हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

क्या आम आदमी भी खरीद सकता है बुलेटप्रूफ जैकेट, कौन थी इसे बनाने वाली दुनिया की पहली कंपनी?

आधुनिक सॉफ्ट बॉडी आर्मर में इस्तेमाल होने वाले मजबूत फाइबर गोली को पकड़कर उसकी ऊर्जा को सोख लेते हैं. इससे गोली के शरीर में घुसने की संभावना कम हो जाती है.

विज्ञापन

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव और सुरक्षा के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने 52 नेताओं को बुलिटप्रूफ जैकेट देने का ऐलान किया है, जिसमें खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विपक्ष के नेता समाजवादी पार्टी चीफ अखिलेश यादव भी शामिल हैं. जैसा कि आप जानते होंगे कि बुलिटप्रूफ जैकेट का इस्तेमाल शरीर पर लगने वाली गोलियों को रोकने के लिए किया जाता है, लेकिन क्या आप इस ‘सुरक्षा कवच’ के इतिहास के बारे में जानते हैं. क्या आप जानते हैं भारत में एक आम आदमी बुलेटप्रूफ जैकेट खरीद सकता है या नहीं? इस आर्टिकल में आज हम आपको इन्हीं सवालों का जवाब देने की कोशिश करेंगे.

बुलेटप्रूफ जैकेट की कहानी

बख्तरबंद पैसेंजर गाड़ियां बनाने वाली कंपनी Armormax के मुताबिक बुलेट से सुरक्षा देने वाले कवच यानी बुलेटप्रूफ जैकेट का इतिहास 100 साल से भी ज्यादा पुराना है. 19वीं सदी में अमेरिकी सर्जन जॉर्ज ई गुडफेलो ने देखा था कि रेशम की कई तहें गोली की रफ्तार को कम कर सकती हैं. इसके बाद करीब 1893 में पादरी कैसिमिर जेग्लेन ने रेशम की परतों से शुरुआती बुलेट-रेसिस्टेंट जैकेट तैयार की. उनकी कंपनी ‘सेकेंड चांस बॉडी आर्मर’ को दुनिया में बुलेटप्रूफ जैकेट बनाने वाली पहली कंपनी और कैसिमिर जेग्लेन को पहले बुलेटप्रूफ जैकेट का आविष्कारक माना जाता है.

यह भी पढ़ें: अखिलेश, मायावती और अपर्णा यादव…, यूपी चुनाव से पहले 52 बड़े नेताओं को मिली बुलेट प्रूफ जैकेट

विज्ञापन

समय के साथ जैकेट में हुए कई बदलाव

हालांकि बदलते समय के साथ और ज्यादा हाईटेक तकनीकों की मदद से बुलेटप्रूफ जैकेट में बदलाव किया गया. दूसरे विश्व युद्ध के दौरान फ्लैक जैकेट इस्तेमाल हुईं, जो जवानों को धमाके से निकलने वाले टुकड़ों से सुरक्षा प्रदान करती थी. असली बड़ा बदलाव 1965 में आया, जब फेमस अमेरिकन केमिस्ट ‘स्टेफनी क्वोलेक’ ने केवलर (Kevlar) फाइबर विकसित किया. 1970 के दशक में इसी तकनीक पर आधारित हल्की बुलेट-रेसिस्टेंट जैकेट बाजार में आने लगीं. भारत में भी भी अब कई आधुनिक बुलेटप्रूफ जैकेट्स बनाई जानी लगी हैं.

गोली लगने पर कैसे बचाती है जैकेट?

आधुनिक सॉफ्ट बॉडी आर्मर में इस्तेमाल होने वाले मजबूत फाइबर गोली को पकड़कर उसकी ऊर्जा को सोख लेते हैं. इससे गोली के शरीर में घुसने की संभावना कम हो जाती है. हालांकि, राइफल की तेज रफ्तार गोलियों और घातक हथियारों के सामने सॉफ्ट आर्मर टिक नहीं सकता, ऐसे मामलों में सिरेमिक, स्टील या पॉलीएथिलीन जैसी हार्ड प्लेटों का इस्तेमाल किया जाता है.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: कहानी उस जूते की, जो बिहार में बना, रूस में पहना गया और यूक्रेन में सुनाई दी धमक…आत्मनिर्भर भारत

क्या भारत में आम नागरिक इसे खरीद सकता है?

भारत में आम नागरिकों के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने पर कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन परिस्थितियों और स्थानीय नियमों का ध्यान रखना आवश्यक है. पत्रकार, सुरक्षाकर्मचारी और जोखिम वाले इलाकों में अपनी सुरक्षा के लिए जैकेट का इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि बुलेटप्रूफ जैकेट खरीदने से पहले आपको स्थानीय नियमों की जानकारी होना आवश्यक है. अगर आप बुलेटप्रूफ जैकेट खरीद रहे हैं तो आपको सामान्य जैकेट और सुरक्षा कवच वाले जैकेटों में डिफ्रेंस पता होना चाहिए. खरीदने से पहले प्रमाण पत्र और परीक्षण दस्तावेज, सुरक्षा रेटिंग, निर्माण तिथि, वारंटी और एक्सपायरी डेट भी जरूर चेक कर लेना चाहिए.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola