Phone Restart Effects: स्मार्टफोन आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का एक बेहद अहम और अटूट हिस्सा बन चुका है. बैंक के काम से लेकर ऑफिस के प्रोजेक्ट्स तक, और सोशल मीडिया से लेकर ऑनलाइन पेमेंट तक, लगभग हर जरूरी काम आज मोबाइल के जरिए ही संभव हो पाता है. इस व्यस्तता के बीच बहुत से लोग अपने स्मार्टफोन को काफी लंबे समय तक न तो स्विच ऑफ करते हैं और न ही कभी रीस्टार्ट करते हैं. हालांकि आज के एडवांस स्मार्टफोन पहले की तुलना में कहीं ज्यादा ताकतवर और भरोसेमंद तकनीक से लैस हैं, लेकिन उन्हें लगातार बिना रुके सालों-साल चलाने के लिए बिल्कुल नहीं बनाया गया है. समय के साथ कई ऐप्स बैकग्राउंड में लगातार एक्टिव रहकर सिस्टम पर दबाव बनाते रहते हैं जिससे फोन की सेहत पर बुरा असर पड़ता है.
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एक साल तक लगातार फोन चालू रखने के नुकसान
अब सवाल उठता है कि अगर आपका स्मार्टफोन पूरे एक साल तक लगातार बिना रीस्टार्ट किए चालू रहे तो क्या होगा. एक्सपर्ट्स के मुताबिक जरूरी नहीं है कि आपका फोन अचानक पूरी तरह से खराब हो जाए, लेकिन समय के साथ उसमें कई तरह की तकनीकी दिक्कतें जरूर सामने आने लगेंगी. लंबे समय तक बिना रीस्टार्ट किए फोन चलाने से उसकी रैम यानी सिस्टम मेमोरी पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ सकता है. इसकी वजह से आपका फोन पहले की तुलना में काफी स्लो काम करने लगेगा. भारी फाइलों और कैश डेटा के जमा होने से ऐप्स खुलने में ज्यादा समय लेने लगेंगे और आपको मल्टीटास्किंग करने में भी भारी रुकावट का सामना करना पड़ेगा.
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बढ़ जाती हैं कई परेशानियां
जब कोई फोन महीनों तक रीस्टार्ट नहीं होता है, तो बैकग्राउंड में चलने वाले कई ऐप्स पूरी तरह से अस्थिर हो जाते हैं. इसके कारण जब आप कोई जरूरी ऐप खोलेंगे तो वह अचानक बंद हो जाएगा या बार-बार हैंग होने लगेगा. इसके साथ ही फोन की बैटरी लाइफ पर भी इसका सीधा असर देखने को मिलता है. बैकग्राउंड में लगातार चल रही छिपी हुई एक्टिविटी मोबाइल की बैटरी को बहुत तेजी से सोखने लगती हैं. कई बार यूजर्स को लगता है कि उनके फोन की बैटरी खराब या पुरानी हो गई है, जबकि असल में एक नॉर्मल रीस्टार्ट करने से ही बैटरी बैकअप की यह समस्या काफी हद तक अपने आप ही ठीक हो सकती है.
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रीस्टार्ट करने के फायदे
कई बार स्मार्टफोन यूजर्स यह शिकायत भी करते हैं कि उनके जरूरी मैसेज या नोटिफिकेशन समय पर नहीं आ रहे हैं या फोन के कुछ खास फीचर्स ठीक से काम नहीं कर रहे हैं. इस तरह के छोटे-मोटे सॉफ्टवेयर ग्लिच अक्सर एक बार फोन रीस्टार्ट करने से तुरंत दूर हो जाते हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट्स भी फोन को समय-समय पर रीस्टार्ट करने की सलाह देते हैं. कई टाइप के खतरनाक मैलवेयर और वायरस फोन की रैम मेमोरी में ही एक्टिव रहते हैं. ऐसे में जब आप फोन को रीस्टार्ट करते हैं तो वह मैलवेयर सिस्टम से साफ हो जाता है और आपकी पर्सनल सुरक्षा कई गुना ज्यादा मजबूत हो जाती है.
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