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LPG सिलेंडर नहीं मिल रहा? बिना गैस के भी बनेगा खाना…बस इन 5 किचन गैजेट्स की होगी जरूरत

अगर आपके शहर में भी LPG गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिल रहा है तो घबराने की जरूरत नहीं है. किचन के कुछ छोटे इलेक्ट्रिक गैजेट्स गैस की कमी में भी आपकी कुकिंग को आसान बना सकते हैं. जानते हैं कौन से हैं ये गैजेट.

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LPG सिलेंडर नहीं मिल रहा? इनकी मदद से बिना गैस भी पका सकेंगे खाना. (Photo-News24 GFx)

LPG Cylinder Shortage Crisis: देश के कई शहरों में इन दिनों LPG गैस सिलेंडर की किल्लत की खबरें सामने आ रही हैं. दिल्ली, यूपी, मुंबई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में भी लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है. ऊपर से गैस की कीमतों में 50 रुपये की बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर घर में गैस खत्म हो जाए तो खाना कैसे बनेगा. लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कुछ ऐसे छोटे टेक गैजेट्स हैं जिनकी मदद से बिना गैस के भी किचन का काम आसानी से चल सकता है.

गैस की कमी में ये गैजेट्स बन सकते हैं सहारा

अगर घर में गैस सिलेंडर उपलब्ध न हो तो कुछ इलेक्ट्रिक किचन उपकरण काफी मददगार साबित हो सकते हैं. ये छोटे-छोटे गैजेट्स बिजली से चलते हैं और इनकी मदद से रोजमर्रा की कुकिंग आसानी से की जा सकती है. खास बात यह है कि इनकी कीमत भी ज्यादा नहीं होती और इन्हें इस्तेमाल करना भी आसान होता है.

इंडक्शन कुकटॉप- LPG का सबसे बड़ा ऑप्शन

इंडक्शन कुकटॉप आज के समय में गैस स्टोव का सबसे पॉपुलर ऑप्शन बनता जा रहा है. इसमें बिजली की मदद से बर्तन सीधे गर्म होता है, जिससे खाना जल्दी पक जाता है और ऊर्जा की भी बचत होती है. बाजार में अच्छे इंडक्शन कुकटॉप लगभग 1500 से 2500 रुपये के बीच मिल जाते हैं, जो रोजमर्रा की कुकिंग के लिए काफी उपयोगी होते हैं.

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इलेक्ट्रिक राइस कुकर या मल्टी कुकर

दूसरा उपयोगी उपकरण इलेक्ट्रिक राइस कुकर या मल्टी कुकर है. इसमें चावल, दाल, खिचड़ी और कई तरह की सब्जियां आसानी से बनाई जा सकती हैं. छोटे परिवारों या अकेले रहने वाले लोगों के लिए यह काफी सुविधाजनक डिवाइस माना जाता है. इसकी कीमत आमतौर पर 1200 से 1800 रुपये के बीच होती है.

इलेक्ट्रिक केतली या छोटा हॉट प्लेट

तीसरा काम का उपकरण इलेक्ट्रिक केतली या छोटा हॉट प्लेट है. इसकी मदद से पानी उबालना, चाय बनाना या इंस्टेंट फूड तैयार करना बहुत आसान हो जाता है. बाजार में यह उपकरण लगभग 500 से 800 रुपये की कीमत में मिल जाता है.

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एयर फ्रायर भी बन सकता है अच्छा विकल्प

अगर आप कम तेल में खाना बनाना चाहते हैं तो एयर फ्रायर भी किचन का एक अच्छा विकल्प हो सकता है. इसमें गर्म हवा के जरिए खाना पकाया जाता है, जिससे फ्रेंच फ्राइज, कटलेट, समोसा और कई स्नैक्स बिना ज्यादा तेल के तैयार किए जा सकते हैं. भारतीय बाजार में बेसिक एयर फ्रायर आमतौर पर करीब 3500 से 7000 रुपये के बीच मिल जाते हैं, हालांकि बड़े और प्रीमियम मॉडल इससे महंगे भी हो सकते हैं.

इतने खर्च में तैयार हो सकता है गैस का विकल्प

अगर इन तीनों उपकरणों की कीमत को जोड़कर देखा जाए तो कुल खर्च लगभग 5000 से 7000 रुपये के बीच आता है. यानी एक बार थोड़ी सी रकम खर्च करके गैस सिलेंडर पर निर्भरता काफी हद तक कम की जा सकती है और किचन का काम बिना रुकावट चलता रह सकता है.

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माइक्रोवेव ओवन भी किचन में आता है काम

माइक्रोवेव ओवन भी गैस की कमी के समय काफी मददगार साबित हो सकता है. इसमें खाना गर्म करने के साथ-साथ सब्जियां, पास्ता, नूडल्स या कुछ हल्की डिश आसानी से बनाई जा सकती हैं. छोटे परिवार के लिए 20 से 25 लीटर के माइक्रोवेव ओवन काफी लोकप्रिय हैं और इनकी कीमत आमतौर पर करीब 5000 से 10000 रुपये के बीच होती है, जो मॉडल और फीचर्स के हिसाब से बदल सकती है.

बिजली से कुकिंग करने पर कितना आएगा खर्च

कई लोगों के मन में यह सवाल भी आता है कि बिजली से खाना बनाने पर बिल कितना बढ़ेगा. भारत के कई राज्यों में घरेलू बिजली का रेट करीब 4 से 8 रुपये प्रति यूनिट के बीच होता है. अगर 2000 वॉट का इंडक्शन कुकटॉप रोज लगभग दो घंटे इस्तेमाल किया जाए तो महीने में करीब 100 से 120 यूनिट बिजली खर्च हो सकती है. ऐसे में बिजली बिल लगभग 600 से 900 रुपये के बीच आ सकता है.

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गैस-फ्री किचन बन सकता है ट्रेंड?

भारत के ज्यादातर घरों में अभी भी LPG मुख्य कुकिंग फ्यूल है, लेकिन शहरों में धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ रहा है. इंडक्शन कुकटॉप, एयर फ्रायर, इलेक्ट्रिक कुकर और माइक्रोवेव जैसे डिवाइस अब आम होते जा रहे हैं. ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बिजली की कीमतें स्थिर रहती हैं और उपकरण सस्ते होते हैं, तो आने वाले समय में गैस-फ्री किचन का ट्रेंड और तेजी से बढ़ सकता है.

ये भी पढ़ें- दुनिया में LPG का सबसे बड़ा उत्पादक देश कौन है? जानें कैसे बनाई जाती है रसोई गैस

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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