CJI सूर्यकांत द्वारा दिए गए कॉकरोच वाले बयान के बाद से ही सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ चुकी है. इस बयान के विरोध में एक पार्टी जिसका नाम 'कॉकरोच जनता पार्टी' बन गई और देखते ही देखते अब इस पार्टी के इंस्टाग्राम हैंडल पर 9 मिलियन से भी ज्यादा फॉलोवर्स हो गए हैं और यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. वहीं, दूसरी ओर अगर भाजपा की बात करें तो इंस्टाग्राम पर बीजेपी के 87 लाख और कांग्रेस के 1.32 करोड़ फॉलोअर हैं.

किसने बनाई है ये पार्टी?

कॉकरोच जनता पार्टी महाराष्ट्र के अभिजीत दीपके ने बनाई है। इसका नारा है- ‘सेक्युलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक, लेजी।’ पार्टी के महज एक दिन में ही 40 लाख से ज्यादा फॉलोअर बढ़ चुके हैं.

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CJI के बयान में क्या था?

दरअसल, 15 मई को कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि CJI सूर्यकांत ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी. CJI ने एक दिन बाद ही कहा कि उन्होंने ऐसा नहीं कहा.

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अभिजीत दीपके ने जारी किया पार्टी का लोगो

पार्टी की सदस्यता के लिए क्या हैं योग्यताएं?

  • पहली- बेरोजगारी.
  • दूसरी- आलसी होना यानी डले रहो, पड़े रहो.
  • तीसरी- ऑनलाइन रहने की लत.
  • चौथी- प्रोफेशनली भड़ास निकालने की क्षमता.

कॉकरोज पार्टी ने जारी किया अपना मैनिफेस्टो

  • अगर CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी सरकार में आती है तो रिटायरमेंट के बाद किसी भी CJI को राज्यसभा जाने का रिवॉर्ड नहीं मिलेगा.
  • अगर कोई वैध वोट डिलीट किया जाएगा, तो मुख्य चुनाव आयुक्त को UAPA में गिरफ्तार किया जाएगा क्योंकि किसी के वोटिंग का अधिकार छीनना आतंकवाद से कम नहीं.
  • महिलाओं के लिए 50% का आरक्षण होगा, न कि 33%. इसके लिए सांसदों की संख्या भी नहीं बढ़ाई जाएगी. कैबिनेट में भी महिलाओं के लिए 50% आरक्षण होगा.
  • अंबानी और अडाणी के सभी मीडिया संस्थानों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे, ताकि वास्तव में स्वतंत्र मीडिया को जगह मिल सके. गोदी मीडिया एंकरों के बैंक अकाउंट्स की जांच कराई जाएगी.
  • अगर कोई विधायक या सांसद दलबदल कर दूसरी पार्टी में जाता है तो उसके चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगाई जाएगी. उसे अगले 20 साल तक किसी भी पब्लिक ऑफिस में पद नहीं दिया जाएगा.

AAP में काम कर चुके हैं अभिजीत दीपके

अभिजीत अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन की मास्टर डिग्री कर रहे हैं. वो 2020 से 2023 तक आम आदमी पार्टी (AAP) की सोशल मीडिया टीम में वॉलंटियर भी रह चुके हैं.

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उन्होंने BBC को बताया, 'मैं X पर CJI का बयान देख रहा था, जहां पर वो सिस्टम की आलोचना करने और राय देने के लिए देश के युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवियों से कर रहे थे.

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सोशल मीडिया पर मैंने इस पर अपनी राय दी. मैंने पूछा कि सब कॉकरोच एक साथ आ जाएं तो क्या होगा. मुझे Gen Z और 25 साल तक के युवाओं के कमाल के जवाब मिले. उन्होंने कहा कि हमें साथ आना चाहिए और एक प्लेटफॉर्म बनाना चाहिए. फिर क्या था मैंने CJP बना ली.

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कितने है CJP के फॉलोअर्स?

अभिजीत दीपके द्वारा बनाई गई कॉकरोच जनता पार्टी के इस समय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर 9 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स बन चुके हैं और ये संख्या लगातार बढ़ती जा रही है.

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क्या केजरीवाल को ज्वाइन करेगी कॉकरोच पार्टी?

खबरों के अनुसार, अरविंद केजरीवाल के सवाल पर अभिजीत ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि वो चाहें तो अपना समर्थन दे सकते हैं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि 'जेन-जी' (Gen-Z) का कोई भी युवा यह चाहेगा कि इस आंदोलन में कोई भी स्थापित राजनीतिक दल शामिल हो.

क्या 2029 का चुनाव लड़ेगी कॉकरोच पार्टी?

आज तक को दिए गए एक इंटरव्यू में अभिजीत दीपके ने बताया कि इस बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. इस आंदोलन को शुरू हुए अभी सिर्फ तीन दिन हुए हैं. हम युवाओं से बात करेंगे, उनकी राय लेंगे कि हमें आगे क्या कदम उठाना चाहिए और क्या नहीं. क्योंकि उनकी सबसे बड़ी शिकायत यही है कि देश की कोई भी पार्टी उनकी बात नहीं सुनती, उन्हें पूरी तरह अनदेखा कर दिया जाता है. लेकिन अब इस आंदोलन के परिणाम स्वरूप स्थिति बदल रही है, स्थापित पार्टियां भी अब मजबूरन हमारे इस मूवमेंट पर नजर रख रही हैं. कई बड़े नेता हमें समर्थन देने की बात कह रहे हैं. लेकिन जेन-जी के युवाओं ने अपना मन साफ कर लिया है. वे मुझसे लगातार कह रहे हैं, 'अभिजीत, आप जो चाहें करें, लेकिन किसी भी पारंपरिक राजनीतिक दल की परछाई इस आंदोलन पर नहीं पड़नी चाहिए.'

CJI ने सफाई में क्या कहा?

चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने बीते शनिवार को अपनी पैरासाइट और कॅाकरोच वाली टिप्पणी पर सफाई दी. उन्होनें कहा कि मीडिया के एक वर्ग ने मेरी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया.

CJI ने कहा, 'मेरी टिप्पणी खास तौर पर उन लोगों के लिए थी, जो फर्जी और नकली डिग्रियों के सहारे वकालत जैसे पेशों में आ गए हैं. मीडिया, सोशल मीडिया और दूसरे सम्मानित पेशों में भी ऐसे लोग घुस आए हैं. वे परजीवियों जैसे हैं.'

दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि चीफ जस्टिस ने 15 मई को एक मामले की सुनवाई करते हुए देश के बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवियों से की थी.