Google Play Store Warning For Battery Draining Apps: स्मार्टफोन यूजर्स की सबसे बड़ी परेशानियों में से एक है फोन की बैटरी का जल्दी खत्म होना. कई बार इसकी वजह ऐसे एप्स होते हैं जो हम डाउनलोड तो कर लेते हैं, लेकिन वे बैकग्राउंड में लगातार चलते रहते हैं और बैटरी तेजी से खपत करते हैं. अब गूगल ने ऐसे एप्स पर सख्ती करने की तैयारी कर ली है. जल्द ही गूगल प्ले स्टोर पर उन एप्स के पेज पर चेतावनी लेबल दिखाई देगा जो जरूरत से ज्यादा बैटरी खर्च करते हैं, ताकि यूजर्स डाउनलोड करने से पहले ही सावधान हो सकें.

एप्स पर दिखेगा चेतावनी लेबल

गूगल अब ऐसे एप्स की पहचान करेगा जो फोन की स्क्रीन बंद होने के बाद भी बैकग्राउंड में लंबे समय तक एक्टिव रहते हैं. अगर कोई एप जरूरत से ज्यादा बैटरी इस्तेमाल करता पाया गया, तो उसके प्ले स्टोर पेज पर एक खास चेतावनी लेबल दिखाया जाएगा. इसका मकसद यूजर्स को पहले से जानकारी देना है ताकि वे सोच-समझकर एप डाउनलोड करें.

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वेक लॉक टेक्निक से होगी पहचान

ऐसे एप्स को पकड़ने के लिए गूगल एक खास पैमाना इस्तेमाल कर रहा है जिसे ‘वेक लॉक’ (Wake Lock) मैकेनिज्म कहा जाता है. यह तकनीक फोन की स्क्रीन बंद होने के बाद भी प्रोसेसर यानी CPU को चालू रखती है. कुछ जरूरी काम जैसे म्यूजिक प्ले करना या लोकेशन ट्रैक करना इसी तकनीक से चलते हैं. लेकिन अगर कोई एप जरूरत से ज्यादा समय तक इसका इस्तेमाल करता है, तो वह बैटरी को तेजी से खत्म कर सकता है.

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कैसे तय होगा बैटरी का लेबल

गूगल के मुताबिक, अगर कोई एप पिछले 28 दिनों में इस्तेमाल बंद होने के बाद भी 5 प्रतिशत से ज्यादा समय तक बैकग्राउंड में एक्टिव रहता है, तो उसे ‘खराब बर्ताव’ वाली कैटेगरी में रखा जाएगा. ऐसे एप्स पर प्ले स्टोर में चेतावनी दिखाई जाएगी, जिससे यूजर्स को पहले ही पता चल सकेगा कि यह एप बैटरी पर भारी पड़ सकता है.

सिर्फ चेतावनी नहीं, मिल सकती है सजा

गूगल सिर्फ यूजर्स को अलर्ट करने तक ही सीमित नहीं रहेगा. जिन एप्स की बैटरी खपत बहुत ज्यादा होगी, उन्हें गूगल प्ले स्टोर की सिफारिशों से भी हटाया जा सकता है. यानी ऐसे एप्स अब प्ले स्टोर पर कम दिखाई देंगे और उन्हें डाउनलोड होने की संभावना भी कम हो जाएगी.

इस कदम से आम यूजर्स को कई फायदे मिलेंगे. सबसे पहले, वे ऐसे एप्स को डाउनलोड करने से बच सकेंगे जो फोन की बैटरी को जल्दी खत्म करते हैं. इसके अलावा, डेवलपर्स पर भी दबाव बनेगा कि वे अपने एप्स को बेहतर तरीके से ऑप्टिमाइज करें. इससे एंड्रॉयड यूजर्स को बेहतर बैटरी लाइफ और स्मूद परफॉर्मेंस मिल सकेगी.

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