Fact Check : राजस्‍थान विधानसभा चुनाव में टोंक से कांग्रेस के प्रत्‍याशी सचिन पायलट ने अपना नामांकन भर दिया है। इसके बाद से सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसे सचिन पायलट की नामांकन की तस्वीर बताया जा रहा है। इसमें भारी संख्‍या में लोगों का हुजूम दिखाई दे रहा है, जिन्हें सचिन पायलट के समर्थक बताया जा रहा है। यह तस्वीर जब हमारे पास पहुंची तो हमने फैक्ट चेक किया तो पता चला कि यह तस्वीर 2018 की तेलंगाना की है। तेलंगाना में कांग्रेस ने 2018 में रोड शो किया था यह तस्वीर उसी से जुड़ी है। इस फोटो को सचिन पायलट से जोड़कर भ्रम फैलाया जा रहा है। वायरल तस्वीर में क्या है? वायरल तस्वार को एक फेसबुक यूजर महेन्द्र चिरावण्डा करौली ने 31 अक्‍टूबर को शेयर किया है। भीड़ की एक तस्‍वीर को सचिन पायलट के नामांकन की बताकर पोस्‍ट करते हुए दावा किया, 'तस्वीर विचलित करने वाली है...आज टोंक में सचिन पायलट के नामांकन की तस्वीर। वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों लिखा गया है। पोस्‍ट को सच समझकर दूसरे यूजर्स भी इसे वायरल कर रहे हैं। पड़ताल में क्या सामने आया? वायरल तस्‍वीर की पड़ताल के लिए हमने इसे गूगल लेंस टूल की मदद से सर्च करना शुरू किया। यह तस्‍वीर कांग्रेस के तेलंगाना में हुए एक रोड शो की साबित हुई। इस तस्‍वीर को 5 दिसंबर 2018 में मोहम्‍मद अजहरुद्दीन ने अपने एक्‍स हैंडल पर पोस्‍ट किया था। इसमें तस्‍वीर को तेलंगाना की बताया गया। तस्‍वीर को जब गूगल रिवर्स इमेज सर्च टूल के जरिए खोजा गया तो एक्‍स हैंडल srivatsayb ने इस तस्‍वीर के साथ दूसरे एंगल की दो और तस्‍वीरों को पोस्‍ट किया था। इस पोस्‍ट में भी इन तस्‍वीरों को तेलंगाना का बताया गया। जांच के अंत में तेलंगाना की तस्‍वीर को राजस्‍थान के टोंक की बताकर वायरल करने वाले यूजर की जांच की गई। फेसबुक यूजर महेन्द्र चिरावण्डा करौली को चार हजार से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर एक राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ है। यूजर दौसा का रहने वाला है। आखिर वायरल टेस्ट में यह तस्वीर तेलंगाना की निकली जो राजस्थान की बताकर शेयर की जा रही है। यह भी पढ़ें : Fact Check : बस में महिलाओं के बीच बहस वाला वीडियो सांप्रदायिक नहीं बल्कि छात्राओं के प्रदर्शन का है