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UPI से हो रहे सबसे ज्यादा फ्रॉड, Pay दबाने से पहले ये टिप्स जरूर जान लें

UPI ने पेमेंट को आसान बना दिया है, लेकिन जल्दबाजी और छोटी-छोटी गलतियां इसे फ्रॉड का बड़ा जरिया भी बना रही हैं और इन गलतियों से आपका बैंक अकाउंट खाली हो जाएगा.

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UPI से होते हैं सबसे ज्यादा फ्रॉड. (Photo-News24 GFX)

UPI Fraud Se kaise Bache: UPI ने हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को जितना आसान बनाया है, उतना ही रिस्क भी बढ़ा दिया है. आज एक क्लिक में पेमेंट हो जाता है, लेकिन यही जल्दी कई बार भारी पड़ जाती है. ज्यादातर UPI फ्रॉड किसी बड़े सिस्टम हैक की वजह से नहीं होते, बल्कि हमारी छोटी-छोटी लापरवाहियों से होते हैं. बिना पढ़े कलेक्ट रिक्वेस्ट स्वीकार कर लेना, फर्जी कस्टमर केयर पर भरोसा कर लेना या जल्दबाजी में QR कोड स्कैन कर देना- यही आम गलतियां साइबर ठगों के लिए सबसे बड़ा मौका बन जाती हैं. ऐसे में “Pay” दबाने से पहले एक सेकेंड रुकना ही सबसे बड़ी सुरक्षा बन सकता है.

UPI क्यों बना सुविधा के साथ जोखिम भी

आज लगभग हर छोटा-बड़ा पेमेंट UPI से होने लगा है. फोन निकाला और सेकेंडों में भुगतान हो गया. यही तेजी धीरे-धीरे आदत बन जाती है और सोचने का वक्त कम हो जाता है. असल समस्या यह है कि UPI का सिस्टम काफी सुरक्षित है, लेकिन हमारी गलती फ्रॉडस्टर्स के लिए रास्ता खोल देती है. वे इसी जल्दबाज़ी और भरोसे का फायदा उठाते हैं.

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डेली लाइफ की वो गलतियां जो फ्रॉड को आसान बनाती हैं

अक्सर धोखाधड़ी किसी हैकर से नहीं, बल्कि हमारी जल्दबाज़ी से शुरू होती है. कोई अनजान व्यक्ति कहता है कि वह पैसे भेज रहा है और हम बिना ध्यान दिए कलेक्ट रिक्वेस्ट स्वीकार कर लेते हैं. कभी रिफंड के नाम पर आए लिंक पर क्लिक कर देते हैं. कई बार कोई खुद को कस्टमर केयर बताकर स्क्रीन-शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवा लेता है. पेमेंट जितनी तेजी से करते हैं, फैसला भी उतनी ही तेजी से कर लेते हैं और यहीं चूक हो जाती है.

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क्या घरों में डिजिटल नियम बनाना जरूरी है

आज बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी UPI का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन सबकी डिजिटल समझ एक जैसी नहीं होती. एक छोटी सी गलती बड़ा नुकसान कर सकती है. इसलिए घर में कुछ साफ डिजिटल नियम तय करना बेहद जरूरी है. जैसे बिना वजह कलेक्ट रिक्वेस्ट स्वीकार न करना, OTP किसी को न बताना, अनजान लिंक न खोलना और बिना पूछे कोई नया ऐप इंस्टॉल न करना.

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UPI फ्रॉड की 5 आम वजहें

  • बिना पढ़े कलेक्ट रिक्वेस्ट अप्रूव कर देना
  • रिफंड के नाम पर आए लिंक को तुरंत खोल देना
  • फर्जी कस्टमर केयर कॉल पर भरोसा कर लेना.
  • QR कोड स्कैन करते समय नाम न जांचना 
  • जल्दबाजी में पेमेंट कन्फर्म कर देना

UPI को ज्यादा सुरक्षित कैसे बनाएं

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अगर कुछ सावधानियां अपनाई जाएं तो UPI काफी हद तक सुरक्षित हो सकता है. खर्च और सेविंग्स के लिए अलग-अलग अकाउंट रखें. रोजमर्रा के पेमेंट वाले अकाउंट में कम बैलेंस रखें. बैंक ऐप में ट्रांजैक्शन लिमिट सेट करें. फोन में मजबूत लॉक रखें और UPI ऐप के लिए अलग और मजबूत PIN का इस्तेमाल करें.

‘Pay’ दबाने से पहले एक सेकेंड रुकना क्यों जरूरी है

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अक्सर यही एक सेकेंड आपको फ्रॉड से बचा सकता है. QR कोड स्कैन करने से पहले नाम जरूर मिलाएं. अगर किसी मैसेज या कॉल में जल्दी करने का दबाव बनाया जा रहा हो, तो सतर्क हो जाएं. थोड़ी सी सोच और सतर्कता डिजिटल धोखाधड़ी के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है.

नोट: यह जानकारी केवल जागरूकता के लिए है, ताकि आप UPI का इस्तेमाल सुरक्षित तरीके से कर सकें.

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ये भी पढ़ें- ऐसे करें ऑफलाइन UPI पेमेंट, बस 30 सेकंड में ट्रांजैक्शन पूरा, जानें तरीका

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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