UPI यूजर्स की मौज! अब एक ही जगह दिखेंगे सभी AutoPay, नहीं कटेगा डबल पैसा

अगर आपने अलग-अलग UPI ऐप्स पर AutoPay सेट कर रखा है तो जल्द आपकी बड़ी परेशानी खत्म होने वाली है. NPCI एक ऐसा नया फीचर ला रहा है, जिसकी मदद से डबल पेमेंट, अनचाहे सब्सक्रिप्शन और भूल चुके ऑटो डेबिट्स पर आसानी से नजर रखी जा सकेगी.

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UPI में आने वाला है बड़ा बदलाव, सभी AutoPay पेमेंट्स पर मिलेगी एक साथ नजर. (Image Credit -AI)

यूपीआई यूजर्स के लिए जल्द एक बड़ी और काम की सुविधा आने वाली है. अब अलग-अलग यूपीआई ऐप्स पर किए गए ऑटोपे भुगतान को ट्रैक करना आसान हो जाएगा. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) एक नया फीचर तैयार कर रहा है, जिसकी मदद से ग्राहक अपने सभी यूपीआई ऑटोपे (ई-मैंडेट) को एक ही जगह पर देख सकेंगे. इससे न केवल भुगतान प्रबंधन आसान होगा, बल्कि अनजाने में होने वाले डबल पेमेंट और छूटे हुए भुगतान जैसी समस्याओं से भी राहत मिलेगी.

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सभी ऑटोपे एक ही जगह दिखेंगे

अभी तक अगर किसी व्यक्ति ने बिजली बिल, पानी बिल, ओटीटी सब्सक्रिप्शन या लोन की ईएमआई के लिए अलग-अलग यूपीआई ऐप्स पर ऑटोपे सेट किया है, तो उसे हर भुगतान की जानकारी देखने के लिए उसी ऐप पर जाना पड़ता है. नए फीचर के आने के बाद यह परेशानी खत्म हो जाएगी. ग्राहक अपने सभी सक्रिय ई-मैंडेट को किसी भी एक यूपीआई ऐप पर देख सकेंगे, चाहे वे किसी भी ऐप के जरिए बनाए गए हों.

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NPCI ने कंपनियों को दिए निर्देश

इस सुविधा को लागू करने के लिए एनपीसीआई ने पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को अपने नेटवर्क में जरूरी तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए हैं. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अलग-अलग यूपीआई प्लेटफॉर्म पर मौजूद ऑटोपे भुगतान की जानकारी एक ही जगह उपलब्ध हो सके.

डबल पेमेंट की समस्या से मिलेगी राहत

नए सिस्टम के जरिए यूजर्स आसानी से यह देख पाएंगे कि उनके खाते से कौन-कौन से ऑटोपे भुगतान सक्रिय हैं और किस सेवा के लिए रकम कट रही है. इससे वित्तीय प्रबंधन पहले से अधिक आसान हो जाएगा. साथ ही, किसी सेवा के लिए गलती से दो बार भुगतान होने या अनजाने में पैसे कटने की संभावना भी कम हो जाएगी.

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दूसरे ऐप पर भी देख सकेंगे जानकारी

इस फीचर की खास बात यह है कि ग्राहक अपने सभी ऑटोपे की जानकारी किसी भी यूपीआई ऐप पर देख सकेंगे. जरूरत पड़ने पर वे यह भी जान सकेंगे कि कौन-सा भुगतान किस ऐप से जुड़ा हुआ है. इससे अलग-अलग ऐप्स में जाकर जानकारी खोजने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

बदलाव या रद्द करने के लिए उसी ऐप पर जाना होगा

हालांकि, यदि कोई ग्राहक किसी ऑटोपे सब्सक्रिप्शन को बंद करना चाहता है या उसमें बदलाव करना चाहता है, तो उसे उसी यूपीआई ऐप का इस्तेमाल करना होगा, जिसके जरिए उसने शुरुआत में ऑटोपे सुविधा सक्रिय की थी. सभी ऐप्स केवल ई-मैंडेट की सूची दिखाएंगी, लेकिन किसी बदलाव या लेनदेन के लिए यूजर को मूल ऐप पर ही भेजा जाएगा.

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तेजी से बढ़ रहा है यूपीआई ऑटोपे का इस्तेमाल

देश में यूपीआई ऑटोपे का उपयोग लगातार बढ़ रहा है. एनपीसीआई के आंकड़ों के मुताबिक, मई 2026 में शीर्ष 10 बैंकों ने करीब 1.6 अरब ऑटोपे लेनदेन प्रोसेस किए. वहीं, एक साल पहले मई 2025 में यह संख्या 57.7 करोड़ थी. यानी सिर्फ एक साल में ऑटोपे लेनदेन लगभग तीन गुना बढ़ गए हैं.

इन सेवाओं के लिए सबसे ज्यादा होता है उपयोग

यूपीआई ऑटोपे का इस्तेमाल नियमित भुगतान के लिए किया जाता है. इसमें लोन की ईएमआई, बीमा प्रीमियम, म्यूचुअल फंड एसआईपी, मोबाइल रिचार्ज, बिजली-पानी के बिल और ओटीटी प्लेटफॉर्म की सदस्यता जैसे भुगतान शामिल हैं. ऑटोपे की मदद से तय तारीख पर भुगतान अपने आप हो जाता है, जिससे किसी भुगतान को भूलने की संभावना कम रहती है.

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क्यों जरूरी हो गया यह नया फीचर

ऑटोपे लेनदेन की संख्या बढ़ने के साथ कई ग्राहकों को यह याद नहीं रहता कि उन्होंने किन-किन सेवाओं के लिए ऑटो भुगतान की अनुमति दे रखी है. कई बार खाते में पर्याप्त बैलेंस न होने की वजह से भुगतान असफल भी हो जाते हैं. एनपीसीआई का मानना है कि जब सभी ऑटोपे एक ही जगह दिखाई देंगे, तो ग्राहक अपने खर्चों और नियमित भुगतानों पर बेहतर नियंत्रण रख सकेंगे.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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