फोन से गलती से डिलीट हो गया जरूरी नोटिफिकेशन? ऐसे मिलेगा दोबारा, Android का ये फीचर आएगा काम

जल्दबाजी में नोटिफिकेशन साफ करते समय अगर कोई जरूरी मैसेज या बैंक अलर्ट डिलीट हो गया है, तो घबराने की जरूरत नहीं. अब आप इसे फिर से देख सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे?

Notification History

फोन से गलती से डिलीट हो गया जरूरी नोटिफिकेशन? ऐसे मिलेगा दोबारा. (Image Credit-AI)

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कई बार हम जल्दबाजी में एंड्रॉयड फोन के नोटिफिकेशन पैनल को एक साथ साफ कर देते हैं. बाद में याद आता है कि इसी में WhatsApp का जरूरी मैसेज, बैंक का अलर्ट, कोई रिमाइंडर या ऑनलाइन ऑर्डर की डिलीवरी से जुड़ी जानकारी भी थी. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. एंड्रॉयड स्मार्टफोन में एक ऐसा फीचर मिलता है, जिसकी मदद से हटाए गए नोटिफिकेशन को दोबारा देखा जा सकता है.

क्या वापस देख सकते हैं डिलीट हुए नोटिफिकेशन?

एंड्रॉयड का Notification History फीचर इस काम में काफी मददगार है. इसे एक तरह के नोटिफिकेशन की तरह समझ सकते हैं. जब आप किसी अलर्ट को स्वाइप करके हटा देते हैं तो वह तुरंत पूरी तरह खत्म नहीं होता. सिस्टम उसे Notification History में 24 घंटे तक सुरक्षित रखता है. हालांकि, 24 घंटे पूरे होने के बाद पुराने नोटिफिकेशन हमेशा के लिए डिलीट हो जाते हैं.

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क्या यह फीचर पुराने नोटिफिकेशन भी दिखाता है?

नहीं, Notification History को एक्टिवेट करने से पहले हटाए गए नोटिफिकेशन इसमें नहीं मिलेंगे. यानी अगर आपने आज यह फीचर ऑन किया है तो इससे पहले डिलीट किए गए पुराने मैसेज या अलर्ट दिखाई नहीं देंगे. फीचर चालू होने के बाद आने वाले नोटिफिकेशन का रिकॉर्ड ही इसमें सेव होगा.

फोन में Notification History कैसे ऑन करें?

इस फीचर को एक्टिवेट करने के लिए सबसे पहले फोन की Settings खोलें. इसके बाद Notifications ऑप्श पर जाएं. यहां आपको Notification History का ऑप्शन दिखाई देगा. उस पर टैप करने के बाद स्क्रीन पर दिए गए टॉगल बटन को ऑन कर दें. इसके बाद फीचर काम करना शुरू कर देगा और आगे आने वाले नोटिफिकेशन हिस्ट्री में सेव होते रहेंगे.

क्या अलग-अलग ऐप के नोटिफिकेशन भी देख सकते हैं?

Notification History में आप मिस हुए अलर्ट को ऐप के हिसाब से देख सकते हैं. उदाहरण के लिए Gmail, Instagram या दूसरे ऐप से आए नोटिफिकेशन भी यहां नजर आ सकते हैं. इससे गलती से हटाए किसी जरूरी अलर्ट को दोबारा ढूंढना आसान हो जाता है.

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क्या Notification History से प्राइवेसी का खतरा है?

यह फीचर जितना उपयोगी है उतना ही इसका इस्तेमाल करते समय प्राइवेसी का ध्यान रखना भी जरूरी है. Notification History में कई बार मैसेज का प्रीव्यू भी दिखाई देता है. ऐसे में अगर आपका फोन अनलॉक है, तो कोई दूसरा व्यक्ति आपकी निजी चैट, बैंक अलर्ट या दूसरे संवेदनशील नोटिफिकेशन पढ़ सकता है.

फोन को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?

अगर आप Notification History का इस्तेमाल करते हैं तो फोन पर मजबूत पिन या पासवर्ड जरूर लगाकर रखें फिंगरप्रिंट लॉक का इस्तेमाल करना भी बेहतर ऑप्शन है. इससे अगर फोन किसी दूसरे व्यक्ति के हाथ में चला जाए, तो आपकी निजी जानकारी और जरूरी नोटिफिकेशन आसानी से कोई नहीं देख पाएगा.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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