क्या सच में PM Yojana में आधार पर मिल रहा 3 लाख का लोन? सरकार ने बताई सच्चाई

आधार कार्ड पर 3 लाख रुपये का आसान लोन देने का दावा कर रहे विज्ञापन सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे हैं, लेकिन क्या ये सच है. आइए जानते हैं इसे लेकर सरकार ने क्या कहा?

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Prime Minister Loan Scheme के नाम पर बड़ा स्कैम. (Photo-News24 Gfx)

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PM Yojana Aadhar loan Scam: अगर आपको भी सोशल मीडिया या पर आधार कार्ड पर 3 लाख रुपए का आसान लोन मिलने का विज्ञापन दिखा है, तो सावधान हो जाइए. यह ऑफर जितना आकर्षक दिखता है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है. सरकार ने खुद साफ कर दिया है कि इस तरह की कोई आधार कार्ड पर ऐसे कोई Prime Minister Loan Scheme मौजूद नहीं है. ऐसे में जरा सी लापरवाही आपको बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है. 

सरकार ने किया साफ, नहीं है ऐसी कोई योजना

दरअसल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मस पर इन दिनों एक फर्जी विज्ञापन तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें दावा किया जा रहा है कि सरकार की तरफ से आधार कार्ड पर 3 लाख रुपए तक का लोन दिया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है. सरकार की फैक्ट-चेकिंग यूनिट Press Information Bureau ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी बताया है. अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह की कोई भी स्कीम सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद नहीं है और इसका सरकार से कोई लेना-देना नहीं है.

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विज्ञापन को असली दिखाने की चाल

इन फर्जी विज्ञापनों में भरोसा जीतने के लिए सरकारी जैसे लोगो, ग्राफिक्स और भाषा का इस्तेमाल किया जाता है. साथ ही अभी अप्लाई करें जैसे शब्द डालकर लोगों को जल्दबाजी में फैसला लेने के लिए उकसाया जाता है.

लिंक और QR कोड के जरिए फंसाने की कोशिश

कई बार इन विज्ञापनों में लिंक या QR कोड दिए जाते हैं, जिन पर क्लिक करते ही यूजर किसी बाहरी वेबसाइट या ऐप पर पहुंच जाता है. यहीं से असली धोखा शुरू होता है.

कैसे बनाते हैं लोगों को निशाना

ऐसे स्कैम खासतौर पर उन लोगों को टारगेट करते हैं, जिन्हें तुरंत पैसों की जरूरत होती है. लिंक पर क्लिक करने के बाद यूजर्स से आधार नंबर, मोबाइल नंबर और बैंक डिटेल्स जैसी संवेदनशील जानकारी मांगी जाती है. अगर आपने अपनी जानकारी शेयर कर दी, तो इसका गलत इस्तेमाल हो सकता है. इससे आपके बैंक खाते से पैसे निकल सकते हैं या आपकी पहचान का दुरुपयोग किया जा सकता है.

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ऐसे रहें सुरक्षित

हमेशा ऐसे विज्ञापनों से दूर रहें जो बिना वेरिफिकेशन के तुरंत लोन देने का दावा करते हैं. किसी भी योजना की जानकारी के लिए सरकारी पोर्टल MyScheme पर ही भरोसा करें. अगर किसी विज्ञापन में भाषा गलत हो, URL संदिग्ध लगे या तुरंत फैसला लेने का दबाव बनाया जाए, तो समझ जाएं कि यह फर्जी हो सकता है. ऐसे मामलों में सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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