Temple vs Apple Watch: हार्ट रेट ट्रैकिंग में Apple वॉच से बेहतर है Temple डिवाइस! दीपिंदर गोयल का दावा, जानें क्यों है खास?

Apple Watch को टक्कर देने के लिए Zomato के फाउंडर दीपिंदर गोयल नया वियरेबल Temple लेकर आ रहे हैं. उनका दावा है कि 85,000 रुपये का यह डिवाइस हार्ट रेट ट्रैकिंग में Apple Watch Series 12 से भी ज्यादा सटीक है. जानिए इस डिवाइस में ऐसा क्या खास है.

Temple device

दीपिंदर गोयल के नए वियरेबल Temple डिवाइस की प्री-बुकिंग शुरू हो गई है. (Image Credit-temple.com)

Apple Watch को अब तक हार्ट रेट ट्रैकिंग के लिए भरोसेमंद स्मार्टवॉच में गिना जाता है, लेकिन जोमेटो के फाउंडर दीपिंदर गोयल ने अपने नए वियरेबल डिवाइस Temple को लेकर बड़ा दावा किया है. उनका कहना है कि Temple हार्ट रेट मापने के मामले में Apple Watch Series 12 समेत कई बड़े ब्रांड के वियरेबल्स से ज्यादा सटीक है. खास बात यह है कि कंपनी के मुताबिक, तेज एक्सरसाइज और हाई इंटेंसिटी वर्कआउट के दौरान भी ये डिवाइस बेहतर रीडिंग देता है. भारत में इस डिवाइस की प्री-बुकिंग शुरू हो गई है. इसकी कीमत 85,000 रुपये रखी गई है.

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Apple Watch Series 12 से बेहतर हार्ट रेट ट्रैकिंग का दावा

दीपिंदर गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि Temple को बनाने का एक बड़ा मकसद प्रोफेशनल एथलीट्स के लिए बेहतर वियरेबल तैयार करना है. कंपनी की शुरुआत हार्ट रेट ट्रैकिंग को ज्यादा सटीक बनाने से हुई है. गोयल के मुताबिक, आमतौर पर लोग मानते हैं कि हार्ट रेट मापने की तकनीक अब काफी बेहतर हो चुकी है, लेकिन तेज एक्सरसाइज के दौरान इसमें अभी भी दिक्कत आती है. खासकर हार्ट रेट के जोन 4 और 5 में सही रीडिंग मिलना मुश्किल होता है. ये दोनों जोन उन एथलीट्स के लिए काफी अहम हैं, जो हाई-इंटेंसिटी ट्रेनिंग करते हैं.

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5 बड़े वियरेबल्स के साथ किया गया टेस्ट

Temple की सटीकता जांचने के लिए कंपनी ने इसकी तुलना पांच फ्लैगशिप वियरेबल डिवाइस से की. इस टेस्ट में Polar H10 चेस्ट स्ट्रैप को रेफरेंस डिवाइस के तौर पर इस्तेमाल किया गया. हालांकि, कंपनी ने इस टेस्ट में एक बदलाव भी किया. दीपिंदर गोयल के मुताबिक, Polar H10 को यूजर की छाती पर टेप से चिपकाया गया था, क्योंकि स्प्रिंट जैसी तेज एक्सरसाइज के दौरान सामान्य चेस्ट स्ट्रैप अपनी जगह से खिसक सकता है. इससे हार्टबीट की रीडिंग छूटने की आशंका रहती है.

तेज वर्कआउट के दौरान Apple Watch भी पीछे

कंपनी ने सभी डिवाइस की रीडिंग को आराम करने की स्थिति से लेकर अधिकतम शारीरिक मेहनत तक सेकंड-दर-सेकंड चेक किया. गोयल का दावा है कि इस टेस्ट में बाकी बड़े वियरेबल्स Temple से काफी पीछे रहे, जबकि Apple Watch Series 12 इसके सबसे करीब रही. कंपनी के मुताबिक, बिना टेप वाले Polar H10 चेस्ट स्ट्रैप के मुकाबले भी Temple ने हार्ट रेट जोन 4 और 5 में बेहतर प्रदर्शन किया. ये वे जोन हैं, जहां एक्सरसाइज के दौरान दिल की धड़कन काफी तेज हो जाती है. एथलीट्स के लिए इन रीडिंग की सटीक जानकारी ट्रेनिंग की तीव्रता और प्रदर्शन को समझने में मदद कर सकती है.

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आखिर कैसे काम करता है Temple का सेंसर?

दीपिंदर गोयल ने Temple की बेहतर सटीकता के पीछे दो प्रमुख वजहें बताई हैं. पहली वजह इसका चिपकने वाला डिजाइन है. यह डिवाइस त्वचा पर चिपककर रहता है, जिससे एक्सरसाइज के दौरान अपनी जगह से खिसकने की संभावना कम होती है. कंपनी का कहना है कि इस वजह से लैब में किए गए टेस्ट और असल इस्तेमाल की स्थिति में ज्यादा समानता रहती है.

माथे और कान के बीच लगाया जाता है डिवाइस

Temple को हाथ या कलाई पर पहनने के बजाय सिर के किनारे लगाया जाता है. यह माथे और कान के बीच की जगह पर चिपकता है. गोयल के मुताबिक, इस हिस्से में एक बड़ी धमनी मौजूद होती है. यहां डिवाइस लगाने से तेज एक्सरसाइज के दौरान खून के बहाव पर वैसा दबाव नहीं पड़ता, जैसा शरीर के कुछ दूसरे हिस्सों में हो सकता है. उन्होंने बताया कि कंपनी ने एक ही सेंसर को शरीर के चार अलग-अलग हिस्सों पर लगाकर टेस्ट किया था. इनमें सिर के किनारे वाली जगह पर सबसे सटीक रीडिंग मिली.

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कंपनी ने जारी की रिसर्च रिपोर्ट

Temple ने अपनी वेबसाइट पर इस टेस्ट से जुड़ी पूरी रिसर्च रिपोर्ट और डेटा भी जारी किया है. हालांकि, फिलहाल ये नतीजे कंपनी के अपने अध्ययन पर आधारित हैं. स्वतंत्र शोधकर्ता भी इस डिवाइस की सटीकता को लेकर एक विस्तृत अध्ययन कर रहे हैं. गोयल ने दूसरे शोधकर्ताओं को भी अलग-अलग परिस्थितियों में इस टेस्ट को दोहराने का न्योता दिया है. उन्होंने कहा है कि कंपनी इस तरह की रिसर्च के लिए फंड देने को भी तैयार है.

कितनी है Temple डिवाइस की कीमत?

कंपनी की ओर से साझा किए गए अर्ली-एक्सेस इनवाइट के मुताबिक, इसकी कीमत 85,000 रुपये रखी गई है. यह डिवाइस मेड-टू-ऑर्डर मॉडल पर तैयार किया जाएगा. यानी ऑर्डर मिलने के बाद इसे बनाया जाएगा. खरीदारी के बाद इसकी डिलीवरी में करीब तीन महीने का समय लग सकता है. ग्राहकों को डिवाइस शिप होने तक ऑर्डर का रिफंड मांगने का विकल्प भी मिलेगा.

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Source- Temple.Com

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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