकि, भारत में इस फीचर को लेकर विवाद भी खड़ा हो गया है और सरकार ने इसके रोलआउट पर फिलहाल रोक लगाते हुए Meta से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है. इस बीच कंपनी ने यूजर्स की सभी बड़ी उलझनों को दूर करते हुए Username फीचर से जुड़े 7 अहम सवालों के जवाब दिए हैं. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि यह नया फीचर कैसे काम करेगा.
Username रखना जरूरी नहीं होगा
Meta ने साफ किया है कि WhatsApp पर Username बनाना पूरी तरह यूजर की इच्छा पर निर्भर करेगा. अगर कोई यूजर Username नहीं रखना चाहता, तो वह पहले की तरह सिर्फ अपने मोबाइल नंबर के जरिए भी WhatsApp का इस्तेमाल कर सकेगा. यानी यह फीचर पूरी तरह वैकल्पिक होगा.
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मनचाहा Username हर किसी को नहीं मिलेगा
अगर आपका पसंदीदा Username पहले से उपलब्ध नहीं है, तो इसके पीछे कई वजह हो सकती हैं. हो सकता है कि वही Username पहले से Instagram या Facebook पर किसी यूजर के पास हो. इसके अलावा किसी सेलिब्रिटी, सरकारी संस्था, Meta Verified अकाउंट या उनसे मिलते-जुलते नामों को पहले से सुरक्षित रखा गया है. अगर चुना गया Username उपलब्ध नहीं होगा, तो WhatsApp आपको दूसरे विकल्प भी सुझाएगा.
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फर्जी अकाउंट और स्कैम से कैसे मिलेगी सुरक्षा?
Meta का कहना है कि फिलहाल Username के जरिए किसी को मैसेज भेजने की सुविधा नहीं होगी. जब यह फीचर शुरू किया जाएगा, तब किसी नए व्यक्ति का मैसेज आने पर यूजर को उसके देश की जानकारी, पहली बार संपर्क करने का अलर्ट और दूसरे सुरक्षा संकेत दिखाई देंगे. साथ ही कंपनी ब्लॉक और रिपोर्ट किए गए अकाउंट्स पर लगातार नजर रखेगी, ताकि फर्जी अकाउंट और ऑनलाइन स्कैम पर रोक लगाई जा सके.
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क्या Username जानकर कोई भी मैसेज कर सकेगा?
कंपनी के मुताबिक WhatsApp पर Username को सर्च नहीं किया जा सकेगा. यह व्यवस्था ठीक उसी तरह होगी, जैसे अभी किसी फोन नंबर को सीधे WhatsApp पर खोजा नहीं जा सकता. Meta ने सलाह दी है कि यूजर्स ऐसा Username चुनें जो अलग और यूनिक हो. इसके अलावा ब्लॉक, रिपोर्ट और अज्ञात लोगों से जुड़े सुरक्षा फीचर पहले की तरह काम करते रहेंगे.
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Username Key क्या है?
Username के साथ Meta एक नया सुरक्षा फीचर भी ला रहा है, जिसे Username Key कहा गया है. अगर कोई यूजर इस फीचर को चालू करता है, तो उससे संपर्क करने के लिए सामने वाले व्यक्ति को सिर्फ Username ही नहीं, बल्कि Username Key भी पता होनी चाहिए. अच्छी बात यह है कि यूजर जब चाहे अपनी Key बदल सकता है, जिससे पुरानी Key बेकार हो जाएगी.
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क्या Instagram और Facebook अकाउंट लिंक करना होगा?
अगर कोई यूजर WhatsApp पर वही Username चाहता है, जो उसके Instagram या Facebook अकाउंट पर पहले से मौजूद है, तो उसे उन अकाउंट्स को लिंक करना होगा. इससे Meta यह पुष्टि कर सकेगा कि Username का असली मालिक वही यूजर है. वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद यूजर चाहें तो अकाउंट्स को अनलिंक भी कर सकते हैं या WhatsApp के लिए अलग Username चुन सकते हैं.
क्या बाद में Username बदला जा सकेगा?
Meta ने बताया है कि यूजर्स भविष्य में अपना Username बदल सकेंगे. हालांकि, नया Username तभी मिलेगा जब वह पहले से किसी दूसरे यूजर ने रिजर्व न किया हो.
फर्जी दावों से रहें सावधान
Meta ने यूजर्स को चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग लोकप्रिय या बड़े नामों वाले Username रिजर्व कराने का दावा कर रहे हैं. कंपनी के मुताबिक ऐसे दावे पूरी तरह गलत हैं. किसी प्रसिद्ध व्यक्ति, संस्था या वेरिफाईड अकाउंट से जुड़े Username केवल उनके वास्तविक मालिक ही रिजर्व कर सकते हैं.
कब तक मिलेगा यह फीचर?
Meta के मुताबिक फिलहाल केवल Username Reservation की प्रक्रिया शुरू की गई है. WhatsApp Username फीचर को इस साल के अंत तक चरणबद्ध तरीके से सभी यूजर्स के लिए जारी किया जाएगा. कंपनी का कहना है कि लॉन्च से पहले यूजर्स की प्रतिक्रिया के आधार पर फीचर में जरूरी सुधार भी किए जाएंगे.
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