ओला कंपनी का चैटबॉट कृत्रिम ऑनलाइन एक्टिव हो गया है।
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Ola Company AI Chatbot Krutrim Features: OpenAI के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट चैटजीपीटी, गूगल के AI चैटबॉट जेमिनी, मुकेश अंबानी के AI चैटबॉट 'हनुमान' को टक्कर देने के लिए ओला का AI चैटबॉट 'कृत्रिम' आ गया है। ओला कैब और इलेक्ट्रिक कंपनी के फाउंडर भविश अग्रवाल ने बीते दिन इसे ऑफिशियली लॉन्च किया। लोगों के लिए इसे ऑनलाइन एक्टिव भी कर दिया गया है।
chat.olakrutrim.com वेबसाइट पर लॉगइन करके AI चैटबॉट 'कृत्रिम' के लिए साइनअप कर सकते हैं। इसके लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करके लॉगइन करना होगा। यह चैटबॉट 22 भारतीय भाषाओं को समझने में सक्षम है। यह हिंदी, अंगेजी, तमिल, तेलुगु, मराठी समेत 10 भाषाओं में टेक्सट जनरेट करने में भी सक्षम है।
कृत्रिम नाम ही क्यों रखा?
ओला के फाउंडर भाविश ने AI चैटबॉट का नाम 'कृत्रिम' क्यों रखा? इसके जवाब में बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का हिंदी में मतलब है- कृत्रिम बुद्धिमत्ता। संस्कृत में भी आर्टिफिशियल को कृत्रिम ही कहते हैं। इसलिए भारतीय संस्कृति को जुड़ाव महसूस करते हुए चैटबॉट का नाम 'कृत्रिम' रखने का फैसला लिया गया।
कृत्रिम चैटबॉट के 2 मॉडल
भाविश ने बताया कि कृत्रिम चैटबॉट के 2 मॉडल मिलेंगे। बेसिक मॉडल का नाम 'कृत्रिम' है। दूसरे मॉडल का नाम कृत्रिम-प्रो (Krutrim Pro) है। अभी बेसिक मॉडल को लॉन्च किया गया है और ऑफिशियली ऑनलाइन एक्टिव किया गया है। कृत्रिम लार्ज लैंगवेज मॉडल (LLM) है। क्योंकि यह अलग-अलग भाषाओं के डेटा को ट्रांसलेट करने, प्रेडिक्ट करने, टेक्स्ट और अन्य कंटेंट को जनरेट करने की क्षमता रखता है, इसलिए इसे लार्ज मॉडल कहा गया है।
2023 में बनाई थी कंपनी
भाविश ने बताया कि उन्होंने अप्रैल 2023 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी कृत्रिम AI डिजाइंस प्राइवेट लिमिटेड बनाई थी। इसके 2 डायरेक्टर हैं। एक वे खुद, दूसरे कृष्णमूर्ति वेणुगोपाला हैं। कंपनी खोलते ही उन्होंने टीम को 6 महीने के अंदर चैटबॉट बनाने का निर्देश दे दिया था, जो बनाया गया और दिसंबर 2023 में उसे पब्लिक के सामने पेश किया गया। फरवरी 2024 में इसे ऑनलाइन एक्टिव कर दिया गया।