Instagram Teen Accounts PG-13 Rules: Instagram ने 14 अक्टूबर को एक बड़ा ऐलान किया. अब प्लेटफॉर्म पर सभी टीनेज यूजर्स के अकाउंट ऑटोमैटिकली PG-13 रूल्स पर सेट होंगे. इसका मतलब है कि 18 साल से कम उम्र के बच्चे अब ऐसा कोई कंटेंट नहीं देख पाएंगे जो उनके लिए उम्र के हिसाब से सही नहीं है. सबसे खास बात बच्चे इसे खुद से बंद नहीं कर पाएंगे, इसके लिए पैरेंट्स की परमिशन जरूरी होगी. कंपनी ने इसे अब तक का सबसे बड़ा अपडेट बताया है.
क्या होते हैं टीनेज अकाउंट?
Instagram ने 2024 में Teen Accounts की शुरुआत की थी ताकि बच्चों को प्लेटफॉर्म पर अडल्ट या डिस्टर्बिंग कंटेंट से बचाया जा सके. इसमें कई तरह की ऑटोमैटिक सिक्योरिटी सेटिंग्स होती हैं, जैसे सेक्सुअली सजेस्टिव कंटेंट, ग्राफिक इमेज, हिंसक वीडियो या शराब-सिगरेट से जुड़े ऐड्स को हाइड करना. अब इन सेटिंग्स को और भी सख्त कर दिया गया है.
PG-13 रूल्स में क्या बदलेगा?
Meta के मुताबिक अब टीनेजर्स को वही टाइप का कंटेंट दिखेगा जो किसी PG-13 फिल्म में दिखता है. यानी ज्यादा बोल्ड या डिस्टर्बिंग कंटेंट अब उनके सामने नहीं आएगा. साथ ही ऐसे पोस्ट भी हाइड होंगे जिनमें गाली-गलौज, रिस्की स्टंट या कोई ऐसा मैसेज हो जो खतरनाक बिहेवियर को बढ़ावा देता हो.
ऐसे अकाउंट्स को नहीं कर पाएंगे फॉलो
Instagram अब उन अकाउंट्स पर नजर रखेगा जो रेगुलरली बच्चों के लिए अनफिट कंटेंट शेयर करते हैं. अगर किसी अकाउंट का नाम, बायो या पोस्ट ऐसी कैटेगरी में आते हैं तो टीनेजर्स उन्हें फॉलो ही नहीं कर पाएंगे. अगर वो पहले से किसी ऐसे अकाउंट को फॉलो कर रहे हैं, तो न तो उनकी पोस्ट देख पाएंगे, न मैसेज भेज पाएंगे और न ही कमेंट्स.
पैरेंट्स को मिलेगा ज्यादा कंट्रोल
कंपनी ने कहा है कि पैरेंट्स चाहें तो अब इंस्टाग्राम पर किसी पोस्ट को फ्लैग भी कर पाएंगे यानी अगर उन्हें कुछ ऐसा दिखे जो बच्चों के लिए सही नहीं है, तो वो उसे रिपोर्ट कर सकेंगे. इसके अलावा नया Limited Content मोड भी लाया गया है जिसमें कमेंट सेक्शन बंद रहेगा और फिल्टरिंग और सख्त होगी.
सर्च रिजल्ट में भी सख्ती
Meta पहले से ही सुसाइड, सेल्फ हार्म या ईटिंग डिसऑर्डर जैसे टॉपिक्स पर सर्च ब्लॉक कर चुका है. अब इसमें alcohol, gore और दूसरे मैच्योर कीवर्ड भी जोड़ दिए गए हैं. यहां तक कि अगर कोई इन्हें गलत स्पेलिंग में भी टाइप करे, तो भी रिजल्ट ब्लॉक रहेगा.
दुनिया भर में रोलआउट होगा ये अपडेट
कंपनी के मुताबिक PG-13 रूल्स सबसे पहले अमेरिका, यूके, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में लागू होंगे. साल के आखिर तक बाकी देशों में भी रोलआउट शुरू हो जाएगा. इसके बाद ये सेटिंग उन लोगों पर भी लागू की जाएगी जो झूठी उम्र बताकर 18+ दिखाते हैं.
एक्सपर्ट्स की मिली-जुली राय
कई चाइल्ड सेफ्टी एक्सपर्ट्स ने Meta के इस कदम का स्वागत किया, लेकिन कुछ ने इसे सिर्फ एक PR स्टंट भी बताया. Fairplay और ParentsTogether जैसे संगठनों का कहना है कि कंपनी को सिर्फ बड़े-बड़े ऐलान करने के बजाय असली जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इन फीचर्स को प्रैक्टिकली काम करने लायक बनाना चाहिए. वहीं कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये अपडेट पैरेंट्स और बच्चों के बीच डिजिटल सेफ्टी पर बातचीत शुरू करने का अच्छा मौका हो सकता है.
बच्चों की सेफ्टी की दिशा में बड़ा कदम
हालांकि इस पर बहस जारी है कि ये अपडेट कितना असरदार होगा, लेकिन एक बात साफ है सोशल मीडिया पर बच्चों की सेफ्टी को लेकर अब बड़ी कंपनियां भी सीरियस हो रही हैं. PG-13 गाइडलाइन बच्चों को थोड़ा सुरक्षित और क्लीन ऑनलाइन एक्सपीरियंस दे सकती हैं.
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