फोन में हमेशा Low Power Mode या Battery Saver ऑन रखते हैं? बैटरी बचाने के चक्कर में हो सकते हैं ये 6 नुकसान

फोन की बैटरी बचाने के लिए पूरे दिन Low Power Mode ऑन रखते हैं? आपकी यह आदत फोन की कई जरूरी सुविधाओं पर असर डाल सकती है. जानिए हमेशा Battery Saver चालू रखने के क्या नुकसान हैं.

Low Power Mode disadvantages

फोन को हमेशा बैटरी सेवर मोड पर रखना भारी पड़ सकता है. (Image Credit-AI)

फोन की बैटरी जल्दी खत्म न हो, इसके लिए कई लोग पूरे दिन Low Power Mode या Battery Saver ऑन खते हैं. इससे बैटरी की खपत कम करने में मदद मिलती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस सेटिंग को हमेशा चालू रखने से फोन के इस्तेमाल का अनुभव भी बदल सकता है. स्क्रीन की स्मूदनेस कम होने से लेकर नोटिफिकेशन देर से मिलने और फोटो का बैकअप रुकने तक, इसका असक कई चीजों पर पड़ सकता है. iPhone और Android फोन में बैटरी सेवर मोड का काम करने का तरीका अलग हो सकता है. ऐसे में इसे हर समय चालू रखने से पहले इसके नुकसान जान लेना जरूरी है.

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स्क्रीन की स्मूदनेस हो सकती है कम

Low Power Mode चालू होने पर कुछ फोन में स्क्रीन का रिफ्रेश रेट कम हो सकता है. इसका असर स्क्रॉलिंग, एनिमेशन और गेमिंग के दौरान दिखाई देता है. स्क्रीन पहले की तरह स्मूद नहीं लगती और फोन इस्तेमाल करते समय यह अंतर महसूस हो सकता है. iPhone में इसका असर ज्यादा नजर आ सकता है, जबकि Android फोन में यह एक्सपीरियंस ब्रांड और उसकी सेटिंग्स पर निर्भर करता है. कुछ डिवाइस में टाइपिंग के दौरान मिलने वाला हैप्टिक फीडबैक भी बंद हो सकता है.

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नोटिफिकेशन में हो सकती है देरी

बैटरी बचाने के लिए यह मोड ऐप्स की बैकग्राउंड एक्टिविटी को सीमित कर देता है. इससे ईमेल और दूसरे ऐप्स के अपडेट समय पर नहीं मिल सकते. कुछ Android फोन में WhatsApp जैसे मैसेजिंग ऐप्स के नोटिफिकेशन भी देर से आ सकते हैं. अगर आप काम या जरूरी बातचीत के लिए फोन पर आने वाले अलर्ट पर निर्भर रहते हैं, तो यह परेशान पैदा कर सकता है.

रुक सकता है फोटो और वीडियो का बैकअप 

iPhone में Low Power Mode चालू रहने पर iCloud फोटोस का सिंक्रोनाइजेशन रुक सकता है. ऐसे में फोन में मौजूद फोटो और वीडियो का क्लाउड बैकअप समय पर नहीं हो पाएगा. वहीं गूगल फोटोस और गूगल ड्राइव जैसे ऐप्स भी कई कामों के लिए बैकग्राउंड एक्टिविटी  पर निर्भर करते हैं. बैटरी सेवर लगाातार चालू रहने पर फाइलों को सिंक करने या बैकअप पूरा होने में देरी हो सकती है.

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स्क्रीन की ब्राइटनेस पर असर

बैटरी की खपत कम करने के लिए iPhone और Android फोन स्क्रीन की अधिकतम ब्राइटनेस घटा सकते हैं. इसके अलावा, स्क्रीन टाइमआउट का समय भी कम हो सकता है. यानी फोन इस्तेमाल करते समय स्क्रीन जल्दी बंद हो सकती है. कई फोन में Always-On Display भी बंद हो जाता है. इससे बैटरी तो बच सकती है, लेकिन स्क्रीन देखने और फोन की कुछ सुविधाओं का इस्तेमाल करने का तरीका बदल जाता है.

5G और लाइव लोकेशन जैसे फीचर्स पर पड़ सकता है असर

iPhone में Low Power Mode ज्यादातर समय 5जी कनेक्टिविटी को सीमित करता है. इसके अलावा, बैकग्राउंड एक्टिविटी कम होने से लाइव लोकेशन शेयरिंग कर सकता है. हालांकि इसका असर फोन के मॉडल, नेटवर्क और इस्तेमाल की जा रही सेटिंग्स के हिसाब से अलग हो सकता है.

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हर समय बैटरी सेवर चालू रखने से कितना फायदा?

Low Power Mode का मुख्य काम बैटरी की खपत कम करके फोन को ज्यादा देर तक चलाना है. लेकिन इसे पूरे दिन चालू रखने से हर बार बड़ा फायदा मिले, यह जरूरी नहीं है. अगर आप लगातार स्क्रीन इस्तेमाल करते हैं और अलग-अलग ऐप्स चलाते रहते हैं, तो कम रिफ्रेश रेट और सीमित बैकग्राउंड एक्टिविटी से होने वाली बैटरी की बचत कम हो सकती है. इसलिए बैटरी सेवर को हर समय चालू रखने के बजाय जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करना बेहतर है.

बैटरी बचाने के लिए क्या करें?

अगर आप फोन की बैटरी लंबे समय तक चलाना चाहते हैं, तो Low Power Mode के अलावा भी कुछ तरीके अपना सकते हैं. गैर-जरूरी ऐप्स की बैकग्राउंड एक्टिविटी सीमित करें, Always-On Display बंद रखें और जरूरत के हिसाब से डार्क मोड का इस्तेमाल करें. इससे बैटरी की खपत कम करने में मदद मिल सकती है और फोन की दूसरी सुविधाओं पर भी कम असर पड़ेगा.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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