100% से कुछ ही देर में 30% पर आ गई फोन की बैटरी, ये 5 सेटिंग्स बदलते ही ठीक होगी परेशानी!

सुबह फोन 100% चार्ज करके निकलते हैं और कुछ घंटों में बैटरी 30% पर पहुंच जाती है? इसके पीछे सिर्फ खराब बैटरी नहीं, बल्कि फोन की कुछ सेटिंग्स और बैकग्राउंड में चलने वाले ऐप्स भी हो सकते हैं. इन छोटी-छोटी सेटिंग्स को बदलकर बैटरी बैकअप बेहतर किया जा सकता है.

Phone Battery Draining

सुबह फोन 100% चार्ज करके निकलते हैं और कुछ घंटों में बैटरी 30% पर पहुंच जाती है.

विज्ञापन

सुबह घर से निकलते वक्स फोन की बैटरी 100 प्रतिशत होती है, लेकिन कुछ ही घंटों में इसका चार्ज तेजी से नीचे आने लगता है. दोपहर तक अगर बैटरी 30 प्रतिशत पर पहुंच जाए तो टेंशन होने लगती है. खासकर सफर के दौरान या ऐसी जगह जहां चार्जिंग की सुविधा न हो, कम बैटरी काफी परेशान कर सकती है. हालांकि हर बार इसके लिए बैटरी को ही जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. फोन की कुछ सेटिंग्स और बैकग्राउंड में चलने वाले ऐप्स भी लगातार बैटरी खर्च करते रहते हैं. अगर आपके फोन की बैटरी भी जरूरत से ज्यादा तेजी से खत्म होती है, तो कुछ छोटी-छोटी सेटिंग्स बदलकर आप काफी फर्क देख सकते हैं.

ऑटो ब्राइटनेस को बंद करके देखें

फोन की स्क्रीन बैटरी खर्च करने वाले सबसे बड़े हिस्सों में से एक है. ज्यादातर स्मार्टफोन में ऑटो-ब्राइटनेस फीचर चालू रहता है जो आसपास को रोशनी के हिसाब से स्क्रीन की चमक खुद बदलता है. कई बार यह जरूरत से ज्यादा ब्राइटनेस कर देता है और बैटरी तेजी से कम होने लगती है. बेहतर बैटरी बैकअप के लि ब्राइटनेस को जरूरत के हिसाब से मैनुअली लो या मीडियम पर रखना बेहतर है. तेज रोशनी में जरूरत पड़ने पर ही इसे बढ़ाएं.

विज्ञापन

बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स को रोकें

किसी ऐप को स्क्रीन से हटाने के बाद अक्सर हमें लगता है कि वह पूरी तरह बंद हो गया है, लेकिन कई ऐप्स बैकग्राउंड में चलते रहते हैं. इस दौरान वे लगातार बैटरी और दूसरे फोन रिसोर्स का इस्तेमाल करते हैं. फोन की सेटिंग में जाकर Battery Usage चेक करें और देखें कि कौन-से ऐप सबसे ज्यादा बैटरी खर्च कर रहे हैं. जिन ऐप्स की जरूरत कम है, उनका बैकग्राउंड यूसेज बंद या रिस्ट्रिक्ट किया जा सकता है.

जरूरत न हो तो लोकेशन और ब्लूटूथ बंद रखें

कैब बुक करने, रास्ता देखने या किसी दूसरे काम के लिए लोकेशन की जरूरत पड़ती है. इसी तरह ईयरबड्स या दूसरी डिवाइस कनेक्ट करने से लिए ब्लूटूथ ऑन करना पड़ता है. लकिन काम खत्म होने के बाद कई लोग इन्हें बंद करना भूल जाते हैं. कुछ ऐप्स बैकग्राउंड में इन सर्विस का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. इसलिए जब जरूरत न होतो लोकेशन, ब्लूटूथ और वाई-फाई जैसी कनेक्टिविटी सेटिंग्स को बंद रखना बैटरी के लिए फायदेमंद हो सकता है.

वाइब्रेशन और हैप्टिक फीडबैक कम करें

फोन में हर नोटिफिकेश के साथ वाइब्रेशन होने पर अंदर लगी छोटी मोटर एक्टिव होती है और बैटरी खर्च होती है . टाइपिंग के दौरान मिलने वाला हैप्टिक फीडबैक भी लगातार इस्तेमाल होने पर कुछ पावर लेता है. अगर आपको इसकी खास जरूरत नहीं है, तो नोटिफिकेशन का वाइब्रेशन बंद कर सकते हैं या कम कर सकते हैं. इससे खासकर उन लोगों को फायदा मिल सकता है जिनके फोन पर दिनभर लगातर नोटिफिकेशन आते रहत हैं.

विज्ञापन

ज्यादा बैटरी खाने वाले ऐप्स पहचानें

कुछ ऐप्स दूसरे ऐप्स के मुकाबले ज्यादा बैटरी खर्च करते हैं. सोशल मीडिया ऐप्स जैसे Facebook और Snapchat के साथ-साथ हैवी गेमिंग ऐप्स भी फोन की बैटरी तेजी से कम कर सकते हैं. अगर आप इन ऐप्स का इस्तेमाल ज्यादा नहीं करते हैं तो इन्हें हटाना एक विकल्प है. जरूरत हो तो इनके लाइट वर्जन का इस्तेमाल कर सकते हैं या ब्राउजर के जरिए सोशल मीडिया चला सकते हैं.

हैवी ऐप्स का बैकग्राउंड यूसेज करें रिस्ट्रिक्ट

अगर किसी हैवी ऐप को फोन में रखना जरूरी है, तो उसका बैकग्राउंड यूसेज रिस्ट्रिक्ट किया जा सकता है. इससे ऐप को इस्तेमाल करने के बाद उसके बैकग्राउंड में लगातार चलते रहने की संभावना कम हो जाती है. इसके लिए फोन की Battery या App Settings में जाकर संबंधित ऐप की बैटरी सेटिंग चेक करें और जरूरत के मुताबिक बैकग्राउंड एक्टिविटी को सीमित करें.

विज्ञापन

इन सेटिंग्स पर थोड़ा ध्यान देकर आप फोन को लंबे समय तक चला सकते हैं और जरूरत पड़ने पर बार-बार चार्जर या पावर बैंक खोजने की परेशानी भी कम हो सकती है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ