आजकल बच्चे और टीनएजर्स सोशल मीडिया का खूब इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसके साथ कई खतरों का सामना भी करना पड़ता है। माता-पिता हमेशा सोचते हैं कि उनका बच्चा ऑनलाइन सुरक्षित है या नहीं। इसी चिंता को दूर करने के लिए इंस्टाग्राम ने एक नई सुविधा शुरू की है। यह फीचर खासतौर पर 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बनाया गया है, जिससे वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल सुरक्षित ढंग से कर सकें। अब माता-पिता को हर बात पर निगरानी नहीं रखनी पड़ेगी क्योंकि इंस्टाग्राम खुद बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखेगा।
इंस्टाग्राम का नया कदम
इंस्टाग्राम ने टीनएजर्स के लिए अपने प्लेटफॉर्म को और भी सुरक्षित बनाने की दिशा में एक नया कदम उठाया है। मेटा ने “टीनेज अकाउंट्स” नाम की सुविधा की घोषणा की है, जिसे भारत सहित कई देशों में टीनएजर्स के लिए शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य टीनएजर्स को सुरक्षित डिजिटल अनुभव देना और माता-पिता की जिम्मेदारी को थोड़ा कम करना है। मेटा की ग्लोबल पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर तारा हॉपकिंस के अनुसार, 18 साल से कम उम्र के सभी यूजर को इंस्टाग्राम पर सबसे सख्त सेटिंग्स में रखा जाएगा। इसमें यह तय किया गया है कि टीनएजर्स को कौन मैसेज भेज सकता है, वे कौन-सा कंटेंट देख सकते हैं और कितना समय ऐप पर बिता सकते हैं। साथ ही रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक सभी नोटिफिकेशन म्यूट कर दिए जाते हैं।
97% टीनएजर्स अब भी स्ट्रिक्ट सेटिंग्स में
हॉपकिंस ने बताया कि अब तक 54 मिलियन (5.4 करोड़) “टीनेज अकाउंट्स” में शामिल हो चुके हैं और यह आंकड़ा भारत, जापान और इंडोनेशिया जैसे बड़े देशों के आंकड़े शामिल किए बिना है। खास बात यह है कि 13 से 15 वर्ष के 97% टीनएजर्स अब भी इन स्ट्रिक्ट सेटिंग्स में ही बने हुए हैं। पहले टीनएजर्स खुद अपने अकाउंट को पब्लिक बना सकते थे, लेकिन अब अगर कोई 16 साल से कम उम्र का यूजर ऐसा करना चाहता है तो उसे माता-पिता की अनुमति लेनी होगी। इसके अलावा माता-पिता को उस अकाउंट की निगरानी का अधिकार भी दिया जाएगा। हॉपकिंस ने कहा कि हम चाहते हैं कि माता-पिता को यह भरोसा हो कि हम पर्दे के पीछे से अपने स्तर पर सुरक्षा दे रहे हैं।
उम्र की पुष्टि के लिए नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
उम्र की सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए इंस्टाग्राम ने ब्रिटिश कंपनी की टेक्नोलॉजी का सहारा लिया है। इसके अलावा अगर कोई अकाउंट रिपोर्ट किया जाता है तो उसमें बताए गए उम्र और प्रोफाइल फोटो जैसी जानकारियों में विरोधाभास देखा जाता है। इसके अलावा फॉलोअर्स की उम्र और ऐप स्टोर से प्राप्त जानकारी से भी उम्र की पुष्टि की जा सकेगी। कंपनी यह भी देखती है कि कोई नया यूजर अकाउंट बनाने के तुरंत बाद अपनी उम्र बदलने की कोशिश तो नहीं कर रहा है। यह एक बड़ी चुनौती है, जिसे सोशल मीडिया के साथ-साथ पूरे इंटरनेट की समस्या माना जाता है।
अनजान लोग नहीं कर पाएंगे संपर्क
टीनेज अकाउंट्स में अगर आप किसी से पहले से जुड़े नहीं हैं तो वह आपको मैसेज नहीं कर सकता, न ही आपको टैग या मेंशन कर सकता है। इससे टीनएजर्स को अनजान लोगों से संपर्क नहीं होगा। तारा हॉपकिंस के अनुसार, “टीनएजर्स नहीं चाहते कि उन्हें कोई खराब या अजीब कंटेंट दिखे और इसी वजह से 97% टीनएजर्स स्ट्रिक्ट सेटिंग्स में ही रहना पसंद कर रहे हैं।” इंस्टाग्राम को लगता है कि टीनएजर्स इस नई व्यवस्था के कारण ऐप का उपयोग कम कर सकते हैं, लेकिन कंपनी इसके लिए तैयार है क्योंकि उनका उद्देश्य माता-पिता का विश्वास जीतना है।