फोन में नहीं आ रहा कोई नया अपडेट? जानें कब तक सेफ है ऐसे Phone का इस्तेमाल करना

क्या जब स्मार्टफोन में सॉफ्टवेयर अपडेट आना बंद हो जाए तो उसे बदल लेना चाहिए? इस तरह के सवाल अक्सर जहन में आते हैं. यहां जानते हैं फोन में अपडेट आन बंद होने के बाद फोन यूज करना किसना सेफ है और कब नया फोन खरीदना सही रहता है.

Phone Update

फोन में कोई नया अपडेट नहीं आना किस बात का साइन है. (Photo-AI)

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स्मार्टफोन आज हर किसी की जिंदगी का जैसे हिस्सा ही बन गया है. बैंकिंग से लेकर ऑनलाइन पेमेंट, सोशल मीडिया, ऑफिस के कमा और इंटरटेनमेंट तक लगभग हर काम इससे हो जता है. लेकिन कई बार कुछ साल पुराने फोन में सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट आना बंद हो जाते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अब इस फोन का इस्तेमाल करना सुरक्षित है या फिर नए फोन पर स्विच कर लेना चाहिए?

अपडेट बंद होने पर क्या होता है?

जब किसी स्मार्टफोन का सॉफ्टवेयर सपोर्ट खत्म हो जाता है, तो कंपनी उसकी नई सिक्योरिटी अपडेट और सिस्टम अपडेट देना बंद कर देती है. इसका मतलब ये नहीं है कि फोन तत्काल काम करना बंद कर देगा, लेकिन समय के साथ उसकी सुरक्षा और परफॉर्मेंस पर असर पड़ सकता है.

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कुछ ऐप्स करना बंद कर सकते हैं सपोर्ट

टाइम के साथ कई ऐप डेवलपर्स अपने नए वर्जन सिर्फ लेटेस्ट Android या iOS के लिए लॉन्च करते हैं. ऐसे में पुराने फोन पर कुछ ऐप्स अपडेट नहीं हो पाते या उनका सपोर्ट धीरे-धीरे खत्म हो जाता है. इसके कारण ऐप्स स्लो चलने जैसी परेशानी या बार-बार क्रैश होने जैसी समस्या आ सकता है. कई बार तो पुराने फोन्स में ऐसे ऐप्स चलान ही बंद हो जाते हैं.

साइबर खतरा क्यों बढ़ जाता है?

फोन में सिक्योरिटी अपडेट बंद होने के बाद सुरक्षा में जो कमियां होती हैं वो ठीक नहीं हो पातीं. ऐसे में अगर कोई नया वायरस या साइबर अटैक होता  है तो पुराना सॉफ्टवेयर उसका सामना करने में सक्षम नहीं होता. ऐसी कंडीशन में हैकर्स पुराने सिस्टम की कमियों की वजह है यूजर की पर्सनल जानकारी, बैकिंग डिटेल्स और पासवर्ड तक चुराने की कोशिश कर सकते हैं.

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फोन अपडेट करना क्यों जरूरी होता है?

मोबाइल कंपनियां टाइम-टाइम पर सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट यूजर्स के लिए उनके फोन पर भेजती है और जारी करती है. इन अपडेट्स का मतलब सिर्फ नए फीचर्स देना नहीं होता बल्कि फोन नए साइबर अटैक से सेफ रखना भी होता है. इसके अलावा अपडेट्स से बग्स ठीक होते हैं और फोन की परफॉर्मेंस भी बेहतर होती है.

क्या अपडेट बंद होते ही नया फोन खरीदना चाहिए?

जरूरी नहीं है कि अपडेट बंद होने के बाद फोन तत्काल बदल दिया जाए. अगर आप फोन का यूज सिर्फ कॉल, मैसेज, इंटरनेट ब्राउजिंग या सामान्य कामों के लिए करते हैं और अगर आप ऑनलाइन बैंकिंग, UPI, डिजिटल पेमेंट या ऑफिस के जरूरी काम करते हैं, तो अपडेट मिलने वाला स्मार्टफोन इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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