आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का सबसे निजी हिस्सा बन चुका है. हम क्या सर्च करते हैं, कौन-सा ऐप इस्तेमाल करते हैं, कहां जाते हैं सब कुछ कहीं न कहीं रिकॉर्ड होता रहता है. ऐसे में अगर आपके मन में यह सवाल आता है कि आपका डेटा कहीं बिना आपकी जानकारी के शेयर तो नहीं हो रहा, तो यह चिंता बिल्कुल जायज है. अच्छी बात यह है कि Android फोन में कुछ ऐसी सेटिंग्स मौजूद हैं, जिन्हें बदलकर आप अपने डेटा शेयरिंग को काफी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं. समझते हैं कैसे.
वेब और ऐप एक्टिविटी को बंद करें
यह सेटिंग आपके फोन से जुड़ी लगभग हर एक्टिविटी को ट्रैक करती है जैसे आपने क्या सर्च किया, कौन-से ऐप इस्तेमाल किए और कहां-कहां गए. अगर आप इसे बंद कर देते हैं, तो गूगल आपके अकाउंट पर इस तरह की डिटेल हिस्ट्री सेव नहीं कर पाएगा. इसके लिए Settings में जाकर Google सेक्शन खोलें, फिर Data & Privacy में Web & App Activity ढूंढकर इसे ऑफ कर दें.
---विज्ञापन---
यूट्यूब हिस्ट्री को लिमिट करें
यूट्यूब आपके देखने और सर्च करने की हिस्ट्री को सेव करता है, जिससे आपको उसी हिसाब से वीडियो दिखाए जाते हैं. अगर आप चाहते हैं कि यह डेटा लंबे समय तक सेव न रहे, तो YouTube ऐप की Settings में जाकर History & Privacy खोलें और Auto-delete को 3 महीने पर सेट कर दें.
---विज्ञापन---
एड पर्सनलाइजेशन को बंद करें
जब यह सेटिंग चालू रहती है, तो आपको आपकी पसंद के हिसाब से विज्ञापन दिखाए जाते हैं. लेकिन इसके लिए आपकी एक्टिविटी ट्रैक की जाती है. अगर आप इसे बंद कर देते हैं, तो आपकी जानकारी के आधार पर विज्ञापन दिखाना कम हो जाएगा. इसके लिए Settings > Google > Ads में जाकर Ad Personalization को ऑफ कर दें.
---विज्ञापन---
लोकेशन हिस्ट्री को ऑफ रखें
यह फीचर आपके आने-जाने की जगहों को रिकॉर्ड करता है और टाइमलाइन बनाता है. अगर आप नहीं चाहते कि आपकी लोकेशन ट्रैक हो, तो इसे बंद कर सकते हैं. इसके लिए Settings > Location > Location Services में जाकर Location History को ऑफ कर दें.
---विज्ञापन---
नियरबाय डिवाइस स्कैनिंग बंद करें
आपका फोन आसपास के Wi-Fi और Bluetooth डिवाइस को तब भी स्कैन कर सकता है, जब आपने इन्हें बंद किया हो. यह भी डेटा कलेक्शन का एक तरीका है. इसे रोकने के लिए Settings > Location > Location Services > Scanning में जाकर Wi-Fi और Bluetooth Scanning को बंद कर दें.
गूगल लोकेशन एक्युरेसी को कंट्रोल करें
यह फीचर आपकी लोकेशन को ज्यादा सटीक बनाने के लिए GPS के साथ Wi-Fi, Bluetooth और मोबाइल नेटवर्क का इस्तेमाल करता है. अगर आप इसे बंद कर देते हैं, तो आपकी लोकेशन ट्रैकिंग थोड़ी कम सटीक हो जाएगी, लेकिन प्राइवेसी बेहतर रहेगी. इसे बंद करने के लिए Settings > Location > Location Services में जाकर Location Accuracy ऑफ करें.
बैकग्राउंड डेटा यूसेज पर लगाएं रोक
कई ऐप्स ऐसे होते हैं जो बैकग्राउंड में भी डेटा भेजते और लेते रहते हैं, भले ही आप उनका इस्तेमाल न कर रहे हों. इसे रोकने के लिए Settings > Apps में जाकर किसी भी ऐप को चुनें, फिर Battery सेक्शन में जाकर इसे Restricted पर सेट कर दें.
पर्सनलाइज्ड डेटा शेयरिंग को बंद करें
गूगल की अलग-अलग सर्विसेज एक-दूसरे के साथ डेटा शेयर करके आपका एक प्रोफाइल बनाती हैं. अगर आप इसे सीमित करना चाहते हैं, तो Settings > Google > All Services में जाकर Personalization विकल्प में जाकर डेटा शेयरिंग को बंद कर सकते हैं.
अपने डेटा को खुद चेक करें
अगर आप जानना चाहते हैं कि आपके बारे में कितना डेटा पहले से सेव है, तो ब्राउजर में myaccount.google.com खोलें. यहां Data & Privacy सेक्शन में जाकर आप Activity Controls और सेव किया गया डेटा देख सकते हैं और जरूरत के हिसाब से उसे मैनेज कर सकते हैं.
ध्यान रखने वाली जरूरी बात
यह समझना जरूरी है कि गूगल और दूसरी सर्विसेज आपका डेटा इसलिए इकट्ठा करती हैं ताकि आपको ज्यादा बेहतर और पर्सनलाइज्ड अनुभव मिल सके. अगर आप इन सेटिंग्स को बंद करते हैं, तो प्राइवेसी जरूर बढ़ेगी, लेकिन इसके साथ कुछ फीचर्स कम प्रभावी हो सकते हैं या ठीक से काम न करें. इसलिए अपनी जरूरत के हिसाब से ही बदलाव करें.
ये भी पढ़ें- लैपटॉप स्क्रीन पर आ गया ब्लैक स्पॉट? ये आसान ट्रिक्स मिनटों में कर सकते हैं ठीक