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न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में 'Temple' डिवाइस पहने दिखे शुभमन गिल, जानिए क्या है इसका काम?

शुभमन गिल के माथे पर चिपका एक छोटा सा डिवाइस इन दिनों चर्चा में है. 85 हजार रुपये कीमत वाले इस गैजेट को देखकर हर कोई जानना चाहता है कि आखिर यह करता क्या है? जानिए कैसे यह दिमाग का ब्लड फ्लो, तनाव और शारीरिक गतिविधियों को ट्रैक करता है.

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शुभमन गिल के माथे पर चिपका एक छोटा सा डिवाइस इन दिनों चर्चा में है. (Image Credit-SonyLiv)

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल इन दिनों अपने खेल के साथ-साथ एक खास गैजेट को लेकर भी चर्जा में हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे मैच के दौरान गिल के माथे के पास एक छोटा सा डिवाइस चिपका दिखाई दिया. इससे पहले न्यूजीलैंड दौरे पर प्रैक्टिस सेशन के दौरान भी वह इसे पहने नजर आए थे. गिल के इस डिवाइस को देखकर सोशल मीडिया पर भी लोग हैरान हैं. खास बात यह है कि यह कोई सामान्य फिटनेस बैंड या स्मार्टवॉच नहीं, बल्कि दिमाग से जुड़े कुछ खास संकेतों को ट्रैक करने वाला वियरेबल डिवाइस है. इसका नाम Temple है.

क्या है Temple डिवाइस?

Temple एक खास वियरेबल डिवाइस है, जिसे Zomato के को-फाउंडर दीपिंदर गोयल से जुड़ी टीम ने तैयार किया है. इसे माथे के किनारे कनपटी के पास लगाया जाता है. इसका मकसद दिमाग में होने वाले ब्लड फ्लो और शरीर से जुड़े दूसरे फिजियोलॉजिकल सिग्नल को ट्रैक करना है.

इस डिवाइस में ऑप्टिकल सेंसर दिए गए हैं और यह BrainFlow नाम की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है. आसान भाषा में समझें तो यह माथे के किनारे से मिलने वाले संकेतों के जरिए दिमाग में ब्लड फ्लो में होने वाले बदलाव को मापने की कोशिश करता है.

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क्या करता है Temple डिवाइस?

दिमाग में ब्लड फ्लो और ऑक्सीजन से जुड़े संकेतों पर रखता है नजर

Temple डिवाइस सिर्फ ब्लड फ्लो ही नहीं, बल्कि ऑक्सीजन से जुड़े संकेतों को भी ट्रैक करने के लिए बनाया गया है. इसके अलावा यह दिमाग और शरीर पर पड़ने वाले मानसिक दबाव यानी Cognitive Load को भी समझने की कोशिश करता है.

इसका मतलब है कि जब कोई खिलाड़ी मैदान पर ज्यादा मानसिक दबाव में होता है या किसी मुश्किल स्थिति में खेल रहा होता है, तो उस दौरान शरीर और दिमाग की प्रतिक्रिया को समझने में यह डिवाइस मदद कर सकता है.

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Entropy स्कोर से पता चलता है शारीरिक दबाव

Temple डिवाइस में Entropy स्कोर भी दिया जाता है. यह स्कोर शरीर पर पड़ने वाले फिजियोलॉजिकल दबाव को दिखाने के लिए बनाया गया है. एक्सरसाइज, नींद और तनाव जैसी चीजों के कारण इसमें बदलाव हो सकता है. यानी यह स्कोर किसी एक बीमारी या समस्या की जानकारी नहीं देता, बल्कि अलग-अलग परिस्थितियों में शरीर पर पड़ने वाले दबाव से जुड़े संकेत दिखाता है.

मूवमेंट और शरीर के पोश्चर को भी करता है ट्रैक

Temple की खासियत सिर्फ दिमाग से जुड़े संकेतों तक सीमित नहीं है. यह शरीर की गतिविधियों और पोश्चर यानी बैठने या खड़े होने के तरीके को भी ट्रैक कर सकता है. इसके अलावा चबाने जैसी शारीरिक गतिविधियों को भी रिकॉर्ड करने की क्षमता बताई गई है. खिलाड़ियों के लिए इसका इस्तेमाल ट्रेनिंग और मैच के दौरान शरीर की प्रतिक्रिया समझने में मददगार हो सकता है.

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पीवी सिंधु भी पहन चुकी हैं ये डिवाइस

शुभमन गिल से पहले भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु भी इस डिवाइस के साथ नजर आ चुकी हैं. उन्होंने अगस्त में नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरान इसे पहना था. अब न्यूजीलैंड दौरे पर गिल के माथे पर यह डिवाइस दिखने के बाद एक बार फिर इसकी चर्चा शुरू हो गई है.

कितनी है Temple की कीमत?

Temple डिवाइस की प्री-ऑर्डर बुकिंग शुरू हो चुकी है. इसकी कीमत 85,000 रुपये रखी गई है. माथे के किनारे चिपकाकर पहने जाने वाला यह डिवाइस अपने अलग डिजाइन और दिमाग से जुड़े संकेतों को ट्रैक करने की तकनीक के कारण चर्चा में है. फिलहाल इसे लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है, खासकर फिटनेस और स्पोर्ट्स की दुनिया में.

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ये भी पढे़ं- Temple vs Apple Watch: हार्ट रेट ट्रैकिंग में Apple वॉच से बेहतर है Temple डिवाइस! दीपिंदर गोयल का दावा, जानें क्यों है खास?

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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