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क्या आप भी वेबसाइट खोलते ही Cookies पर करते हैं Accept All? क्लिक करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

क्या आप भी कोई वेबसाइट खोलने पर सामने आने वाली हर कुकीज पर Accept All पर क्लिक कर देते हैं. अगर हां तो ये खबर आपके लिए है, ताकि इसके जुड़ी बातों को समझा जा सके.

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किसी भी वेबसाइट को खोलने पर पॉपअप होने वाली हर Cookie नुकसानदायक नहीं होती. (Image Credit-AI)

इंटरनेट पर कई बार कोई वेबसाइट खोलते ही अगर Accept All Cookies और Reject All का पॉपअप दिखाई दे, तो ज्यादातर लोग बिना सोचे किसी एक ऑप्शन पर क्लिक कर देते हैं कुछ लोग तो बार-बार पॉपअप आने से बचने के लिए सीधे Accept All चुन लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा करने पर आप वेबसाइट को अपनी ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़ी कुछ जानकारी जुटाने की कुछ परमिशन भी दे सकते हैं. 

Cookies क्या होती हैं और कैसे काम करती हैं?

जब आप किसी वेबसाइट पर जाते हैं, तो वह आपके ब्राउजर में छोटी-छोटी टेक्स्ट फाइल सेव कर सकती है. इन्हें Cookies कहा जाता है. इनकी मदद से वेबसाइट आपकी भाषा की पसंद, लॉगिन की स्थिति और शॉपिंग कार्ट में रखे सामान जैसी जानकारियां याद रख सकती है. इससे हर बार वेबसाइट खोलने पर आपको अपनी पसंद दोबारा सेट नहीं करनी पड़ती और उसका इस्तेमाल करना आसान हो जाता है.

हालांकि, सभी Cookies एक जैसा काम नहीं करतीं. कुछ वेबसाइट के जरूरी फीचर्स चलाने के लिए होती हैं, जबकि कुछ यह समझने में मदद करती हैं कि लोग वेबसाइट पर क्या देख रहे हैं और उसका इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं. वहीं, विज्ञापन से जुड़ी कुछ Cookies आपकी ब्राउजिंग गतिविधियों के आधार पर आपकी दिलचस्पी समझने और उसी हिसाब से विज्ञापन दिखाने में मदद करती हैं.

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हर बार Accept All करने से क्या होता है?

अगर आप हर वेबसाइट पर बिना सोचे एक्सेप्ट पर क्लिक करते हैं, तो आप गैर-जरूरी Cookies को भी परमिशन दे सकते हैं. इनमें कुछ ऐसे Cookies हो सकती है, जो आपकी ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाने या आपकी पसंद के हिसाब से विज्ञापन दिखाने में मदद करती हैं.

इसका मतलब यह नहीं है कि हर Cookie आपकी निजी जानकारी चुराती है या हर वेबसाइट आपकी जासूसी कर रही है. असल बात यह है कि Cookie किस तरह की है, वह कौन-सी जानकारी जुटाती है और उसका इस्तेमाल किस काम के लिए किया जाता है. इसलिए सभी Cookies को एक साथ मंजूरी देने के बजाय उपलब्ध विकल्पों को समझना बेहतर है.

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वेबसाइट पर कितनी तरह की Cookies होती हैं?

  • एसेंशियल Cookies: ये वेबसाइट के जरूरी फीचर्स चलाने में मदद करती हैं. इनके बिना वेबसाइट के कुछ बुनियादी काम ठीक से नहीं चल सकते.
  • फंक्शनल Cookies: ये आपकी भाषा, पसंद और दूसरी सेटिंग्स याद रखती हैं, ताकि अगली बार वेबसाइट इस्तेमाल करना आसान हो.
  • एनालिटिक्स Cookies: ये वेबसाइट पर आने वाले लोगों की गतिविधियों से जुड़े आंकड़े जुटाती हैं. इससे वेबसाइट को यह समझने में मदद मिलती है कि उसकी सेवाओं में कहां सुधार की जरूरत है.
  • विज्ञापन Cookies: ये आपकी दिलचस्पी के हिसाब से विज्ञापन दिखाने में मदद करती हैं. कुछ मामलों में इनका इस्तेमाल अलग-अलग वेबसाइटों पर आपकी ब्राउजिंग गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए भी किया जा सकता है.

Cookies के पॉपअप पर कौन-सा विकल्प चुनना चाहिए?

जब किसी वेबसाइट पर Accept All, Reject All या Manage Preferences जैसे विकल्प दिखाई दें, तो जल्दबाजी में फैसला न करें. अगर आप गैर-जरूरी Cookies की अनुमति नहीं देना चाहते, तो Reject All का विकल्प चुन सकते हैं. वहीं, Manage Preferences या Customize पर क्लिक करके यह तय करने का विकल्प मिल सकता है कि किस तरह की Cookies को अनुमति देनी है.

ध्यान रखें कि जरूरी Cookies और गैर-जरूरी Cookies के विकल्प हर वेबसाइट पर एक जैसे नहीं होते. कुछ वेबसाइटों पर जरूरी Cookies को बंद करने का विकल्प नहीं मिलता, क्योंकि उनके बिना वेबसाइट के बुनियादी फीचर्स काम नहीं कर सकते. इसलिए उपलब्ध विकल्पों को देखकर अपनी जरूरत के हिसाब से फैसला लें.

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ब्राउजर की इन सेटिंग्स से भी रखें प्राइवेसी का ध्यान

Cookies पर कंट्रोल रखने के लिए सिर्फ वेबसाइट के पॉपअप पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है. आप अपने ब्राउजर की सेटिंग्स में जाकर थर्ड-पार्टी Cookies को ब्लॉक करने का ऑप्शन भी देख सकते हैं. इससे दूससी वेबसाइट्स या सेवाओं से जुड़ी कुछ ट्रैकिंग गतिविधियों को सीमित करने मदद मिल सकती है.

इसके अलावा, समय-समय पर ब्राउजर में सेव Cookies को डिलीट करना भी उपयोगी हो सकता है. हालांकि ऐसा करने पर कुछ वेबसाइट्स से आपका लॉगऑउट हो सकता है और सेव की गई पसंद या सेटिंग रीसेट हो सती है. इसलिए Cookies हटाने से पहले यह बात ध्यान में रखें.

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Cookies से डरने के बजाय समझदारी से करें इस्तेमाल

Cookies अपने आप में बुरी नहीं हैं. ये वेबसाइट को आपकी पसंद याद रखने और उसके फीचर्स बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने में मदद करती हैं. परेशानी तब हो सकती है, जब आप बिना जानकारी के ऐसी Cookies को भी अनुमति दे देते हैं, जिनकी आपको जरूरत नहीं है.

ये भी पढ़ें- Truecaller से अपना मोबाइल नंबर कैसे हटाएं? जानें अनलिस्ट करने का पूरा तरीका, फॉलो करें ये स्टेप्स 

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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