Google Chrome Alert: Google ने हाल ही में अपने पॉपुलर वेब ब्राउजर Chrome के लिए एक नया अपडेट जारी किया है, जिसमें चार खतरनाक खामियों को ठीक किया गया है। यह खामियां आपके डिवाइस को साइबर हमलों के प्रति Sensitive बना सकती हैं। Chrome दुनिया में लगभग 3.5 अरब लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है, जिससे यह हैकर्स के लिए प्रमुख निशाना बन गया है। इनमें से दो खामियां Google के ओपन-सोर्स जावास्क्रिप्ट इंजन V8 में पाई गईं, जो कि ब्राउजर की functionality का एक मेजर हिस्सा है।
इसके अलावा, दो और खामियां ग्राफिक्स लाइब्रेरी Skia में थीं, जो इमेज रेंडरिंग के लिए इस्तेमाल होती हैं। Google ने इन खामियों को दूर करने के लिए यूजर्स से ब्राउजर अपडेट करने की अपील की है। इस खतरे से बचने के लिए आपको अपने Chrome ब्राउजर का वर्जन नंबर चेक करके तुरंत अपडेट करना चाहिए।
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Chrome बना हैकर्स का निशाना
Chrome दुनियाभर में 3.5 अरब से अधिक लोगों द्वारा उपयोग किया जाता है, जिससे यह सबसे लोकप्रिय ब्राउजर बन गया है। इसी वजह से यह हैकर्स के लिए भी एक पसंदीदा निशाना है। 28 अगस्त को Google ने एक अपडेट जारी कर चार खामियों को दूर किया है। इन खामियों में दो गूगल के JavaScript Engine V8 में थीं, जो Chrome का इम्पोर्टेन्ट हिस्सा है और हैकर्स के लिए एक बड़ा लक्ष्य है।
V8 और हीप बफर ओवरफ्लो में खामियां
V8 JavaScript Engine की खामियों का फायदा उठाकर हैकर्स आसानी से मालवेयर (वायरस) डाल सकते थे। इसके अलावा, हीप बफर ओवरफ्लो की खामियां भी पाई गईं, जो Skia ग्राफिक्स लाइब्रेरी को इफेक्ट करती हैं। इसका इस्तेमाल इमेज रेंडरिंग के लिए किया जाता है। इन खामियों के जरिए कोई दूर बैठा हैकर यूजर की पर्सनल जानकारी तक पहुंच सकता है या बिना अनुमति कोड चला सकता है।
अपडेट कैसे चेक करें?
Google ने यूजर्स को सलाह दी है कि वे अपने Chrome ब्राउजर के वर्जन की जांच करें। इसके लिए आपको ब्राउज़र के टॉप-राइट कॉर्नर पर तीन डॉट्स पर क्लिक करना होगा, फिर “Help” पर जाकर “About Google Chrome” पर क्लिक करना होगा। यदि अपडेट उपलब्ध है, तो आपको “Relaunch” पर क्लिक करके उसे इंस्टॉल करना होगा।
Google का सेफ्टी उपाय
Chrome का Stable चैनल अब Windows और Mac के लिए 128.0.6613.113/.114 और Linux के लिए 128.0.6613.113 पर अपडेट हो चुका है। Google का कहना है कि यह चैनल पूरी तरह से टेस्ट किया गया है और इसे नियमित रूप से अपडेट किया जाता है ताकि यूजर्स को बेहतर सुरक्षा मिल सके।
जीरो-डे कमजोरियों का बढ़ता खतरा
हालांकि Google की टीम सुरक्षा खामियों को जल्दी ठीक करने की कोशिश करती है, फिर भी साइबर अपराधी लगातार नई कमजोरियों का फायदा उठाने में सफल हो रहे हैं। 2023 में अब तक 97 जीरो-डे कमजोरियों की पहचान की गई है, जिनमें से 8 Chrome पर आधारित थीं। जीरो-डे कमजोरियां वो होती हैं, जिनका फायदा हैकर्स सॉफ्टवेयर अपडेट से पहले ही उठा लेते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अपने फोने या लैपटॉप को हैक होने से बचाने के लिए अपने फोने को लगातार अपडेट करते रहें ।
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