हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB

Oracle के बाद Google-Meta समेत 18 अमेरिकी कंपनियां ईरान के निशाने पर! हमला हुआ तो क्या होगा?

गूगल और मेटा समेत 18 अमेरिकी कंपनियों को ईरान की धमकी (File Image for reference)
विज्ञापन

मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच अब जंग का रूप और भी खतरनाक होता दिख रहा है. इस बार निशाने पर मिसाइलें या सैनिक नहीं, बल्कि दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां हैं. ईरान ने दावा किया है कि उसने UAE में Oracle के डेटा सेंटर पर हमला किया है. अगर यह सच साबित होता है, तो यह संकेत है कि अब डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भी युद्ध का हिस्सा बन चुका है.

ईरान का दावा और UAE की चुप्पी

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने कहा है कि उसने दुबई में Oracle के डेटा सेंटर को निशाना बनाया. हालांकि UAE की तरफ से अब तक इस हमले की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. इसी वजह से स्थिति थोड़ी अस्पष्ट बनी हुई है, लेकिन दावे ने इंटरनेशनल लेवल पर चिंता जरूर बढ़ा दी है.

Oracle क्यों बना टारगेट?

बताया जा रहा है कि Oracle का अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस के साथ करीबी संबंध है. इसके अलावा कंपनी के फाउंडर लैरी एलिसन के इजराइल से भी अच्छे रिश्ते माने जाते हैं. ईरान इन्हीं वजहों से Oracle को एक सॉलिड टारगेट मान रहा है और उसे सीधे तौर पर जंग से जुड़ा हुआ बता रहा है.

विज्ञापन

अमेरिकी टेक कंपनियों पर बढ़ता खतरा

ईरान पहले ही साफ कर चुका है कि वह अमेरिकी टेक कंपनियों को टारगेट बना सकता है. इसमें Oracle के अलावा Intel, Amazon, Meta, Microsoft, Apple और Google जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं. फिलहाल Oracle की सेवाओं में किसी बड़े नुकसान या आउटेज की खबर नहीं आई है और कंपनी की तरफ से भी कोई आधिकारिक बयान भी जारी नहीं हुआ है.

Amazon पर पहले हमले के संकेत

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा डेवलपमेंट यह है कि Amazon Web Services (AWS) के डेटा सेंटर पर पहले ही हमले की खबर सामने आ चुकी है. बहरीन में AWS के क्लाउड ऑपरेशन को नुकसान पहुंचा था, जिससे कई डिजिटल सेवाएं प्रभावित हुई थीं. इससे पहले UAE और बहरीन में ड्रोन हमलों के कारण कई डेटा सेंटर प्रभावित हुए थे.

विज्ञापन

18 अमेरिकी कंपनियां ईरान के निशाने पर

ईरान ने हाल ही में 18 अमेरिकी कंपनियों को सीधी चेतावनी दी है. इसमें Apple, Microsoft, Google, Amazon, IBM और Intel जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं. IRGC ने इन्हें आतंकी संस्थाएं तक बताया है और कहा है कि इनके ऑफिस और इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला किया जा सकता है. यहां तक कि कर्मचारियों को भी ऑफिस छोड़ने की चेतावनी दी गई है.

क्यों बदल रहा है जंग का तरीका?

ईरान का आरोप है कि ये टेक कंपनियां अमेरिका और इजराइल की सैन्य और खुफिया गतिविधियों में मदद कर रही हैं. खासतौर पर क्लाउड, AI और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर को अब डिजिटल हथियार की तरह देखा जा रहा है. यही वजह है कि जो डेटा सेंटर पहले सिर्फ टेक्नोलॉजी का हिस्सा थे, अब धीरे-धीरे जंग के मैदान में बदलते नजर आ रहे हैं.

विज्ञापन

ये भी पढ़ें- जंग के बीच ट्रंप के 2 बड़े फैसले, अटॉर्नी जनरल को पद से हटाया, सेना प्रमुख को जबरन किया रिटायर, जानें क्यों?

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

Sponsored Links by Taboola